{"_id":"64b45e086ad1590ce80cd0fa","slug":"cross-border-rail-link-between-nepal-and-india-becomes-operational-2023-07-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Nepal- India: नेपाल और भारत के बीच सीमा पार रेल संपर्क चालू, इससे देश में व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Nepal- India: नेपाल और भारत के बीच सीमा पार रेल संपर्क चालू, इससे देश में व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
Mon, 17 Jul 2023 02:45 AM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 17 Jul 2023 02:45 AM IST
सार
भारत और नेपाल के बीच सीमा पार जयनगर-बिजलपुरा-बरदीबास का कुर्था-बिजलपुरा रेल लाइन के एक खंड का परिचालन रविवार से चालू हो गया है।
विज्ञापन
नेपाल और भारत के बीच सीमा पार रेल संपर्क चालू
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत व नेपाल को जोड़ने वाली जयनगर-बिजलपुरा-बरदीबास अंतरराष्ट्रीय रेल लाइन के एक खंड पर रविवार से ट्रेनों का परिचालन प्रारंभ हो गया। भारतीय दूतावास की तरफ से जारी बयान के अनुसार, नेपाल के बुनिया ढांचा व परिवहन मंत्री प्रकाश ज्वाला ने इस अंतरराष्ट्रीय रेल लाइन के कुर्था-बिजलपुरा रेलखंड ने ट्रेन सेवा की शुरुआत की।
इस दौरान उन्होंने कहा, यह रेल लाइन दोनों देशों की जानता के बीच संबंधों को और प्रगाढ़ करेगी। इससे नेपाल में व्यापार पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। बिजलपुरा स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान भारतीय दूतावास के उप प्रमुख प्रसन्न श्रीवास्तव, मधेश प्रदेश के स्थानीय नेता व सरकारी अधिकारी मौजूद रहे।
यहां से होकार गुजरेगी रेल लाइन
ज्वाला ने कहा कि यह रेल कनेक्टिविटी दोनों देशों के बीच लोगों के बीच संबंधों को जबरदस्त बढ़ावा देगी और नेपाल में व्यापार एवं पर्यटन को बढ़ाएगी। कुर्था-बिजलपुरा लाइन की कुल लंबाई 17.3 किलोमीटर है और इस खंड पर पांच स्टेशन कुर्था, पिपरादी, लोहारपट्टी, सिंग्याही और बिजलपुरा हैं। विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह भारत की 783.83 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता के तहत बनाई जा रही 68.7 किलोमीटर लंबी जयनगर-बिजलपुरा-बरदीबास सीमा पार रेल लाइन परियोजना का दूसरा चरण है।
विज्ञापन
पिछले महीने प्रधानमंत्री पुष्पकमल दाहाल ‘प्रचंड’ की भारत यात्रा के दौरान कुर्था-बिजलपुरा रेल खंड नेपाल सरकार को सौंप दिया गया था। जयनगर से कुर्था तक पहले चरण का उद्घाटन पिछले साल अप्रैल में किया गया था और तब से यह चालू है। बिजलपुरा को बर्दीबास से जोड़ने वाले तीसरे चरण के लिए भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है।
सीमा पार रेल लाइन से नेपाल में व्यापार और पर्यटन को बढ़ेगा
मंत्री ज्वाला ने नेपाल में रेल क्षेत्र सहित बुनियादी ढांचे के विकास में निरंतर समर्थन के लिए भारत सरकार को धन्यवाद दिया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह रेल कनेक्टिविटी दोनों देशों के बीच लोगों के बीच संबंधों को जबरदस्त बढ़ावा देगी और नेपाल में व्यापार और पर्यटन को बढ़ाएगी। इस परियोजना के कार्यान्वयन से भारत और नेपाल के बीच भौतिक कनेक्टिविटी बढ़ेगी, जो भारत सरकार की पड़ोसी प्रथम नीति का एक महत्वपूर्ण तत्व है।
अप्रैल में हुआ था पहले चरण का उद्घाटन
