कोरोना संकट: जी-20 देश फिलहाल गरीब देशों से नहीं करेंगे कर्ज वसूली
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जी-20 देशों ने दुनिया के सबसे गरीब देशों से फिलहाल कर्ज वसूली रोकने का फैसला लिया है। कोरोना वायरस के कहर को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों ने बैठक के बाद कहा कि हम गरीब देशों से कर्ज भुगतान को कुछ समय के लिए लंबित करने का समर्थन करते हैं। विश्व बैंक और 20 यूरोपीय व अफ्रीकी देशों ने जी-20 देशों से इस मुद्दे पर संयुक्त अपील की थी।
20 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं वाले इन देशों के वित्त मंत्रियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा, कर्ज वसूलना तुरंत ही बंद कर दिया जाएगा। हालांकि बयान में यह नहीं बताया गया कि कर्ज कब तक नहीं वसूला जाएगा या इससे कितने देशों को इससे लाभ होगा। जबकि फ्रांस के वित्त मंत्री ब्रूनो ली मेर ने कहा कि दुनिया के 76 देश कर्ज नहीं वसूलने का फैसला ले सकते हैं।
हालांकि बयान में यह भी चिंता जताई गई है कि चीन इस तरह के उपायों का मार्ग अवरुद्ध कर सकता है। जबकि इन उपायों का उद्देश्य यह है कि सबसे गरीब राष्ट्र अपने स्वास्थ्य देखभाल पर खर्च कर सकें।
सीतारमण ने की आर्थिक स्थिरता बनाए रखने की अपील
जी-20 देशों की बैठक में हिस्सा लेते हुए भारतीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोगों के जीवन और आजीविका की सुरक्षा के लिए आर्थिक स्थिरता बनाए रखने की अपील की है। इस दौरान उन्होंने भारत में सरकार द्वारा कमजोर वर्गों को शीघ्र सहायता देने के उपायों के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने कहा, सदस्य देशों ने स्थायी तरीकों से व्यापक आर्थिक स्थिरता बनाए रखते हुए लोगों के जीवन और आजीविका की सुरक्षा में भूमिका निभाई है, जो आगे भी जारी रहनी जरूरी है।