परमाणु संपन्न भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने में मदद करे यूएन-अमेरिका : इमरान खान
- डब्ल्यूईएफ के इतर पाकिस्तान के पीएम ने अंतरराष्ट्रीय ताकतों से की अपील
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मुलाकात में उठाया था कश्मीर मुद्दा
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दोनों ही परमाणु हथियार संपन्न देशों को ऐसे बिंदु जहां से वापस आना असंभव हो वाली स्थिति पर पहुंचने से पहले ही रोकने के लिए जरूरी कार्रवाई की जानी चाहिए। पाकिस्तानी अखबार डान के मुताबिक डब्ल्यूईएफ में शिरकत करने पहुंचे इमरान खान ने दावा किया कि भारत सरकार घरेलू मोर्चे पर असफलता (सीएए के खिलाफ प्रदर्शन, कश्मीर मुद्दे) से लोगों का ध्यान हटाने के लिए सीमा पर तनाव को और बढ़ावा दे सकता है।
इमरान ने अंतरराष्ट्रीय ताकतों से कहा कि आप दो परमाणु संपन्न देशों के बीच तनाव को बढ़ता नहीं देख सकतेे। इसलिए संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका को कदम उठाना चाहिए। अखबार ने कहा कि इमरान ने यह भी मांग की कि नियंत्रण रेखा के साथ भारत और पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह को अनुमति दी जाए।
मालूम हो कि एक दिन पहले ही इमरान की मुलाकात अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हुई थी। इसमें ट्रंप ने कश्मीर मुद्दे पर एक बार फिर से मध्यस्थता की पेशकश की थी।
अनुच्छेद 370 खत्म करने से स्थिति हुई बद से बदतर
इमरान खान ने कहा कि साल 2018 में सत्ता संभालने के बाद उन्होंने अपने समकक्ष भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर गतिरोध खत्म करने की कोशिश की। लेकिन पुलवामा हमले जिसमें 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे के जवाब में भारत नेबालाकोट में हवाई हमले कर जैश ए मोहम्मद को निशाना बनाया।
इसके बाद दोनों देशों में तनाव बढ़ गया, स्थिति और खराब हो गई। लेकिन जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करने और उसके पुनर्गठन के बाद स्थिति बद से बदतर हो गई। इमरान ने कहा,‘मुझे लगता है कि भारत ने जो रास्ता अख्तियार किया है वह उसे विनाश की तरफ ले जाएगा।’ भारत और अमेरिका के मजबूत रिश्तों के सवाल पर इमरान ने कहा कि यह स्पष्ट है कि भारत अमेरिका के लिए बहुत बड़ा बाजार है।