ग्राउंड जीरो पर अमर उजाला: इस्राइल की सड़कों पर भी जारी है जंग, बंधकों की रिहाई के लिए रातभर बजते हैं नगाड़े
बंधकों की रिहाई के लिए प्रदर्शन सिर्फ तेल अवीव ही नहीं, बल्कि अन्य शहरों में भी हो रहे हैं। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन व छोटे कस्बों से लेकर बड़े शहरों तक की सड़कों पर बंधकों के पोस्टर लगे हैं। लोगों ने ‘उन्हें वापस लाओ’ के नारों से दीवारों व सड़कों तक को पाट दिया है।
विस्तार
शाम का समय था। सूरज ढल रहा था और तेल अवीव की सड़कों पर बत्तियां जलने लगीं थीं। तभी इस्राइल डिफेंस सर्विसेज के मुख्यालय के सामने सफेद रंग की लंबी सी कार आकर रुकी। कार से उतरे व्यक्ति ने बैनर, पोस्टर, माइक और दर्जनों लोगों के चेहरे वाले बिलबोर्ड निकाले। देखते ही देखते कुछ मिनटों में पूरा रास्ता जाम हो गया और शुरू हुआ सड़कों पर अनोखा प्रदर्शन। यह प्रदर्शन था उन इस्राइली लोगों को वापस लाने के लिए, जो एक साल से हमास की कैद में हैं। इस प्रदर्शन में लोग ढोल-नगाड़े, भोंपू, कई तरह की रोशनी और भावनात्मक संदेशों वाले बैनर-पोस्टर लेकर शामिल हुए। इस्राइल में इस प्रदर्शन को लोगों ने दिनचर्या का हिस्सा बना लिया है। इसमें बच्चों से लेकर बड़े-बुजुर्गों और महिलाओं तक की व्यापक हिस्सेदारी होती है।
शाम गहराई तो सैन्य मुख्यालय के सामने का रास्ता बंद किया जाने लगा। प्रदर्शन में शामिल 75 वर्षीय डेविड कहते हैं कि सरकार को हमास से अपने बच्चों को छुड़ाकर लाना ही होगा। डेविड हाथ में 22 साल के डेनियल प्रेज का पोस्टर दिखाते हैं। उसे हमास ने एक साल पहले अगवा किया था। डेविड कहते हैं, सेना लगातार गाजा पट्टी पर हमले कर रही है, पर अभी तक डेनियल वापस नहीं आया है। जब तक 100 से ज्यादा बंधक हमास के चंगुल में हैं, सड़कों पर प्रदर्शन चलता रहेगा।
उस दिन का इंतजार जब हमास के चंगुल से छूटेंगे और हम जश्न मनाएंगे
बंधकों की रिहाई के लिए प्रदर्शन सिर्फ तेल अवीव ही नहीं, बल्कि अन्य शहरों में भी हो रहे हैं। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन व छोटे कस्बों से लेकर बड़े शहरों तक की सड़कों पर बंधकों के पोस्टर लगे हैं। लोगों ने ‘उन्हें वापस लाओ’ के नारों से दीवारों व सड़कों तक को पाट दिया है। 24 साल के मैतेन को भी हमास ने पिछले साल 7 अक्तूबर को अगवा किया था। मैतेन की आंटी एली अमर उजाला से कहती हैं कि पूरा देश बंधकों की रिहाई के लिए सड़कों पर युद्ध लड़ रहा है। हमें सेना पर भरोसा तो है, पर सरकार को और तेजी दिखानी होगी। वे कहती हैं कि बंधकों के घर वालों को विश्वास है कि वे जीवित हैं। इस लड़ाई में पूर्व अधिकारियों से लेकर पूर्व सैनिक और युद्ध रणनीतिकार तक शामिल हैं।
सेना पर भावनात्मक मांग का असर
एरिक ने कहा कि आपके माध्यम से भी दुनिया में यह बात जानी चाहिए कि हमास ने कैसे अभी भी हमारे लोगों को बंधक बनाकर रखा है। प्रदर्शन के दौरान आईडीएफ मुख्यालय के बाहर खड़े इस्राइली सेना के अधिकारी ब्रीयू कहते हैं कि हमास पर लगातार हमले जारी हैं। कई बंधकों को छुड़ाया भी गया है। वह कहते हैं कि देश में हो रहे प्रदर्शन में उग्रता नहीं है। एक भावनात्मक मांग है जिसका असर हम महसूस भी करते हैं। वह उम्मीद जताते हैं कि जल्द सभी की वापसी होगी।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.