Coronavirus: कोरोना संक्रमण से उबरे पांच फीसदी लोगों को अब भी मसहूस नहीं होती गंध और स्वाद
Coronavirus: ब्रिटिश मेडिकल एसोसिएशन के जर्नल में इस हफ्ते छपी रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में कुल संक्रमितों के बीच लगभग पांच प्रतिशत लोगों में गंध या स्वाद की समस्या जारी रही है। ठीक होने के छह महीने बाद तक ये समस्या सामने आती रही है...
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कोरोना वायरस महामारी अब भले ही सुर्खियों से हट गई हो, लेकिन उसके असर से अभी तक मुक्ति नहीं मिली है। दुनिया के कई हिस्सों में संक्रमण के नए मामलों और उस कारण मौतों का सिलसिला जारी है। इस बीच एक ताजा अनुसंधान से यह सामने आया है कि कोरोना वायरस से संक्रमित हुए कई लोग अभी भी उसके दीर्घकालिक प्रभाव से पीड़ित हैं। गंध या स्वाद न महसूस होने की ऐसी समस्या से पीड़ितों की संख्या कुल संक्रमित लोगों में लगभग पांच फीसदी है।
ब्रिटिश मेडिकल एसोसिएशन के जर्नल में इस हफ्ते छपी रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में कुल संक्रमितों के बीच लगभग पांच प्रतिशत लोगों में गंध या स्वाद की समस्या जारी रही है। कोरोना वायरस के संक्रमण से ठीक होने के छह महीने बाद तक ये समस्या सामने आती रही है। ये शोध रिपोर्ट पियर रिव्यूड है। यानी शोध के निष्कर्ष को समकक्ष विशेषज्ञों की समीक्षा में खरा पाया गया है।
एसोसिएशन के जर्नल ने अपने संपादकीय में कहा है- ‘दुनिया भर में 55 करोड़ लोगों के कोविड-19 वायरस से संक्रमित होने की खबर मिली है। उनके बीच बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जो ठीक होने के बाद भी उभरे लक्षणों के इलाज के लिए विशेषज्ञों के पास जाते रहे हैं।’ इस अनुसंधान का नेतृत्व इटली की यूनिवर्सिटी ऑफ त्रिएस्ते के विशेषज्ञ पाओलो बोस्कोलो रिज्जो ने किया। अनुसंधानकर्ताओं ने अपनी एक टिप्पणी में कहा- ‘ऐसे मरीजों के लक्षणों को अगर नजरअंदाज किया जाता है, तो वे खुद को अलग-थलग महसूस करने लगते हैँ। इसलिए यह जरूरी है कि दुनिया भर की स्वास्थ्य व्यवस्ताएं उन्हें उचित सहायता उपलब्ध कराएं।’
इस टिप्पणी में कहा गया है- ‘गंध या स्वाद महसूस न होने से जीवन की गुणवत्ता पर खराब असर पड़ता है। इससे पीड़ित लोग रोज जीवन के कई आनंद और सामाजिक संबंधों से वंचित हो जाते हैं। ऐसे लोगों की खाने में रुचि घट सकती है, जिससे वे कुपोषण का शिकार हो जा सकते हैँ। साथ ही उनके चिंता और अवसाद से भी पीड़ित होने का अंदेशा बढ़ जाता है।’
अध्ययन के दौरान अनुसंधानकर्ताओं ने इस मामले में हुए 18 अध्ययनों का विश्लेषण किया। इन अध्ययनों में 3,699 मरीजों को शामिल किया गया था। इस विश्लेषण के जरिए यह अनुमान लगाने का प्रयास किया गया कि कोरोना वायरस से संक्रमित होने के छह महीने बाद तक कितने लोगों में गंध या स्वाद महसूस न होने की समस्या बनी रही। विश्लेषण के दौरान पाया गया कि 5.6 फीसदी मरीजों में छह महीने बाद भी ठीक से गंध महसूस न होने की समस्या थी। उधर 4.4 फीसदी लोग ठीक से स्वाद महसूस नहीं कर पा रहे थे। अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक महिला मरीजों में गंध महसूस न होने की समस्या अधिक देखने को मिली है।
इस अनुसंधान में शामिल रहीं और अमेरिका की स्टैनफॉर्ड यूनिवर्सिटी से संबंधित विशेषज्ञ ज़ारा पटेल ने अमेरिकी टीवी चैनल एनबीसी से बातचीत में कहा- ‘दुनिया भर में ऐसे लाखों लोग हैं, जो ठीक से गंध महसूस नहीं कर पा रहे हैँ। साधारण भाषा में इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य का एक नया संकट कहा जाएगा।’