परियोजना के पहले चरण जयनगर-कुर्था का इसी साल अप्रैल में उद्घाटन हुआ था। तीसरे खंड बिजलपुरा-बरदीबास का निर्माण कार्य जारी है।
भारत ने भेंट किए 84 वाहन
भारत ने रविवार को स्वास्थ्य व शिक्षा क्षेत्र में काम करने वाले नेपाल के संगठनों को 84 वाहन भेंट किए। नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अशोक कुमार राय की मौजूदगी में संगठनों के प्रतिनिधियों को 34 एंबुलेंस व 50 स्कूल बसों की चाभियां सौंपीं। इस दौरान श्रीवास्तव ने कहा, स्वास्थ्य व शिक्षा के बुनियादी ढांचा को मजबूत करने के लिए नेपाल को वाहनों का उपहार देना भारत की पुरानी परंपरा है।
विज्ञापन
इस दौरान उन्होंने कहा, यह रेल लाइन दोनों देशों की जानता के बीच संबंधों को और प्रगाढ़ करेगी। इससे नेपाल में व्यापार पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। बिजलपुरा स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान भारतीय दूतावास के उप प्रमुख प्रसन्न श्रीवास्तव, मधेश प्रदेश के स्थानीय नेता व सरकारी अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
यहां से होकार गुजरेगी रेल लाइन
ज्वाला ने कहा कि यह रेल कनेक्टिविटी दोनों देशों के बीच लोगों के बीच संबंधों को जबरदस्त बढ़ावा देगी और नेपाल में व्यापार एवं पर्यटन को बढ़ाएगी। कुर्था-बिजलपुरा लाइन की कुल लंबाई 17.3 किलोमीटर है और इस खंड पर पांच स्टेशन कुर्था, पिपरादी, लोहारपट्टी, सिंग्याही और बिजलपुरा हैं। विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह भारत की 783.83 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता के तहत बनाई जा रही 68.7 किलोमीटर लंबी जयनगर-बिजलपुरा-बरदीबास सीमा पार रेल लाइन परियोजना का दूसरा चरण है।
विज्ञापन
पिछले महीने प्रधानमंत्री पुष्पकमल दाहाल ‘प्रचंड’ की भारत यात्रा के दौरान कुर्था-बिजलपुरा रेल खंड नेपाल सरकार को सौंप दिया गया था। जयनगर से कुर्था तक पहले चरण का उद्घाटन पिछले साल अप्रैल में किया गया था और तब से यह चालू है। बिजलपुरा को बर्दीबास से जोड़ने वाले तीसरे चरण के लिए भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है।
सीमा पार रेल लाइन से नेपाल में व्यापार और पर्यटन को बढ़ेगा
मंत्री ज्वाला ने नेपाल में रेल क्षेत्र सहित बुनियादी ढांचे के विकास में निरंतर समर्थन के लिए भारत सरकार को धन्यवाद दिया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह रेल कनेक्टिविटी दोनों देशों के बीच लोगों के बीच संबंधों को जबरदस्त बढ़ावा देगी और नेपाल में व्यापार और पर्यटन को बढ़ाएगी। इस परियोजना के कार्यान्वयन से भारत और नेपाल के बीच भौतिक कनेक्टिविटी बढ़ेगी, जो भारत सरकार की पड़ोसी प्रथम नीति का एक महत्वपूर्ण तत्व है।
अप्रैल में हुआ था पहले चरण का उद्घाटन
परियोजना के पहले चरण जयनगर-कुर्था का इसी साल अप्रैल में उद्घाटन हुआ था। तीसरे खंड बिजलपुरा-बरदीबास का निर्माण कार्य जारी है।
भारत ने भेंट किए 84 वाहन
भारत ने रविवार को स्वास्थ्य व शिक्षा क्षेत्र में काम करने वाले नेपाल के संगठनों को 84 वाहन भेंट किए। नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अशोक कुमार राय की मौजूदगी में संगठनों के प्रतिनिधियों को 34 एंबुलेंस व 50 स्कूल बसों की चाभियां सौंपीं। इस दौरान श्रीवास्तव ने कहा, स्वास्थ्य व शिक्षा के बुनियादी ढांचा को मजबूत करने के लिए नेपाल को वाहनों का उपहार देना भारत की पुरानी परंपरा है।