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अमेरिका में गतिरोधः रिपब्लिकंस ने राहत पैकेज रोका, तो डेमोक्रेट्स ने डिफेंस बिल
Thu, 31 Dec 2020 03:47 PM IST
Harendra Chaudhary
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Thu, 31 Dec 2020 03:47 PM IST
सार
विश्लेषकों ने इसे ऐसा गतिरोध बताया है, जो अमेरिकी शासन प्रणाली में चौड़ी होती दरार को जाहिर करता है। डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद ऐसी स्थितियां गंभीर होती गई हैं। ट्रंप ने जाते-जाते एक और ऐसी मुश्किल में देश को फंसा दिया है...
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President Donald Trump
- फोटो : PTI (फाइल फोटो)
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विस्तार
अमेरिका नए साल में एक ऐसे गतिरोध के साथ प्रवेश कर रहा है, जिसका असर उसकी रक्षा व्यवस्था पर पड़ सकता है। बुधवार को डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर्स ने डिफेंस बिल को पास नहीं होने दिया, जिसका 31 दिसंबर तक पास होना जरूरी है। ये बिल पास ना होने की स्थिति में अमेरिका के तमाम रक्षा प्रतिष्ठानों के लिए एक जनवरी से बजट उपलब्ध नहीं होगा। डेमोक्रेट सदस्यों ने ये कदम इसलिए उठाया, क्योंकि रिपब्लिकन सीनेटरों ने सभी अमेरिकियों को 2000 डॉलर की कोरोना राहत सहायता देने के उनके प्रस्ताव पर बहस रोक दी।
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राहत पैकेज के प्रस्ताव को अमेरिकी कांग्रेस का निचला सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव पहले ही पास कर चुका है, जहां डेमोक्रेटिक पार्टी का बहुमत है। हाउस में 44 रिपब्लिकन सदस्यों ने भी 2000 डॉलर सबको देने के प्रस्ताव का समर्थन किया। सीनेट में भी सात रिपब्लिकन सदस्य इसे समर्थन देने का एलान कर चुके हैं। इससे प्रस्ताव का पास होना तय है। लेकिन सीनेट के नेता रिपब्लिकन पार्टी के मिच मैकॉनेल ने प्रस्ताव पर बहस की इजाजत ही नहीं दी है।
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सभी अमेरिकियों को दो हजार डॉलर देने का प्रस्ताव सबसे पहले सोशलिस्ट नेता बर्नी सैंडर्स ने रखा था। लेकिन रिपब्लिकन पार्टी के विरोध के कारण आखिरकार 600 डॉलर सबको देने का प्रस्ताव पास हुआ। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उस प्रस्ताव की यह कह कर आलोचना की कि उसमें कोरोना महामारी से परेशान अमेरिकियों को पूरी मदद नहीं दी गई है।
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उन्होंने 2000 डॉलर के प्रस्ताव का समर्थन किया। ट्रंप ने 600 डॉलर वाले पारित प्रस्ताव पर कई दिनों तक अपना दस्तखत रोके रखा। आखिरकार उन्होंने दस्तखत कर दिया, लेकिन तब तक डेमोक्रेटिक पार्टी को फिर से 2000 डॉलर का प्रस्ताव लाने का मौका मिल चुका था। निचले सदन में पार्टी ने उसे पास भी करा दिया।
अब सीनेट में इस मुद्दे पर गहरा गतिरोध हो गया है। इस मुद्दे पर रिपब्लिकन पार्टी में भी गहरा मतभेद खड़ा हो गया है। ट्रंप और उनके समर्थक 2000 डॉलर का समर्थन कर रहे हैं, जबकि मैकॉनेल और रिपब्लिकन पार्टी के ज्यादातर सांसद इसका विरोध कर रहे हैं। मैकॉनेल ने इस प्रस्ताव के पारित होने के रास्ते में कई तकनीकी बाधाएं खड़ी कर दी हैं। उन्होंने कहा कि वे तभी इसका समर्थन करेंगे, जब डेमोक्रेटिक पार्टी ट्रंप के दो और प्रस्तावों को अपना समर्थन दें। ट्रंप के इन प्रस्तावों में टेक कंपनियों को मिली वैधानिक सुरक्षा खत्म करने और एक निर्वाचन धोखाधड़ी आयोग के गठन की बात शामिल है।
इसी खींचतान का शिकार डिफेंस बिल हो गया है। अब पूरी संभावना है कि इस पर नए साल में जाकर ही कोई सहमति बन पाएगी। बर्नी सैंडर्स ने कहा था कि अगर सीनेटर प्रति नागरिक 2000 डॉलर के राहत पैकेज पर सहमत नहीं होते हैं, तो वे उन्हें नए साल की छुट्टियां मनाने नहीं जाने देंगे। अब ये बात हकीकत बन गई है। सीनेट की प्रक्रिया के मुताबिक डिफेंस बिल जब तक पेंडिंग हो, सीनेट का अवकाश नहीं हो सकता।
मैकॉनेल ने कहा है कि सीनेट देश की सुरक्षा में कोताही की इजाजत नहीं दे सकता। खासकर वैसे सीनेटरों की कोशिश के कारण इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती, जो पूरे साल अमेरिका की सुरक्षा क्षमताओं को घटाने की कोशिश में लगे रहते हैं। उनका इशारा सैंडर्स की तरफ था, जो अमेरिका का रक्षा बजट घटाने के समर्थक हैं। दूसरी तरफ सैंडर्स ने कहा है कि जिस समय लाखों अमेरिकी खाने और जरूरत के सामान का बिल चुकाने के मोहताज हैं, वे बिना उन्हें पूरी सहायता दिलवाए रक्षा बजट को पास करने में सहायक नहीं बनेंगे।
विश्लेषकों ने इसे ऐसा गतिरोध बताया है, जो अमेरिकी शासन प्रणाली में चौड़ी होती दरार को जाहिर करता है। डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद ऐसी स्थितियां गंभीर होती गई हैं। ट्रंप ने जाते-जाते एक और ऐसी मुश्किल में देश को फंसा दिया है।