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इस्राइल ने कोरोना से लड़ाई में हासिल की खास उपलब्धि, वैज्ञानिकों ने कचरे से बनाया सैनिटाइजर
Sat, 11 Jul 2020 01:28 PM IST
आसिम खान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: आसिम खान
Updated Sat, 11 Jul 2020 01:28 PM IST
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सैनिटाइजर
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इस्राइल के वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस से लड़ाई में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए कचरे से सैनिटाइजर बनाया है। तेल अवीव विश्वविद्यालय की प्रोफेसर हादस ममने और उनकी टीम पिछले पांच वर्षों से कचरे की रीसाइक्लिंग करने और इसे एल्कोहल में बदलने की दिशा में काम कर रही है। अब उन्होंने सैनिटाइटर के रूप में इस्तेमाल करने के लिए कचरे से कम कीमत का इथेनॉल बनाने का तरीका खोज निकाला है।
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इस्राइल ने कोरोना वायरस महामारी के दौरान सैनिटाइजर की बढ़ती वैश्विक मांग के साथ इथेनॉल के उत्पादन पर ध्यान केंद्रित किया है। हादस ममने ने कहा कि यहां हमारे पास एक कारखाने से कागजी अवशेष, एक चिड़ियाघर से कुछ स्ट्रॉ और तेल अवीव नगरपालिका से जमा की गई घास है।
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उन्होंने आगे कहा कि इथेनॉल का उत्पादन वनस्पति स्रोतों जैसे गन्ना या मकई से किया जाता है। मगर यह एक जटिल और महंगी प्रक्रिया है। प्रोफेसर ने कहा कि हमारी सफलता यह है कि हमने इस प्रक्रिया को बहुत छोटे और सस्ते पैमाने पर करने के लिए कम मात्रा में ओजोन का इस्तेमाल किया है।
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हादस ममने ने कहा, अब हम एक तरह से एथेनॉल बना सकते हैं, जो पर्यावरण के लिए अच्छा है और इसे बनाना आसान व सस्ता है। बता दें कि इस्राइल में 33 हजार से अधिक कोरोना वायरस संक्रमण के मामले दर्ज किए गए हैं जबकि 346 लोगों की मौत हुई है।