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तनाव: रूस में चेक गणराज्य के 20 राजनयिक निष्कासित

Tue, 20 Apr 2021 01:42 AM IST
देव कश्यप न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस,मॉस्को/प्राग
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस,मॉस्को/प्राग Published by: देव कश्यप Updated Tue, 20 Apr 2021 01:42 AM IST
सार

  • एक दिन पहले चेक गणराज्य ने भी रूस के 18 राजनयिकों को देश से निकाला था
  • 72 घंटे से भी कम समय में रूस की इस कार्रवाई को जवाबी कदम माना जा रहा है।

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Czech Republic-Russia tension News 20 diplomats of Czech Republic expelled in Russia
Czech republic Russia flag - फोटो : iStock

विस्तार

रूस ने चेक रिपब्लिक के 20 राजनयिकों को देश से बाहर निकलने का आदेश दिया है। एक दिन पूर्व चेक रिपब्लिक भी 18 रूसी राजनयिकों को सैन्य खुफिया एजेंसी का जासूस बताकर देश से निष्कासित कर चुका है।

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72 घंटे से भी कम समय में रूस की इस कार्रवाई को जवाबी कदम माना जा रहा है। इससे पहले रूस और अमेरिका के बीच राजनयिकों के निष्कासन का विवाद चल चुका है। चेक गणराज्य का आरोप है कि निष्कासित किए गए 18 रूसी राजनयिक देश में गोला-बारूद के एक डिपो में 2014 में हुए विस्फोट में शामिल थे। इसकी प्रतिक्रिया में रूस के विदेश मंत्रालय ने चेक गणराज्य के राजदूत वितेज्स्लाव पिवोंका को तलब किया और उनके देश के 20 राजनयिकों को देश से बाहर जाने का आदेश दे दिया।
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रूस ने चेक गणराज्य से उसके राजनयिकों को निष्कासित किए जाने को एक ‘शत्रुतापूर्ण कदम’ बताया और कहा, यह कदम रूस के खिलाफ लगाए गए हालिया अमेरिकी प्रतिबंधों की पृष्ठभूमि में अमेरिका को खुश करने के लिए उठाया गया है। चेक गणराज्य ने इस मामले में अपने विदेशी आका को भी पीछे छोड़ दिया। जबकि चेक गणराज्य के पीएम आंद्रेज बाबिस ने कहा था कि उन्हें देश के पूर्वी कस्बे में हुए बड़े विस्फोट में रूसी सेना के एजेंटों की संलिप्तता के स्पष्ट सुबूत मिले हैं। 
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डिपो धमाके में रहा रूसी हाथ
चेक रिपब्लिक ने बताया कि 2018 में ब्रिटेन में दो रूसी जासूसों ने नर्व एजेंट जहर देकर जिस रूसी एजेंट की हत्या की थी, वही जासूस इस घटना से चार साल पहले चेक रिपब्लिक के गोला बारूद डिपो में हुए धमाके के पीछे भी जिम्मेदार रहे हैं। चेक रिपब्लिक ने इस संबंध में नाटो देशों और यूरोपीय संघ (ईयू) के सहयोगियों को सूचित किया है कि उसे 2014 में हुए डिपो विस्फोट में रूस का हाथ होने का संदेह है। 


रूस व पश्चिमी देशों में फिर तनाव
अमेरिका ने चेक रिपब्लिक के रूस को कड़ा जवाब देने की तारीफ की है। 1989 में पूर्वी यूरोप में सोवियत वर्चस्व के दशकों के बाद यह पहला मौका है, जब प्राग और मॉस्को के बीच तनाव इतना बढ़ गया है। वास्तव में इस घटना ने रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव को और अधिक बढ़ा दिया है। तनाव का एक और कारण रूस के यूक्रेन की पश्चिमी सीमा पर सैनिकों और हथियारों की मदद बढ़ाना भी है।

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