फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   coronavirus : movement of goods at Nepal Border is now easy, India relaxed the rules

नेपाल में सामानों की आवाजाही अब आसान, भारत ने नियमों में दी ढील

Wed, 08 Apr 2020 07:45 AM IST
योगेश साहू डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, काठमांडू।
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, काठमांडू। Published by: योगेश साहू Updated Wed, 08 Apr 2020 07:45 AM IST
विज्ञापन
coronavirus : movement of goods at Nepal Border is now easy, India relaxed the rules
Indo nepal border - फोटो : अमर उजाला।

भारत ने नेपाल सीमा से सामानों के आयात निर्यात के नियमों में ढील दी है। दोनों देशों में लॉकडाउन की वजह से व्यापारियों को जरूरी सामानों के आयात की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। अब भारत ने नेपाल से भारत के रास्ते निर्यात और आयात होने वाले जरूरी सामानों के लिए दस्तावेजी अड़चनें खत्म कर दी हैं। अब नेपाली व्यापारियों को आयात करने के लिए अपना मूल दस्तावेज जमा कराने से छूट दे दी गई है।

विज्ञापन


नेपाल के उद्योग, वाणिज्य और आपूर्ति मंत्रालय के मुताबिक भारत के वाणिज्य मंत्रालय ने तमाम एजेंसियों के लिए यह सर्कुलर जारी किया है जिसमें नेपाल के आयातकों से मूल दस्तावेज जमा कराने की अनिवार्यता खत्म करने को कहा गया है।
विज्ञापन


मंत्रालय के संयुक्त सचिव नवराज ढकाल ने भारत की ओर से नियमों में ढील देने और लचीला रुख अपनाने की जानकारी दी और कहा कि ऐसे संकट के समय व्यावहारिक परेशानियों को समझते हुए नेपाल के आयातकों को भारतीय बंदरगाहों के रास्ते सामानों को ले जाने के लिए भारत सरकार ने यह नरमी दिखाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ढकाल ने बताया कि व्यापारी लंबे समय से ये समस्या बता रहे थे जिसे ध्यान में रखते हुए नेपाल ने भारत सरकार से नियमों में ढील देने का आग्रह किया था, जिसे भारत ने मंजूर करते हुए अब पहले दस्तावेज जमा कराने के नियमों में नरमी दिखाई है।

व्यापारियों की शिकायतों के बावजूद मंत्रालय ने दावा किया है कि लॉकडाउन के पिछले दो हफ्तों के दौरान और सामान्य दिनों में भी वैसे तो व्यापारियों को माल लाने ले जाने में सीमा पर कोई खास मुश्किल नहीं आती रही है, लेकिन नेपाल के भीतर उन्हें लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए ही आवाजाही करनी होगी।

हालांकि व्यापारियों का कहना है कि बीरगंज सीमा पर तमाम आयातित सामानों के कंटेनर डिपो में पड़े हैं, लेकिन लॉकडाउन की वजह से वो उन्हें ले जाने में नाकाम रहे हैं और अब वहां कंटेनर रखने की जगह भी नहीं है।

दूसरी तरफ मंत्रालय का दावा है कि एक भी कंटेनर न तो किसी बंदरगाह पर और न ही किसी सीमा पर पड़ा है। ढकाल का कहना है कि केवल उद्योगों का कच्चा माल बंदरगाहों पर पड़ा है जिससे बंदरगाहों में अब सामान रखने की जगह नहीं बची है। सीमा पर या बंदरगाहों पर दवा बनाने का कच्चा माल जरूर है, कोरोना वायरस को देखते हुए जिसके निर्यात-आयात पर भारत सरकार ने रोक लगा रखी है।


लॉकडाउन के दौरान पिछले दो हफ्तों में 200 कंसाइनमेंट बीरगंज के रास्ते नेपाल पहुंच गए हैं। इसके अलावा ताजी सब्जियों और फलों से लदे 20 ट्रक, पेट्रोलियम पदार्थ ले जाने वाले 70 टैंकर और रसोई गैस समेत कई जरूरी सामानों के ट्रक भी नेपाल में आने को तैयार हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed