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थाईलैंड: कौन हैं सिनीनात जिनकी पदवी राजा ने छीन ली?

Sat, 26 Oct 2019 07:58 PM IST
Trainee Trainee वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बैंकॉक
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बैंकॉक Published by: Trainee Trainee Updated Sat, 26 Oct 2019 07:58 PM IST
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Demotion of Queen of Thailand Royal Consort Case
सिनीनात वोंगवजीरापाकडी - फोटो : BBC

थाईलैंड के राजा ने सबको चौंकाते हुए अपनी शाही सहयोगी रही महिला अधिकारी के ओहदे और शाही पदनाम वापस लेने की घोषणा कर दी, जबकि कुछ महीने पहले ही उन्हें ये सम्मान दिया गया था। जुलाई में सिनीनात वोंगवजीरापाकडी को ऑफिशियल कॉनसोर्ट यानी 'शाही सहयोगी' की पदवी दी गई थी, लेकिन शाही पैलेस की ओर से बयान में कहा गया है कि उन्हें 'खुद को महारानी के बराबर खड़ा करने की कोशिशों' के चलते सजा दी गई है। नए सम्राट किंग महा वाचिरालोंगकोन 2016 में अपने पिता की मृत्यु के बाद राजा बने। देश के कानून के अनुसार राजशाही की किसी तरह की आलोचना प्रतिबंधित है और इसके लिए भारी सजा का प्रावधान है।

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रॉयल कॉनसोर्ट क्या है?

हालांकि कॉनसोर्ट आम तौर पर पत्नी, पति या सम्राट के सहयोगी के लिए इस्तेमाल किया जाता है लेकिन थाईलैंड के रॉयल कॉनसोर्ट के मामले में ये शब्द किंग की पत्नी के साथ साथ सहयोगी या पार्टनर के संदर्भ में इस्तेमाल किया गया है। सिनीनात 34 साल की हैं और थाईलैंड के पिछले एक सदी के इतिहास में पहली रॉयल कॉनसोर्ट थीं। जुलाई में जब उन्हें ये पदवी दी गई तो वो किंग की एक आधिकारिक सहयोगी बन गई थीं, लेकिन पत्नी नहीं।
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इससे कुछ दिन पहले ही किंग ने चौथी शादी अपनी बॉडीगार्ड रहीं क्वीन सुतिदा से की थी।

-थाईलैंड में राजा या सेना किसकी चलती है
-थाईलैंड के राजा ने 'बॉडीगार्ड' से रचाई शादी

ऐतिहासिक रूप से थाईलैंड के शाही परिवार में बहु विवाह और रॉयल कॉनसोर्ट बनाने को राज्य के सभी प्रांतों में ताकतवर परिवारों में राजभक्ति सुनिश्चित करने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। सदियों से ही थाई राजा कई पत्नियां या कोनसोर्ट रखते थे। पिछली बार एक थाई राजा ने 1920 के दशक में एक ऑफिशियल कॉनसोर्ट रखा था और 1932 में जब संवैधानिक रूप से राजशाही बन गई तबसे इस पदवी को किसी को नहीं दिया गया था।

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सिनीनात कौन हैं?

उनकी पृष्ठभूमि के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन अदालत ने उनके बारे में कुछ सूचनाएं जारी की थीं। क्योटो यूनिवर्सिटी में दक्षिणपूर्व एशियाई मामलों के अध्ययन केंद्र से जुड़े एसोसिएट प्रोफेसर पाविन छाछावलपोंगपुन के अनुसार, उनके अतीत के बारे में हमारे पास उतनी ही जानकारी है जितनी शाही परिवार ने दी है। सिनीनात का जन्म उत्तरी थाईलैंड में 1985 में हुआ था और सबसे पहले उन्होंने नर्स के रूप में काम किया। तत्कालीन क्राउन प्रिंस वाजीरालोंगकोर्न के साथ उनकी जब करीबी बढ़ी तो उनका दखल रॉयल मिलिटरी और सुरक्षा एजेंसियों में बढ़ा।

वो बॉडीगॉर्ड, पायलट, पैराशूट सैनिक बनीं और रॉयल गॉर्ड में शामिल हो गईं। इस साल की शुरुआत में उन्हें मेजर जनरल के पद पर नियुक्त किया गया। कई सम्मान और पदवी के बाद उन्हें जुलाई में रॉयल नोबल कॉनसोर्ट बनाया गया। इसके बाद से ही वो लड़ाकू विमानों और अन्य सैन्य परिधानों में दिखने लगीं। शाही पैलेस की ओर से उनकी जो तस्वीरें जारी की गईं उनमें वो एक्शन में दिखाई देती हैं।हालांकि अब इन तस्वीरों को आधिकारिक वेबाइट से भी हटा लिया गया है।

उनके साथ क्या हुआ?

