फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Doctors, Nurses and medical staffs are real heroes in war against coronavirus pandemic

LadengeCoronaSe: जान की बाजी लगाकर मरीजों की जान बचाने में जुटे ‘भगवान’, विपरीत हालात में कर रहे संघर्ष

Mon, 30 Mar 2020 04:40 AM IST
Rajeev Rai वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Rajeev Rai Updated Mon, 30 Mar 2020 04:40 AM IST
सार

  • पारिवारिक मोर्चे पर समझौते कर अस्पतालों में देखभाल में लगे डॉक्टर और चिकित्साकर्मी 
  • इटली, स्पेन से लेकर अमेरिका, ब्रिटेन और भारत में विपरीत हालात में कर रहे संघर्ष

विज्ञापन
Doctors, Nurses and medical staffs are real heroes in war against coronavirus pandemic
कैलिफोर्निया के लॉस एंजिलिस में बीच के किनारे बनाए गए अस्थाई होम क्वारंटीन

विस्तार

दुनियाभर में चिकित्साकर्मी कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में सबसे बड़े योद्धाओं की भूमिका निभा रहे हैं। वे कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए दिन-रात अस्पतालों में डटे हैं। हालांकि, इस लड़ाई में उन्हें पारिवारिक मोर्चे पर काफी त्याग भी करना पड़ रहा है। संक्रमितों की देखभाल कर घर लौटने पर डॉक्टर-नर्सों को न सिर्फ मजबूरन अपने माता-पिता, पत्नी और बच्चों से दूर रहना पड़ रहा है बल्कि वे घर के सुख-दुख को भी भुला चुके हैं। जिन घरों में पति-पत्नी दोनों ही चिकित्साकर्मी हैं, वहां तो बच्चों को बड़ी भावनात्मक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

विज्ञापन


चिकित्सा एक पेशे से ज्यादा सामाजिक जिम्मेदारी है, जहां आप मरीज को बचाने के लिए जी-जान से जुट जाते हैं। कोरोना से लड़ाई में विपरीत हालात के बावजूद डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ मरीजों को बचाने के लिए संघर्षरत हैं। डॉक्टर बताते हैं कि अस्पताल जाते वक्त रोजाना हमारे साथियों के मरने की खबर सुनाई देती है। लेकिन अब हमने यह कोलाहल सुनना ही बंद कर दिया है। हमें पता है कि हम एक बहुत बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं, जिसमें प्रथम पंक्ति में हमें ही खड़े होना होगा। जान दांव पर लगाकर खड़े हैं चिकित्साकर्मी हरेक देश में इस वक्त डॉक्टर रक्षात्मक उपकरणों की कमी से जूझ रहे हैं, इसके बावजूद हौसला कायम है। 

विज्ञापन

डॉक्टर या नर्स के ऊपर सबसे अधिक खतरा

वायरस ड्रॉपलेटों से फैलता है और अस्पतालों में भर्ती मरीजों के सबसे करीब डॉक्टर या नर्स ही रहते हैं। यानी उन्हें सबसे ज्यादा खतरा है लेकिन फिर भी वे अपने चिकित्सा धर्म से नहीं डिग रहे। उनसे परिवार और समाज में संक्रमण फैलने की ज्यादा आशंका है। कई डॉक्टरों ने बताया कि घर लौटते वक्त यह डर उन्हें सताता रहता है। इसके चलते वे मानसिक तनाव से भी गुजर रहे हैं। ब्रिटेन के एक डॉक्टर ने कहा, अभी तक दुनिया में सबसे बड़ी कमजोरी पर्याप्त जांच नहीं कर पाना है। ऐसे में हमें इस महामारी की वास्तविकता का अंदाज ही नहीं हो पाया है जबकि जो मरीजों का इलाज कर रहे हैं, उनके जरिए भी संक्रमण का खतरा बना हुआ है। मसलन, ब्रिटेन में सिर्फ उन्हीं लोगो की जांच हुई, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। 

चिकित्साकर्मी खुद को कैसे बचाएं

उपचार के दौरान चिकित्साकर्मियों द्वारा पहने जाने वाले कपड़ों को घर लौटते ही तेज गर्म पानी में धोना चाहिए। कोट, जूतों जैसे सामान को अलग एक स्थान पर रखा जाना चाहिए। परिवार वालों से दो मीटर की दूरी पर रहें। कार चला रहे हैं तो उसकी स्टीयरिंग साफ कर लें। अपने खाने-पीने के बर्तनों को भी अलग रखें तो बेहतर होगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed