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Hijab Ban: यूरोपीय यूनियन की कंपनियों को कोर्ट से हिजाब पर प्रतिबंध की अनुमति, भारत में मामला लंबित
Sun, 16 Oct 2022 12:08 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, लक्जमबर्ग।
एजेंसी, लक्जमबर्ग।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 16 Oct 2022 12:08 AM IST
सार
बेल्जियम की एक कंपनी की महिला कर्मचारी की शिकायत पर यह फैसला आया है। महिला छह हफ्ते की ट्रेनिंग के लिए गई थी, लेकिन उसे बताया गया कि हिजाब नहीं पहन सकती।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
भारत में हिजाब पर प्रतिबंध का मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, लेकिन यूरोपीय यूनियन (ईयू) की सबसे बड़ी अदालत द कोर्ट ऑफ जस्टिस ने निजी कंपनियों को सिर या मुंह ढकने पर प्रतिबंध लगाने की अनुमति दे दी है। यह फैसला सभी 27 देशों में लागू होगा।
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अदालत ने कहा कि यह फैसला न तो किसी की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाता है और न ही कर्मचारियों के बीच किसी तरह का भेदभाव करता है। हालांकि किसी कंपनी में सिर या मुंह ढंकने पर प्रतिबंध है तो ही हिजाब पर रोक लागू होगी। यह फैसला सिर्फ हिजाब पर प्रतिबंध की बात नहीं करता।
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बेल्जियम की एक कंपनी की महिला कर्मचारी की शिकायत पर यह फैसला आया है। महिला छह हफ्ते की ट्रेनिंग के लिए गई थी, लेकिन उसे बताया गया कि हिजाब नहीं पहन सकती। कंपनी ने नियम बना रखा था कि कार्यालय में कोई भी कैप, हैट, स्कार्फ, सिर या मुंह ढंकने वाली कोई चीज नहीं पहन सकता।
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महिला ने नियम पर आपत्ति करते हुए इसे अपने धर्म के खिलाफ करार दिया। बेल्जियम की अदालत ने मामला यूरोपीय संघ की सुप्रीम कोर्ट के पास भेजा। उसने फैसला दिया कि सभी कर्मचारियों के लिए समान नियम है तो मुंह ढकने पर प्रतिबंध कानून का उल्लंघन नहीं करता।
कई यूरोपीय देशों में लागू है हिजाब पर प्रतिबंध
हिजाब या बुर्के पर प्रतिबंध यूरोप में काफी समय से बहस के केंद्र में है। फ्रांस ने 2004 में सरकारी स्कूलों में हिजाब पर प्रतिबंध लगाया था। फ्रांस ने ही सार्वजनिक स्थानों पर नकाब, बुर्का, पूरे चेहरे या शरीर को ढकने वाले किसी भी परिधान को प्रतिबंधित किया था।
नीदरलैंड में स्कूलों, अस्पतालों व सार्वजनिक परिवहन में भी नकाब और बुर्के पर रोक है। तीन दिन पहले ही स्विट्जरलैंड की सरकार ने किसी के भी पूरा चेहरा ढकने या बुर्का पहनने पर 82 हजार रुपये जुर्माना लगाने का प्रस्ताव अपनी संसद को भेजा है।
तेहरान की जेल में आगजनी
ईरान में हिजाब बैन को लेकर हो विरोध प्रदर्शन में कोई कमी नहीं आई है। इस दौरान ईरान के तेहरान से खबर आई है कि जहां राजनीतिक कैदियों को हिरासत में रखा गया था, उस एविन जेल में आग लगने की खबर सामने आई है, साथ ही गोलियों के चलने की भी आवाजें सुनाई दी हैं। इसमें करीब आठ लोग घायल हो गए। बता दें कि 22 वर्षीय कुर्द-ईरानी महिला महसा अमिनी की हिरासत में मौत को लेकर पूरे ईरान में लगभग एक महीने के विरोध प्रदर्शन के बाद भड़क उठी है।