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रिकॉर्ड स्तर पर क्रूड: कच्चे तेल की महंगाई से जल्द राहत नहीं, पेट्रोलियम कंपनियों के दिन फिरे
Wed, 27 Oct 2021 07:12 PM IST
Harendra Chaudhary
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Wed, 27 Oct 2021 07:12 PM IST
सार
यह संभावना जताई जा रही है कि तेल कंपनियां तेल की खोज और उसे निकालने में अपना निवेश बढ़ाएंगी। जानकारों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के बढ़ रहे संकट के बीच तेल उद्योग की चुनौतियां बढ़ती नजर आ रही थीं। लेकिन अचानक हुई महंगाई ने इन कंपनियों की संभावना फिर से उज्ज्वल कर दी है...
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crude oil
- फोटो : social media
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विस्तार
कच्चे तेल की महंगाई कम से कम अगले छह महीनों तक जारी रहेगी। ये अनुमान तेल कारोबार के विशेषज्ञों का है। इन विशेषज्ञों के मुताबिक पिछले साल लगाया गया ये अनुमान गलत साबित हो गया है कि कच्चे तेल की मांग अपनी चरम सीमा पर पहुंच चुकी है। अब हकीकत यह है कि कम सप्लाई के बीच कच्चे तेल की मांग लगातार बढ़ रही है। ये ट्रेंड अभी जारी रहने वाला है।
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तेल कारोबार की खबर देने वाली वेबसाइट ऑयलप्राइस.कॉम के मुताबिक हाल में कच्चे तेल की कीमत पिछले कई साल के सबसे ऊंचे स्तर पर जा पहुंची है। ब्रेंड क्रूड (ब्रिटेन और नॉर्वे के निकट उत्तर सागर से निकाला जाने वाला कच्चा तेल) की कीमत इस समय अक्टूबर 2018 के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर है। डब्ल्यूटीआई क्रूड (अमेरिका में निकाले जाने वाले कच्चे तेल) की कीमत तो 2014 के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है।
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इन्वेस्टमेंट बैंकों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमत अभी भी अपने चरम स्तर पर नहीं पहुंची है। यानी अभी इनमें और बढ़ोतरी की गुंजाइश है। अमेरिकी इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्श ने कहा है कि गैर-ओपेक देशों की तरफ से तेल की कम सप्लाई के कारण दाम में इजाफे की गुंजाइश बनी हुई है। ओपेक तेल उत्पादक देशों का संगठन है, जिसमें तेल उत्पादक कई दूसरे देश शामिल नहीं हैं। गोल्डमैन सैक्श के मुताबिक तेल की ये महंगाई आने वाले कई वर्षों तक जारी रह सकती है।
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गोल्डमैन सैक्श के ऊर्जा अनुसंधान विभाग के प्रमुख डेमियन कॉरवालिन ने टीवी चैनल सीएनबीसी से बातचीत में कहा कि अगले साल तेल की मांग और बढ़ने की संभावना है। इसलिए अब इस क्षेत्र में निवेश बढ़ाए जान की जरूरत है। इन्वेस्टमेंट बैंक आरसीबी कैपिटल मार्केट्स ने भी कहा है कि तेल की मांग बढ़ने की पूरी संभावना है। बैंक ने ये बात अक्टूबर के मध्य में जारी अपनी रिपोर्ट में कही थी।
इस बीच एक अन्य इन्वेस्टमेंट बैंक मॉर्गन स्टैनले ने पिछले हफ्ते कहा था कि तेल की कीमत अभी दस फीसदी और बढ़ोतरी हो सकती है। एक फ्रांस के बैंक बीएनपी पारिबास ने 2023 तक तेल की महंगाई जारी रहने का अनुमान लगाया है।
अब यह संभावना जताई जा रही है कि तेल कंपनियां तेल की खोज और उसे निकालने में अपना निवेश बढ़ाएंगी। जानकारों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के बढ़ रहे संकट के बीच तेल उद्योग की चुनौतियां बढ़ती नजर आ रही थीं। लेकिन अचानक हुई महंगाई ने इन कंपनियों की संभावना फिर से उज्ज्वल कर दी है। रेटिंग एजेंसी मूडीज ने तो अब सलाह दी है कि तेल निकालने के कारोबार में 54 प्रतिशत निवेश बढ़ाने की जरूरत है। उसके मुताबिक तभी दुनिया तेल की कमी की समस्या से उबर पाएगी।
मूडीज की राय का समर्थन अमेरिका की तेल उत्पादक कंपनी हेस कॉर्प ने भी किया है। उसके अध्यक्ष ग्रेग हिल ने कहा है कि तेल कंपनियां कच्चे तेल की सप्लाई में बहुत कम निवेश कर रही हैं। पिछले साल ये निवेश 15 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया था।