CoronaVirus World News: पाक को गिलगिट-बाल्तिस्तान सीमा से मदद भेजना चाहता है चीन, बांग्लादेश 04 अप्रैल तक बंद!
- बांग्लादेश ने निर्यातकों को दी बड़ी आपातकालीन राहत
- कर्मचारियों को वेतन देने के लिए 59 लाख डॉलर के पैकेज का ऐलान
- जरूरी सामान भिजवाने के लिए गिलगिट-बाल्तिस्तान सीमा खोलने की अपील
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कोरोना ने जिस तरह तमाम देशों की अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया है, ऐसे में बांग्लादेश ने अपने देश के निर्यातकों के लिए एक बड़ा एलान किया है। सरकार निर्यात करने वाले उद्योगों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए 59 लाख डॉलर के राहत पैकेज देने जा रही है। सरकार के मुताबिक इस फंड का इस्तेमाल रेडिमेड गारमेंट से जुड़े उद्योगों से जुड़े कर्मचारियों को वेतन और भत्ते देने के लिए किया जाएगा।
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने देश के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक टेलीविजन संदेश में इस राहत पैकेज का एलान किया। उन्होंने कहा कि कोरोना की वजह से निर्यात बहुत ज्यादा प्रभावित हुआ है और निर्यातकों की हालत खराब हो गई है।
तमाम निर्यातक कर्मचारियों को वेतन नहीं दे पा रहे हैं, ऐसे में सरकार ने निर्यातकों को ये आपातकालीन राहत देने का फैसला किया है।
बांग्लादेश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं इसे देखते हुए सरकार ने 26 मार्च से 04 अप्रैल तक सार्वजनिक अवकाश का एलान कर दिया है। बांग्लादेश रेलवे ने अपनी 257 यात्री और माल गाड़ियां रद्द कर दी हैं। लोगों को एहतियात बरतने और सरकारी दिशा निर्देशों को सख्ती से मानने को कहा गया है।
चीन ने पाक को भेजी मदद
वहीं खुद को कोरोना के संकट से उबार लेने के बाद अब चीन दूसरे देशों और खासकर पाकिस्तान को इससे बचने के लिए तमाम जरूरी मेडिकल संसाधन मुहैया कराने में लगा है। चीन ने पाकिस्तान से कहा है कि वह गिलगिट-बाल्तिस्तान में चीन से लगी खुंजेराब पास सीमा को 27 मार्च के लिए खोल दे ताकि जरूरी सामान वहां तक पहुंच सके।
यह सीमा आम तौर पर हर साल 01 अप्रैल से खोली जाती थी, लेकिन इस बार कोरोना के खतरे की वजह से इसे अनिश्चितकाल तक के लिए बंद करने का फैसला किया गया है।
इस बारे में पाकिस्तान स्थित चीनी दूतावास ने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर बताया है कि चीन के झिंगजियांग प्रांत के गवर्नर पाकिस्तान के गिलगिट-बाल्तिस्तान के लिए कोरोना से बचाव के लिए जरूरी मेडिकल सामानों की एक खेप मदद के तौर पर देना चाहते हैं।
इसके लिए पाक एक दिन के लिए 27 मार्च को अपनी सीमा खोल दे ताकि ये सामान वहां तक पहुंच सके। मदद की इस खेप में 2 लाख सामान्य फेस मास्क, 2000 एन-95 फेस मास्क, पांच वेंटिलेटर्स, 2000 जांच किट और 2000 प्रोटेक्टिव पोशाकें शामिल हैं।
प्रांत के मुख्यमंत्री हफीजुर्रहमान ने कोरोना के खतरे को देखते हुए चीन से इस मदद की मांग की थी। गिलगिट-बाल्तिस्तान की आबादी को देखते हुए यहां कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या काफी ज्यादा है, लेकिन पर्याप्त मेडिकल सुविधाएं न होने से इनके इलाज में काफी दिक्कतें आ रही हैं।
जाहिर है पाकिस्तान को मदद के सवाल पर चीन हमेशा तत्परता दिखाता रहा है और यह एक ऐसा मौका है जब चीन अपने रिश्ते और मजबूत करने में ज़रा भी ढील नहीं देना चाहता।
वैसे भी इस वक्त जिस तरह दुनिया के कई देश चीन से ही पैदा हुए इस भयानक संकट से तबाह हो रहे हैं, ऐसे में कोरोना से महज तीन महीनों में ही मुक्ति पा चुका चीन नैतिक तौर पर भी मदद करने आगे आ रहा है।