फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Coronavirus can remain in the eye for 21 days after infection

Covid-19: संक्रमण के 21 दिन बाद तक आंखों में रह सकता है वायरस

Sun, 26 Apr 2020 05:40 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: संजीव कुमार झा Updated Sun, 26 Apr 2020 05:40 AM IST
विज्ञापन
Coronavirus can remain in the eye for 21 days after infection
कोरोना वायरस - फोटो : PTI

कोरोना वायरस सच में बहुरूपिया है। शरीर के किसी अंग में छिपकर बैठता है और अपना कुनबा बढ़ाकर व्यक्ति को मौत की नींद सुला देता है। अब वैज्ञानिकों को पता चला है कि संक्रमण और पहली बार लक्षण दिखने के 21 दिन बाद तक वायरस आंखों में रह सकता है।

विज्ञापन


इटली के नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर इन्फेक्शियस डिसीज के वैज्ञानिकों का कहना है कि आंखों का लाल होना भी कोरोना का लक्षण हो सकता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, चीन के वुहान से लौटने के पांच दिन बाद इटली की एक 65 वर्षीय महिला  में दिखे लक्षणों से सब हैरान रह गए।
विज्ञापन


एक दिन में ही उसकी हालत इतनी खराब हो गई कि अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। वैज्ञानिकों ने पाया कि संक्रमण की वजह से महिला की आंखें लाल थीं। कुछ दिन बाद बुखार हुआ और आंखें और अधिक लाल हो गईं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रोज हुई महिला के आंखों की जांच

डॉक्टरों ने इस केस को गंभीरता से लिया और आंखों से फ्ल्यूड निकालकर उसकी रोज जांच करते रहे। इस दौरान पता चला कि वायरस महिला की आंखों में छिपा था। डॉक्टरों के अनुसार वायरस महिला की आंखों में 21 दिन तक रहा। खास बात ये रही कि नाक के स्वैब में वायरस नहीं था लेकिन आंखों के फ्ल्यूड में पांच दिन बाद भी वायरस मिला था।

नेत्र रोग विशेषज्ञ सावधान रहें

शोधकर्ता ने नेत्र रोग विशेषज्ञों को आंख संबंधी तकलीफ लेकर अस्पताल आने वाले मरीजों को लेकर सावधानी बरतने की अपील की है। मरीज की आंखों की जांच करते वक्त सावधान रहना होगा। आंखों की सतह वायरस का घर होने के साथ फैलाव का कारण बन सकती है।

आंखों में खुद की कॉपी बनाता है वायरस

शोधकर्ताओं का कहना है कि वायरस आंखों के फ्ल्यूड में अपनी प्रतिलिपियां बनाता रहता है। एनल्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन में प्रकाशित शोध में वैज्ञानिकों का दावा है कि आंखों के म्यूकस और आंसुओं में भी वायरस रहता है, जो दूसरों को संक्रमित कर सकता है।

गुलाबी आंखें, तो सतर्क

शोधकर्ताओं का कहना है कि कोरोना वायरस की चपेट में आने वाले व्यक्ति में सबसे सामान्य लक्षण बुखार का है। कुछ मामलों में ये भी देखा गया है कि बुखार के साथ आंखें गुलाबी रंग की दिखती है। ऐसे में सावधानी बरतें और आंखों को समय-समय पर जांचते रहें।

बच्चों की अंगुलियां हो रहीं लाल

बच्चों में कोरोना वायरस के अलग तरह के लक्षण दिखने लगे हैं। इटली के त्वचा रोग विशेषज्ञों को पता चला है कि बच्चों केअंगूठे और तलुए में सूजन के साथ उसमें लाली दिख रही है। डॉक्टरों ने इसे कोविड-टो नाम दिया है। इटली के बाद अब इस तरह के मामले अमेरिका और बोस्टन में भी देखने को मिल रहे हैं।



मामलों को बढ़ता देख अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी ने इस तरह की शिकायत लेकर पहुंचने वाले बच्चों की कोरोना जांच शुरू कर दी है। अमूमन सर्दियों में पैरों के तलवे और अंगूठे में इस तरह की लालिमा और सूजन दिखती है। इसमें असहनीय दर्द भी होता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed