कोरोनावायरसः चरमराई नेपाल की अर्थव्यवस्था, अमेरिका प्रभावित देशों को करेगा मदद
- नेपाल का होटल कारोबार 70 फीसदी गिरा, पर्यटन उद्योग की कमर टूटी
- अमेरिका ने 24 देशों को 37 मीलियन डॉलर की मदद देने का एलान किया
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कोरोनावायरस ने नेपाल की अर्थव्यवस्था पर असर डालना शुरु कर दिया है। खासकर नेपाल का होटल उद्योग बुरी तरह प्रभावित है और वहां का कारोबार 70 फीसदी खत्म हो गया है। अब नेपाल जाने वाले टूरिस्ट लगातार कम हो रहे हैं और पर्यटन पर टिकी नेपाल की अर्थव्यवस्था डगमगाने लगी है।
खासकर चीन से आने वाले पर्यटक अचानक खत्म हो गए हैं और दूसरे देशों से भी पर्यटकों का आना जाना बेहद कम हो गया है। नेपाल के ज्यादातर होटलों में कम से कम 20 फीसदी चीनी पर्यटक आते थे, लेकिन अब कोई नहीं आ रहा है।
काठमांडू के प्रतिष्ठित दरबार मार्ग के होटलों में टूरिस्ट नहीं आ रहे। होटल से जुड़े कर्मचारी बताते हैं कि होटल खाली रह रहे हैं और बेहद कम किराए पर कमरे मिल जा रहे हैं। इससे होटल व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
नेपाल में जहां कृषि और उद्योग के क्षेत्र में पहले ही हालत खराब है और अर्थव्यवस्था पूरी तरह पर्यटन पर ही टिकी रही है। सरकार को उम्मीद थी कि अगर सब कुछ ठीक रहता तो उनकी अर्थव्यवस्था में साढ़े आठ फीसदी बढ़ोतरी हो सकती थी, लेकिन पिछले दो महीनों में हालात बेहद बगड़ गए।
ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट इकॉनॉमिक इम्पैक्ट 2019 में उम्मीद जताई गई थी कि नेपाल की अर्थव्यवस्था पर्यटन की बदौलत पिछले साल के मुकाबले और बढ़ेगी लेकिन ऐसा नहीं लग रहा।
नेपाल राष्ट्र बैंक ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि खेती की बुरी हालत और कोरोना वायरस ने देश की अर्थव्यवस्था पर बहुत ही बुरा असर डाला है। नेपाली चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के उपाध्यक्ष शेखर गोलचा ने भी कहा है कि दवा से लेकर हर इंडस्ट्री का हाल खराब है, कच्चा माल आ नहीं पा रहा और हर क्षेत्र में कोरोना वायरस का आतंक भी नजर आ रहा है। ऐसी हालत में देश के हालात सुधरने में कितना वक्त लगेगा, कहा नहीं जा सकता।
अमेरिका ने कोरोना प्रभावित 24 देशों को दी 37 मीलियन डॉलर की मदद
ढाका। अमेरिका ने बांग्लादेश समेत कोरोनावायरस से जूझ रहे 24 देशों को 37 मीलियन डॉलर की मददद देने का एलान किया है। अमेरिका यह फंड युनाइटेड स्टेट एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (यूएसएआईडी) के जरिये विश्व बैंक और अन्यसंबंधित एजेंसियों को जारी करेगा।
अमेरिका ने फरवरी में ही ऐलान किया था कि वह कोरोनावायरस से प्रभावित देशों को 100 मीलियन डॉलर की मदद देगा। यह उसी की पहली किस्त है।
यूएसएआईडी के प्रशासक मार्क ग्रीन ने बताया कि कोरोना एक बेहद खतरनाक वायरस है और यह तेजी से कहीं भी और किसी में भी फैल रहा है, इसलिए इससे लड़ने और प्रभावित देशों की मदद करने की तत्काल जरूरत है।
इस मदद से तमाम देश अपने यहां कोरोना से लड़ने के लिए अस्पतालों में दवाइयों से लेकर टेस्ट लैब और तमाम तरह की जरूरतें पूरी कर सकेंगे।
बांग्लादेश को मिलने वाली मदद छह तरीकों से इस्तेमाल की जाएगी, जिसमें लैब सुविधाओं को दुरुस्त करना, तत्काल बीमारों की मदद करना और हर सुविधा उपलब्ध कराना, सामुदायिक समूहों की मदद लेना आदि शामिल हैं।