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Britain: 'प्रिंस हैरी के साथ अन्याय नहीं हुआ', ब्रिटेन की अदालत ने सरकारी सुरक्षा न देने के फैसले को बताया सही

Fri, 02 May 2025 07:02 PM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: शुभम कुमार Updated Fri, 02 May 2025 07:02 PM IST
सार

ब्रिटेन की कोर्ट ने प्रिंस हैरी की सरकारी सुरक्षा बहाल करने की अपील खारिज की। कोर्ट ने कहा कि शाही जिम्मेदारियां छोड़ने के बाद केस-बाय-केस सुरक्षा देना सही है। हैरी को अब भारी कानूनी खर्च का सामना करना पड़ सकता है। सुप्रीम कोर्ट में अपील की संभावना खुली है।

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Decision of British court to not give government security to Prince Harry was correct News In Hindi
प्रिंस हैरी - फोटो : ANI

विस्तार

ब्रिटेन की कोर्ट ऑफ अपील ने प्रिंस हैरी को सरकारी सुरक्षा नहीं देने के फैसले को सही बताते हुए उस अपील खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने यूके सरकार के उस फैसले को चुनौती दी थी जिसमें उन्हें सरकारी खर्च पर मिलने वाली सुरक्षा से वंचित कर दिया गया था। मामले में सुनवाई के दौरान ब्रिटेन की एक अपीलीय अदालत ने कहा है कि प्रिंस हैरी के साथ कोई अन्याय नहीं हुआ जब उन्हें सरकारी खर्च पर सुरक्षा देना बंद कर दिया गया। 

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कोर्ट ने कहा कि हैरी को रॉयल ड्यूटी छोड़ने और अमेरिका में बसने के बाद अब हर बार यूके आने पर केस-बाय-केस आधार पर सुरक्षा मिलेगी, और यह फैसला किसी भी तरह से अनुचित नहीं है। कोर्ट ने साफ किया कि जब कोई व्यक्ति शाही जिम्मेदारियां छोड़ देता है, तो उसे स्वचालित रूप से सरकारी सुरक्षा नहीं मिलती। बता दें कि यह फैसला तब आया जब हैरी ने शाही जिम्मेदारियों से 2020 में खुद को अलग कर लिया था।
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प्रिंस हैरी ने दायर की थी याचिका
मामले में प्रिंस हैरी ने दलील दी थी कि उन्हें और उनके परिवार को ब्रिटेन में आने पर अब भी खतरा रहता है, इसलिए उन्हें फिर से यूके सरकार द्वारा दी जाने वाली सुरक्षा मिलनी चाहिए। लेकिन कोर्ट ने कहा कि यह फैसला कानून के तहत उचित तरीके से लिया गया था और इसमें कोई पक्षपात नहीं हुआ।
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कोर्ट ने कहा- सुरक्षा योजना अलग जरूर है, लेकिन गलत नहीं
कोर्ट ने पहले हाई कोर्ट के उस फैसले को भी बरकरार रखा जिसमें कहा गया था कि हैरी के लिए बनाई गई अलग सुरक्षा योजना न तो गैरकानूनी है, न ही तर्कहीन। इसपर प्रिंस हैरी की वकील शहीद फातिमा ने कहा कि हैरी को खास प्रक्रिया के नाम पर कमजोर सुरक्षा दी जा रही है, जबकि उनके जान का खतरा अभी भी बरकरार है। वकील ने आगे अदालत में बताया गया कि अल-कायदा ने हैरी की हत्या को मुसलमानों के लिए खुशी बताने वाला बयान जारी किया था, और वे और उनकी पत्नी न्यूयॉर्क में पपराजी द्वारा पीछा किए जाने की घटना में शामिल थे।

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कोर्ट में हैरी की लंबी लड़ाई
गौरतलब है कि प्रिंस हैरी और उनकी पत्नी मेघन ने 2020 में शाही परिवार की जिम्मेदारियां छोड़ दी थीं। इसके बाद सरकार ने उनकी सरकारी सुरक्षा बंद कर दी थी। हैरी ने न सिर्फ सुरक्षा को लेकर कोर्ट का रुख किया, बल्कि उन्होंने ब्रिटेन के टैब्लॉयड मीडिया के खिलाफ भी कई केस किए हैं। एक मामले में हैरी को बड़ी जीत मिली जब डेली मिरर अखबार पर फोन हैकिंग के आरोप साबित हुए और उसे मुआवज़ा देना पड़ा। हाल ही में रूपर्ट मर्डोक की मीडिया कंपनियों ने हैरी से माफ़ी मांगकर केस सेटल किया। अब हैरी का एक और मामला डेली मेल के प्रकाशक के खिलाफ चल रहा है।

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