शाही अदालत के गैजेट में हुई आधिकारिक घोषणा के अनुसार, 'सम्राट के खिलाफ बुरा बर्ताव और बेवफाई करने' के लिए सिनीनात को उनके रैंक और पदवी से हटा दिया गया। बयान में कहा गया है कि वो बहुत महात्वाकांक्षी थीं और उन्होंने 'रानी के बराबर अपनी हैसियत बढ़ाने की कोशिश' की थी। बयान के अनुसार कि रॉयल कॉनसोर्ट का व्यवहार अपमानजनक माना गया, राजा और महारानी के खिलाफ नाफर्मानी और राजा की ओर से आदेश जारी कर उन्होंने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया।

बयान में कहा गया है कि 'राजा ने पाया कि जो पदवी दी गई थी न तो वो उसके लायक थीं और ना ही उन्होंने अपने पद के अनुसार उचित व्यवहार किया।' कॉर्नेल यूनिवर्सिटी में थाई अध्ययन और इतिहास के प्रोफेसर तमारा लूस को लगता है कि इसे समझने के लिए ये जानना जरूरी है कि वास्तव में क्या हुआ था।

वो कहती हैं, इस तरह की स्थितियों में पर्दे के पीछे सरपरस्ती की एक व्यवस्था मौजूद रहती है। हो सकता है कि सिनीनात उसी सरपरस्ती व्यवस्था का एक हिस्सा रही हों और हो सकता है कि उन्होंने इसे अपने पक्ष में चलाने की कोशिश की हो।

प्रोफेसर तमारा शाही दरबार में गुटबाजी की संभावना की ओर भी इशारा करती हैं। वो कहती हैं कि पदवी छीनने की घोषणा की भाषा उस युग का परियाक है जिसमें महिलाएं राजनीतिक सत्ता पर सीधे दखल नहीं रख सकती थीं और इसलिए प्रभावशाली महिला के बारे में जिस तरह बात की जाती है उसका आशय यही होता है कि वो बहुत महात्वाकांक्षी थी। उनके अनुसार, 'ये बयान थाईलैंड में एक नई स्वच्छंद राजशाही के उभार का संकेत है।'

अब सिनीनात का क्या भविष्य है?

अभी तक केवल सिनीनात की पदवी छीनी गई है और अभी साफ नहीं है कि उनके साथ आगे क्या होगा।पविन कहते हैं, "हमें नहीं पता कि उनके साथ क्या होगा।" उनके अनुसार, जो भी कार्रवाई होनी है, उसके पारदर्शी होने की कम संभावना है।
जिस तरह उनके अतीत के बारे में शाही दरबार ने ही छवि बनाई है, उसी तरह इस बात की अधिक संभावना है कि उनके भविष्य के बारे में भी यही होगा।

सिनीनात की पदावनति इस बात का उदाहरण है कि राजा वाचिरालोंगकोन की दो पूर्व पत्नियों के साथ क्या हुआ होगा।

साल 1996 में उन्होंने अपनी दूसरी पत्नी सुजारिनी विवाचारावोंग्से की निंदा की, जो अमरीका चली गई थीं। उन्होंने इस पत्नी के साथ हुए अपने चार बेटों को भी अस्वीकार कर दिया। साल 2014 में अपनी तीसरी पत्नी स्रिरास्मी सुवादी की सारी पदवी को छीन लिया और शाही दरबार से निकाल दिया। वो कहां है किसी को नहीं पता जबकि उनके परिजनों को गिरफ्तार कर लिया गया और जेल में डाल दिया गया। तीसरी पत्नी से हुए बेटे को उन्होंने अपने पास ही रखा। उनकी पूर्व की पत्नियों ने कभी भी अपने हालात के बारे में कोई बयान जारी नहीं किया।

थाईलैंड की राजशाही

किंग वाचिरालोंगकोन ने जबसे सत्ता संभाली है अपने पिता के मुकाबले सत्ता में सीधी दखल रखते हैं। इस साल की शुरुआत में, राजधानी बैंकाक में दो सबसे महत्वपूर्ण सैन्य यूनिट को उनके सीधे कमांड में रखा गया। ये दिखाता है कि आधुनिक थाईलैंड में अभूतपूर्व रूप से शाही हाथों में सैन्य ताकत केंद्रित हुई है। पविन कहते हैं कि सिनीनात को पद से हटाने के लिए दरबार ने जिस बर्बर और भोंड़े शब्दों का इस्तेमाल किया है उससे साफ है कि किंग किस तरह उनकी सजा को वैध दिखाना चाहते हैं।

प्रोफेसर तमारा भी मानती हैं कि किंग एक संदेश देना चाहते हैं कि हद से जाने वालों का यही हश्र होगा।उनके अनुसार, "राजा ये संदेश दे रहे हैं कि उन्हें छुआ नहीं जा सकता और एक बार अगर उनकी सरपरस्ती खत्म हुई तो आपका भविष्य कुछ भी हो सकता है।"वो कहती हैं कि आर्थिक, सैन्य या पारिवारिक रूप से उनका हर कदम उनके सत्ता के बेतहाशा दुरुपयोग की पोल ही खोलते हैं। देश के शाही कानून के अनुसार, विवादित पदावनति पर सार्वजनिक रूप से चर्चा नहीं की जा सकती लेकिन जानकारों का मानना है कि ये नाटकीय घटनाक्रम लोगों के दिमाग में तो जगह बना ही चुका है।

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