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ब्रिटेन में 87 वर्षीय भारतीय मूल के व्यक्ति उन पहले लोगों में शामिल जिन्हें कोविड-19 का टीका लगेगा
Tue, 08 Dec 2020 09:07 AM IST
अनवर अंसारी
पीटीआई, लंदन
पीटीआई, लंदन
Published by: अनवर अंसारी
Updated Tue, 08 Dec 2020 09:07 AM IST
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हरि शुक्ला (फाइल फोटो)
- फोटो : Twitter
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ब्रिटेन में कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए आज से टीकाकरण अभियान शुरू हो गया है। उत्तर-पूर्वी इंग्लैंड के भारतीय मूल के 87 वर्षीय हरि शुक्ला दुनिया के उन कुछ पहले लोगों में शामिल होंगे, जिन्हें कोविड-19 का टीका लगेगा। शुक्ला को न्यूकैसल में एक अस्पताल में ‘फाइजर/बायोनटेक’ द्वारा विकसित टीका लगाया जाएगा।
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पीएम जॉनसन ने दिया 'वी-डे' नाम
टाइन एंड वियर इलाके में रहने वाले हरि शुक्ला ने कहा कि उन्हें लगता है कि दो खुराक वाली वैक्सीन में से पहली खुराक प्राप्त करना उनका कर्तव्य है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने टीकाकरण के इस अभियान को एक बड़ा कदम बताते हुए इसे वी-डे या वैक्सीन डे करार दिया।
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शुक्ला ने कहा, 'मुझे खुशी है कि हम उम्मीद कर रहे हैं कि इस महामारी का अब अंत होने जा रहा है। उन्होंने कहा, मुझे वैक्सीन लगवाकर अभियान की शुरुआत करने में खुशी हो रही है। मुझे लगता है कि ऐसा करना मेरा कर्तव्य है और मैं जो भी मदद कर सकता हूं, वह करूंगा।'
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उन्होंने कहा, वैक्सीन को लेकर ब्रिटेन के एनएचएस (राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा) ने मुझसे संपर्क किया। मुझे पता है कि वे सभी कितनी मेहनत करते हैं और मेरे लिए उनके प्रति सम्मान हैं, क्योंकि उनके पास सोने का दिल है। उन्होंने कहा, महामारी के दौरान हमें सुरक्षित रखने के लिए एनएचएस ने जो कुछ भी किया है, उसके लिए मैं उनका आभारी हूं।
शुक्ला को एनएचएस द्वारा 'संयुक्त टीकाकरण और प्रतिरक्षा' पर निर्धारित मानदंडों के आधार पर कोरोना के उच्चतम जोखिम वाली श्रेणी का होने पर वैक्सीन लगवाने के लिए सूचना दी गई। ब्रिटेन में 80 वर्ष से अधिक आयु के लोग, घरेलू कामगारों के साथ-साथ एनएचएस कार्यकर्ता जो कि अधिक जोखिम में हैं। उन्हें सबसे पहले वैक्सीन की खुराक दी जाएगी।
ब्रिटिश पीएम जॉनसन ने इस मौके पर कहा, 'आज ब्रिटेन के कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ा दिन है, क्योंकि हम पूरे देश में मरीजों को वैक्सीन लगाने की शुरुआत कर रहे हैं। मुझे उन वैज्ञानिकों पर बहुत गर्व है, जिन्होंने वैक्सीन विकसित की, जनता के सदस्य जिन्होंने परीक्षणों में भाग लिया और एनएचएस जिन्होंने टीकाकरण की तैयारी के लिए अथक परिश्रम किया है।'