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Bangladesh: पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया 42 लोगों की मौत के मामले में बरी, ढाका की अदालत ने सुनाया फैसला
Fri, 25 Oct 2024 08:24 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 25 Oct 2024 08:24 PM IST
सार
Bangladesh: ढाका की एक अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया और तीन अन्य के खिलाफ 2015 में दर्ज मामले को रद्द कर दिया। यह मामला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के धरने-प्रदर्शन के दौरान 42 लोगों की मौत से जुड़ा था।
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खालिदा जिया
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
ढाका की एक अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया और तीन अन्य के खिलाफ 2015 में दर्ज मामले को रद्द कर दिया। यह मामला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के धरने-प्रदर्शन के दौरान 42 लोगों के मारे जाने से जुड़ा था। अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट जियादुर रहमान ने गुरुवार यह आदेश दिया।
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समाचार एजेंसी 'बांग्लादेश संगबाद संग्स्था' के मुताबिक, अदालत ने पुलिस की रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए यह फैसला सुनाया। मामले में तीन अन्य आरोपी बीएनपी के स्थायी समिति के सदस्य बैरिस्टर रफीकुल इस्लाम मिया, ढाका विश्वविद्यालय के पूर्व उप कुलपति प्रोफेसर इमाजुद्दीन अहमद और बीएनपी अध्यक्ष के पूर्व सलाहकार शमशेर मोबिन चौधरी थे।
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यह मामला दो 2 फरवरी 2015 को जनानेत्री परिषद के अध्यक्ष ए.बी. सिद्धीक की ओर से दायर किया गया था। बाद में अदालत ने गुलशन पुलिस थाने को आदेश दिया कि वह शिकायत दर्ज करे और जांच करे। इस साल 21 सितंबर को जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें आरोपों को झूठा पाया गया। पिछले महीने बीएनपी की अध्यक्ष खालिदा जिया को पांच अलग-अलग-मामलों में बरी किया गया। जिनमें एक मामला फर्जी जन्मदिन ममाने का और एक मामला युद्ध अपराधियों का समर्थन करने का शामिल था।
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जिया पिछले पांच वर्षों से अपने घर में नजरबंद थीं और अगस्त में राष्ट्रीय की माफी के बाद वह अस्पताल से घर लौटीं। वह अपनी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद सभी आरोपों से बरी हो गईं। खालिदा जिया मार्च 1991 से मार्च 1996 और फिर जून 2001 से अक्तूबर 2006 तक बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रहीं।
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