Disaster Risks: PM के मुख्य सचिव बोले- आपदा जोखिमों को रोकना पहली जिम्मेदारी, वित्तीय संरचना विकसित करना जरूरी
पीएम के प्रधान सचिव पीके मिश्रा ने 'द रोल्स ऑफ स्टेट्स फॉर प्रमोटिंग इनवेस्टमेंट्स इन डिजास्टर रिस्क रिडक्शन टुवर्ड्स रेसिलिएंट एंड सस्टेनेबल फ्यूचर' पर भारत-जापान साइड इवेंट को संबोधित किया।
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नए आपदा जोखिमों का प्रधानमंत्री कई बार जिक्र कर चुके हैं। इसको लेकर उन्होंने कई कार्यक्रमों में भी भाग लिया है। वहीं अब भारतीय प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी. के. मिश्रा ने गुरुवार को कहा कि नए आपदा जोखिमों के निर्माण को रोकने के साथ-साथ मौजूदा आपदा जोखिमों को कम करने के लिए राज्यों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
#WATCH | New York: Dr PK Mishra, Principal Secretary to Prime Minister speaks at the India-Japan side event on the roles of states for promoting investments in 'Disaster Risk Reduction' towards a resilient and sustainable future. pic.twitter.com/7RDNOHyzhr
— ANI (@ANI) May 18, 2023विज्ञापन
भारत-जापान साइड इवेंट को किया संबोधित
पीएम के प्रधान सचिव पीके मिश्रा ने 'द रोल्स ऑफ स्टेट्स फॉर प्रमोटिंग इनवेस्टमेंट्स इन डिजास्टर रिस्क रिडक्शन टुवर्ड्स रेसिलिएंट एंड सस्टेनेबल फ्यूचर' पर भारत-जापान साइड इवेंट को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जी7 और जी20 दोनों ने आपदा जोखिम में कमी को प्राथमिकता दी है, यह दर्शाता है कि इस मुद्दे पर अब वैश्विक नीति के तहत उच्चतम स्तर पर ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि देशों को एक वित्तीय व्यवस्था विकसित करनी चाहिए जो संतुलित तरीके से आपदा जोखिम में कमी की जरूरतों के पूरे कर सके। बहुत लंबे समय से हमने लगभग पूरी तरह से आपदा प्रतिक्रिया, वसूली और पुनर्निर्माण के वित्तपोषण पर ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने कहा कि हमें आपदा जोखिम न्यूनीकरण और आपदा तैयारी के वित्तपोषण पर पर्याप्त ध्यान देना चाहिए। यह केवल बड़ी मात्रा में संसाधन उपलब्ध कराने का मामला नहीं है।
आपदा जोखिम में कमी के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक
अनियंत्रित शहरी विकास के तेजी से विस्तार के कारण कई शहर जोखिम के बढ़ते जोखिम के साथ बढ़ रहे हैं। आर्थिक विकास के ठहराव और खतरों के कारण समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए आपदा जोखिम में कमी के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं।
आपदा जोखिम में कमी के लिए निर्धारित धन में काफी वृद्धि की है
प्रधान मंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा ने कहा कि भारत में, हम आपदा जोखिम न्यूनीकरण के मुद्दों को अत्यधिक महत्व देते हैं। यह एक केंद्रीय सार्वजनिक नीति का मुद्दा है। हमने आपदा जोखिम में कमी के लिए निर्धारित धन में काफी वृद्धि की है। पांच वर्षों (2021-2025) में आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए हमारी राज्य और स्थानीय सरकारों के पास लगभग 6 बिलियन डॉलर की पहुंच है। यह तैयारी, प्रतिक्रिया और रिकवरी के लिए 23 बिलियन डॉलर के संसाधन के अतिरिक्त है।
संयुक्त राष्ट्र में पीके मिश्रा ने कहा कि हम आपदा जोखिम प्रबंधन की जरूरतों के पूरे स्पेक्ट्रम का समर्थन करने के लिए अपने वित्त पोषण वास्तुकला में महत्वपूर्ण बदलाव लाए हैं।
#WATCH | In India, we accord high importance to disaster risk reduction issues; it is a central public policy issue. We have significantly increased funding earmarked for disaster risk reduction. Our state and local govts have access to about $6 billion for disaster risk… pic.twitter.com/nNYBrAGlHD
— ANI (@ANI) May 18, 2023