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नेपाल को हिंदू राष्ट्र घोषित करने के लिए जनमत संग्रह कराने की उठी मांग
Wed, 20 Feb 2019 07:54 PM IST
Gaurav Pandey
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Gaurav Pandey
Updated Wed, 20 Feb 2019 07:54 PM IST
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केपी ओली (फाइल फोटो)
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नेपाल के एक दक्षिणपंथी राजनीतिक दल ने देश के संविधान से धर्मनिरपेक्ष होने के प्रावधान को रद्द करने की मांग करते हुए देश को दोबारा हिंदू राष्ट्र घोषित करने की आवाज उठाई है। पूर्व उप प्रधानमंत्री कमल थापा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी ने प्रधानमंत्री केपी ओली को एक ज्ञापन सौंपकर यह मांग की है।
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ज्ञापन में मांग की गई है कि नेपाल को धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र घोषित करने का प्रावधान को रद्द कर, पूर्ण धार्मिक स्वतंत्रता वाला एक हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए। पार्टी ने मंगलवार को खोटांग जिला प्रशासन के जरिए प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। साथ ही पार्टी ने संघवाद जारी रखने या नहीं रखने पर जनमत संग्रह कराए जाने की मांग भी की। नेपाल में हिंदू बहुसंख्यक हैं।
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देश में 2011 की जनगणना के अनुसार 81.3 प्रतिशत हिंदू हैं। इसे आधार बनाकर पार्टी ने अपनी मांग को दोहराया है। नेपाल को 2006 के जन आंदोलन की सफलता के बाद 2008 में धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र घोषित किया गया था। इसके बाद देश में राजशाही समाप्त हो गई। पार्टी के नेता कमल थापा ने कहा है कि देश में यदि अपने ही समुदाय की रक्षा नहीं की जाएगी तो हमारे अस्तित्व पर संकट मंडराने लगेगा।
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