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अमेरिका: महंगाई और अपराध में इजाफे से बाइडन की मुश्किलें और बढ़ीं
Mon, 09 Aug 2021 04:21 PM IST
Harendra Chaudhary
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Mon, 09 Aug 2021 04:21 PM IST
सार
डेमोक्रेटिक पार्टी के चुनाव प्रचार समिति के प्रवक्ता क्रिस टेलर ने वाशिंगटन पोस्ट से कहा- ‘रिपब्लिकन पार्टी पिछले छह महीनों में वही चरमपंथी बातें करती रही है, जिनकी वजह से छह जनवरी को कैपिटल हिल (संसद भवन) पर हमला हुआ था...
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जो बाइडन (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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विस्तार
अमेरिका में कोरोना संक्रमण की नई लहर, बढ़ती महंगाई, अपराध में बढ़ोतरी और देश में आव्रजकों की संख्या में वृद्धि से रिपब्लिकन पार्टी को आक्रामक होने के लिए नए मुद्दे मिले हैं। उधर डेमोक्रेटिक पार्टी में जहां राष्ट्रपति जो बाइडन रिपब्लिकन पार्टी को साथ लेकर चलने की नीति अपना रहे हैं, वहीं पार्टी के प्रोग्रेसिव धड़े ने उन पर वामपंथी नीतियां अपनाने के लिए दबाव बढ़ा दिया है। विश्लेषकों के मुताबिक इन कारणों से रिपब्लिकन पार्टी के जन समर्थन में बढ़ोतरी होने के संकेत हैं।
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अब दोनों पार्टियां अगले साल नवंबर में होने वाले संसदीय चुनाव की तैयारी में जुट गई हैं। कांग्रेस (अमेरिकी संसद) में अवकाश होने के साथ ज्यादातर सांसद अपने-अपने क्षेत्रों में प्रचार करने चले गए हैं। इस दौरान रिपब्लिकन नेता खुलेआम आरोप लगा रहे हैं कि बाइडन प्रशासन पूरी तरह नाकाम हो गया है। वायोमिंग राज्य से सीनेटर जॉन बरासो ने वेबसाइट एक्सियोस.कॉम से कहा- ‘इस प्रशासन ने अर्थव्यवस्था, सीमा, अपराध- सभी मोर्चों पर बदइंतजामी का परिचय दिया है। लोग इसे देख रहे हैं और इससे बहुत नाराज हैं। हमारे अंदरूनी जनमत सर्वेक्षण से इस बात की पुष्टि हुई है।’
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विश्लेषकों के मुताबिक ये तमाम मुद्दे मीडिया की सुर्खियों में भी छाये हुए हैं। उधर डेमोक्रेटिक पार्टी का प्रोग्रेसिव धड़ा हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में अपने बहुमत का इस्तेमाल कर 3.5 ट्रिलियन डॉलर के सॉफ्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर पैकेज को पारित करने के इरादे पर अडिग है। उसने शर्त लगा रखी है कि अगर इस पैकेज को सीनेट ने मंजूरी दी, तभी हाउस 1.2 ट्रिलियन डॉलर के उस हार्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर पैकेज को मंजूरी देगा, जिसे सीनेट में दोनों पार्टियों के समर्थन से पारित किया गया है।
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रिपब्लिकन पार्टी का दावा है कि प्रोग्रेसिव डेमोक्रेट्स की इस जिद से आम वोटर नाराज है। इसीलिए इसे वह अपना प्रमुख मुद्दा बनाने जा रही है। उधर अखबार वॉशिंगटन पोस्ट में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक डेमोक्रेटिक पार्टी ने अपने सांसदों से कहा है कि वह मतदाताओं के बीच मध्य वर्ग के लिए टैक्स में कटौती, इन्फ्रास्ट्रक्चर पैकेज से पैदा होने वाली नौकरियों और हेल्थ केयर पर खर्च घटाने के मुद्दों को लोगों के सामने रखें और उन पर समर्थन जुटाएं।
डेमोक्रेटिक पार्टी के चुनाव प्रचार समिति के प्रवक्ता क्रिस टेलर ने वाशिंगटन पोस्ट से कहा- ‘रिपब्लिकन पार्टी पिछले छह महीनों में वही चरमपंथी बातें करती रही है, जिनकी वजह से छह जनवरी को कैपिटल हिल (संसद भवन) पर हमला हुआ था। हमारा दांव लोगों को यह बताने पर लगा हुआ है कि वे अपने परिवार की भलाई के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी पर भरोसा कर सकते हैं।’
लेकिन मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक डेमोक्रेटिक पार्टी का नेतृत्व इस बात से चिंतित है कि पार्टी का संदेश लोगों को आकर्षित नहीं कर पा रहा है। हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्य सीन पैट्रिक मेलोनी ने पिछले हफ्ते टीवी चैनल सीएनएन से बातचीत में स्वीकार किया था कि ‘अगर आज चुनाव हों, तो हम हार जाएंगे।’ मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक महंगाई एक बड़ा मुद्दा बन गई है। रिपब्लिकन पार्टी की प्रचार समिति के प्रवक्ता माइक बर्ग ने वेबसाइट एक्सियोस.कॉम से कहा- ‘हर अमेरिकी को हर चीज के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है, क्योंकि डेमोक्रेटिक प्रशासन लापरवाही से खर्च कर रहा है।’
बताया जाता है कि रिपब्लिकन पार्टी के एक अंदरूनी सर्वे से ये सामने आया कि महंगाई अमेरिकी जनता की प्रमुख चिंता बनी हुई है। इसके अलावा अपराध बड़ा मुद्दा बन गया है। एक अध्ययन के मुताबिक इस साल के पहले छह महीनों में 2020 की इसी अवधि की तुलना में अपराध में 16 फीसदी का इजाफा हुआ है। रिपब्लिकन पार्टी इन आंकड़ों को अपने प्रचार का हिस्सा बना रही है।