फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Coronavirus Case News In Hindi: Britain, Immigrant doctors whipped in Brexit, now become Corona Hero

ब्रिटेन : ब्रेग्जिट में जिन अप्रवासी डॉक्टरों को कोसा, अब वही बने ‘कोरोना हीरो’

Sat, 11 Apr 2020 06:27 AM IST
योगेश साहू वर्ल्ड डेस्क, लंदन।
वर्ल्ड डेस्क, लंदन। Published by: योगेश साहू Updated Sat, 11 Apr 2020 06:27 AM IST
विज्ञापन
Coronavirus Case News In Hindi: Britain, Immigrant doctors whipped in Brexit, now become Corona Hero
कोरोना वायरस के कारण ब्रिटेन में भी हालात खराब होते जा रहे हैं। - फोटो : PTI

ब्रेग्जिट आंदोलन के दौरान जिन अप्रवासी डॉक्टरों को ब्रिटेन में निशाना बनाया गया वे ही अब वहां देवदूत बने हुए हैं। कोरोना महामारी में अब तक 8 अप्रवासी डॉक्टरों ने जान गंवाई है। इनमें भारत, मिस्र, नाइजीरिया, श्रीलंका, पाकिस्तान और सूडान मूल के डॉक्टर शामिल हैं।

विज्ञापन


ब्रिटेन के स्वास्थ्य तंत्र की अधिकांश जिम्मेदारी विदेशी मूल के डॉक्टरों पर है। कुछ वर्षों में इन पर स्थानीय लोगों की नौकरी छीनने के आरोपों लगे थे लेकिन इनके जज्बे ने पूरे विरोध करने वालों के मुंह बंद कर दिए।
विज्ञापन


डेढ़ साल पहले तक नौकरियां छीनने के लिए कोसे जा रहे थे
25 मार्च को पश्चिमी लंदन में जान गंवाने वाले सूडान मूल के डॉ आदिल अल-तायर के चचेरे भाई डॉ. हाशिम अल-खिदिर का कहना है कि डेढ़ साल पहले तक भी हम पर नौकरियां छीनने का आरोप लगाते थे। वहीं, आज यही अप्रवासी डॉक्टर और नर्स ब्रिटेन को कोरोना से बचाने के लिए जान की बाजी लगा रहे हैं। आदिल 1990 में ब्रिटेन आए थे और यहां उन्होंने ट्रांसप्लांट सर्जन में विशेषज्ञता हासिल की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


हाशिम का कहना है कि अगर ब्रिटेन सरकार ने अस्पतालों में शुरुआत से ही स्क्रीनिंग शुरू करते हुए डॉक्टरों को उन्नत सुरक्षा उपकरण मुहैया कराए होते तो आदिल बच जाते। वह मरीजों की देखभाल करते हुए कोरोना से संक्रमित हो गए थे और वेंटिलेटर पर हृदयाघात से उनका निधन हुआ।

इन डॉक्टरों ने गंवाई जान

भारतीय मूल के हार्ट सर्जन डॉ जितेंद्र राठौड़ (62), पाकिस्तान के हबीब जैदी (76) और सैयद हैदर (80), नाइजीरिया मूल के डॉक्टर अल्फा सआदु (68), श्रीलंका से आए डॉ. एंटन सेबेस्टिअन पिल्लई (70) और मिस्र मूल के मोहम्मद शमी शोउशा (79) समेत आठ डॉक्टरों ने जान गंवाई है।

एक तिहाई अप्रवासी डॉक्टरों ने संभाल रखा है हेल्थ सिस्टम
एक तिहाई अप्रवासी डॉक्टरों ने ब्रिटेन का हेल्थ सिस्टम संभाल रखा है। विदेशी डॉक्टरों को नियुक्ति देकर ब्रिटेन मोटे तौर पर 2.70 लाख डॉलर बचाता है, जो उसे अपने लोगों को प्रशिक्षण देने में खर्च हो सकता है। ब्रिटेन मेडिकल शिक्षा पर पर्याप्त पैसा खर्च नहीं करता। लिहाजा, उसे अप्रवासियों पर ज्यादा निर्भर रहना पड़ता है।

भारत में फंसे नागरिकों को 12 उड़ानों से एयरलिफ्ट करेगा ब्रिटेन

ब्रिटेन सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण को काबू करने के लिए लागू किए गए लॉकडाउन के बीच भारत में फंसे 3,000 से अधिक ब्रिटिश नागरिकों को 12 अतिरिक्त चार्टर उड़ानों से वापस लाने की शुक्रवार को घोषणा की। इन अतिरिक्त उड़ानों का प्रबंध पंजाब, गुजरात, पश्चिम बंगाल और दक्षिण भारत समेत कई हिस्सों से किया गया है। ब्रिटेन ने इसके लिए भारत के सहयोग की सराहना की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed