मजबूत संबंध: टू प्लस टू वार्ता से पहले भारत-अमेरिका के बीच अहम बैठक, रक्षा सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा
शुक्रवार को हुई बैठक में भारतीय रक्षा सचिव अजय कुमार और अमेरिका के अवर रक्षा मंत्री (नीति) कॉलिन कहल शामिल हुए। टू प्लस टू वार्ता से पहले इसे अहम माना जा रहा है।
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भारत और अमेरिका ने मजबूत रक्षा साझेदारी और स्वतंत्र व खुले हिंद-प्रशांत के लिए समान विचारधारा वाले भागीदारों के साथ सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय पेंटागन ने बताया कि दोनों देशों के अधिकारियों ने साल के अंत में होने वाली टू प्लस टू वार्ता का आधार तैयार करने के लिए एक बैठक की। शुक्रवार को हुई बैठक में भारतीय रक्षा सचिव अजय कुमार और अमेरिका के अवर रक्षा मंत्री (नीति) कॉलिन कहल शामिल हुए।
टू प्लस टू वार्ता का आधार तैयार
पेंटागन ने कहा कि अमेरिका और भारत की रक्षा नीति समूह की 16वीं बैठक ने टू प्लस टू मंत्रिस्तरीय वार्ता का आधार तैयार किया। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल एंटन टी सेमलराथ ने कहा कि वार्ता ने द्विपक्षीय प्राथमिकताओं की महत्वाकांक्षी व्यवस्था को आगे बढ़ाया, जिनमें सूचना साझेदारी, समुद्री सहयोग, साजो-सामान व रक्षा व्यापार शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि अमेरिकी और भारतीय अधिकारियों ने दक्षिण एशिया व हिंद महासागर क्षेत्र सहित साझा हितों के क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में अंतरिक्ष और साइबर जैसे नए रक्षा क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने की भी प्रतिबद्धता जताई गई।
विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने पिछले महीने जानकारी दी थी कि भारत और अमेरिका के बीच टू प्लस टू वार्ता इस साल नवंबर में अमेरिका में होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की मुलाकात के पखवाड़े भर बाद व्हाइट हाउस ने कहा कि अब भारत व अमेरिका के द्विपक्षीय संबंध कई मुद्दों पर आगे बढ़ रहे हैं।
प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा कि इस समय हमारा ध्यान उच्च स्तरीय वार्ताकारों के जरिए काम जारी रखने, आर्थिक, राष्ट्रीय सुरक्षा और कोविड-19 महामारी से निपटने पर केंद्रित है। आगे सीडीएस जनरल बिपिन रावत का अमेरिका दौरा प्रस्तावित है। अगले हफ्ते अमेरिकी चीफ ऑफ नेवल स्टाफ भारत दौरे पर आएंगे।
2016 से बढ़ रहा सहयोग
- साल 2016 में अमेरिका ने भारत को प्रमुख रक्षा साझेदार घोषित किया।
- चीन द्वारा दक्षिण व पूर्वी चीन सागरों पर दावा करने पर यह साझेदारी को और महत्व मिला।
- 2018 में अमेरिका से रणनीतिक व्यापार सहयोगी का दर्जा। सैन्य तकनीकें मिलने का रास्ता साफ।
- ब्यूरो ऑफ पॉलिटिकल-मिलिट्री अफेयर के अनुसार 2008 में भारत से अमेरिका का शून्य डॉलर का रक्षा कारोबार 2020 में 2000 करोड़ अमेरिकी डॉलर पहुंच चुका है।
मोदी-बाइडन भेंट के बाद आगे बढ़ने पर ध्यान: व्हाइट हाउस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के बीच मुलाकात के एक पखवाड़े बाद व्हाइट हाउस ने कहा कि दोनों देशों का ध्यान आर्थिक, राष्ट्रीय सुरक्षा और महामारी को काबू में रखने जैसे मुद्दों पर आगे बढ़ने पर शामिल है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा, सितंबर में क्वाड और द्विपक्षीय बातचीत आपसी संबंधों के महत्व व साझेदारी पर चर्चा का अवसर थी। साकी के मुताबिक, आगामी हफ्तों और महीनों में यह उच्च स्तरीय कामकाज जारी रहेगा।
गौरतलब है कि मोदी-बाइडन की मुलाकात के पखवाड़े भर से भी कम समय में दोनों देशों के बीच लगातार उच्च स्तरीय दौरे हुए हैं और अगले कुछ हफ्तों में कई दौरे होने हैं। सीडीएस जनरल बिपिन रावत पिछले हफ्ते अमेरिका गए थे तो अमेरिकी उप विदेश मंत्री वेंडी शेर्मन ने हाल ही में भारत यात्रा पर आई थीं। शुक्रवार को पेंटागन ने अमेरिका के चीफ ऑफ नेवल स्टाफ के अगले हफ्ते भारत जाने की घोषणा की।