फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Coronavirus in World Russian provinces are hit hard by a second Covid19 wave

रूसी प्रांतों में कोरोना की दूसरी लहर, काले प्लास्टिक की थैलियों में शवों के ढेर वाले वीडियो हो रहे वायरल

Sun, 01 Nov 2020 06:33 AM IST
देव कश्यप वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मास्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मास्को Published by: देव कश्यप Updated Sun, 01 Nov 2020 06:33 AM IST
विज्ञापन
Coronavirus in World Russian provinces are hit hard by a second Covid19 wave
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : पीटीआई

रूस में कोरोना महामारी की दूसरी लहर खतरनाक साबित हो रही है। रूस में शुक्रवार को 18,283 नए मामले मिले और 355 की जान गई। इसको देखते हुए मास्को प्रशासन ने अगले महीने से लोगों को कोरोना के खिलाफ टीका लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। मास्को के उप मेयर अनस्तासिया रकोवा ने कहा कि अगर बड़े पैमाने पर टीके की खुराक मिलती है तो अगले महीने से टीकाकरण शुरू किया जा सकता है।

विज्ञापन


इसी बीच वायरल हो रहे एक वीडियो में दिखाया गया है कि साइबेरियाई शहर बारनाउल में एक अस्पताल में मुर्दाघर में शवों को रखने की जगह भर जाने के बाद तहखाने में काले प्लास्टिक की थैलियों में शवों को रखा जा रहा है।
विज्ञापन



प्रांतीय रूसी शहरों में कोविड -19 मामलों की वृद्धि के बीच हताश अस्पताल कर्मियों द्वारा गुमनाम रूप से पोस्ट किए गए दर्जनों वीडियो में से एक में कहा जा रहा है कि "ठीक है, यह ऐसा ही है। हम शवों की संख्या से ओवर लोडेड हैं।"
विज्ञापन
विज्ञापन


वसंत ऋतु के दौरान, ज्यादातर प्रांतीय स्थानों को बख्शते हुए महामारी ने विशेष रूप से मास्को को प्रभावित किया है, लेकिन अब रूस के कई दूर-दराज के क्षेत्रों में संक्रमण बढ़ रहा है, और अस्पताल और मुर्दाघर के कर्मचारी घरबराए हुए हैं।

राष्ट्रपति व्लादिमीर वी पुतिन ने अपने लंबे कार्यकाल में राजनीतिक शक्ति को केंद्रीकृत किया है, लेकिन महामारी के दौरान, उन्होंने व्यवसायों को बंद करने, स्कूलों को बंद करने और अन्य सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों से संबंधित फैसले क्षेत्रीय अधिकारियों को सौंप दिया है।

इसका उद्देश्य स्थानीय अधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों के लिए अपनी प्रतिक्रियाओं को दर्ज करने की अनुमति देना था, हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों ने यह भी नोट किया कि इसने पुतिन को अलोकप्रिय बंदों, या बुरे परिणामों के लिए दोष देने से बचने के लिए ऐसा किया गया। जिसका नतीजा यह हुआ कि पूरे देश में कोरोना से निपटने के लिए बनाए गए नियमों की धज्जियां उड़ी और उसका परिणाम अक्सर खराब देखा गया।

संयुक्त राज्य अमेरिका, भारत और ब्राजील के बाद रूस में 15,79,446 मामले दर्ज किए गए हैं। पिछले सात दिनों में औसतन 16,546 लोग प्रतिदिन संक्रमित हुए हैं। कुल मिलाकर, रूस की स्वास्थ्य प्रणाली ने कोरोना से कड़ा मुकाबला किया है। रूस के उप प्रधानमंत्री, तात्याना गोलिकोवा ने कहा कि कोविड-19 वार्डों में 80 प्रतिशत बेड पर राष्ट्रीय स्तर पर कब्जा कर लिया गया था। लेकिन कुछ प्रांतों ने स्पष्ट रूप से महामारी पर नियंत्रण खो दिया है। पांच क्षेत्रों दर्ज किया गया कि वहां 95 प्रतिशत बेड पर कोरोना संक्रमितों का कब्जा था।


रूस ने नैदानिक परीक्षणों को पूरा करने से पहले अगस्त में कोरोना वायरस के लिए एक टीका को मंजूरी दे दी है, लेकिन इसे व्यापक रूप से प्रशासित नहीं किया गया है।  मास्को में स्वास्थ्य अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि राजधानी में 2,500 हाई रिस्क वाले लोगों मुख्य रूप से डॉक्टर और शिक्षकों को पहले ही टीका लगाया जा चुका है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed