आपबीती : अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही हूं... गुजारिश है-आप घर पर ही रहें
- अस्पताल में भर्ती ब्रिटेन की महिला ने जारी किया रोते हुए वीडियो
- 11 दिन से अस्पताल में असहनीय दर्द के बीच कट रही जिंदगी
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कोरोना वायरस ने दुनियाभर में कई परिवारों की खुशियां उजाड़ दी हैं। पल-पल ये वायरस लोगों की जिंदगी निगल रहा है इसके बाद भी कुछ लोगों को ये लगता है कि वायरस मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। मैं शैरॉन कुक (43) लिंकनशायर में रहती हूं।
वायरस से बचाव के लिए सभी इंतजाम किए थे लेकिन मैं कब और कैसे इसकी चपेट में आई गई मुझे नहीं पता। हां ये है कि मैं अब 11 दिन से अस्पताल के बेड पर जिंदगी और मौत से जूझ रही हूं। अस्पताल के बेड पर लेटी हूं और असहनीय दर्द से गुजर रही हूं।
सांस लेने में भयानक तकलीफ हो रही है। मेरी आंखों में आंसू हैं फिर भी रोते हुए मैं आपके लिए ये वीडियो बना रही हूं ताकि मेरे दर्द को महूसर कर सकें और लॉकडाउन के दौरान घर से बाहर निकलने की गलती न करें।
मुझे सेप्सिस निमोनिया हो गया है और भयानक पीड़ा से गुजर रही हूं लेकिन फिर भी पहले से अच्छा महूसस कर रही हूं। आप घर में ही रहें जब तक वायरस का आतंक खत्म नहीं हो जाता क्योंकि ये कभी भी किसी को अपनी चपेट में ले सकता है।
वायरस ने मुझे तोड़कर रख दिया
वायरस ने मुझे बुरी तरह तोड़कर रख दिया है। मैं पिछले करीब दो हफ्ते से बुखार से पीड़ित थी। बुखार और एंटीबायोटिक की हाईडोज से मैं अब ठीक तो होने लगी हूं लेकिन मेरा शरीर अलग-थलग पड़ गया है। मैं चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रही हूं क्योंकि वायरस ने मेरे शरीर को अपने शिकंजे में ले लिया है।
एक गलती और सबसे बिछड़ जाएंगे ...
वायरस को लेकर आपकी एक गलती आपके साथ पूरे परिवार और दोस्तों पर भारी पड़ सकती है। एक झटके में सब खत्म हो जाएगा। आप सबसे बिछड़ जाएंगे। इससे बचना है तो आप सिर्फ घर में रहें। जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें। क्या पता जानलेवा वायरस आपके बाहर निकलने का इंतजार कर रहा होगा।
मैं खुद से माफी मांग रही हूं...
वायरस ने मुझे अपने परिवार से अलग कर दिया। मैं अस्पताल के बेड पर हूं लेकिन हिल नहीं सकती क्योंकि मुझे सांस लेने में तकलीफ होती है। मैं अपनी हालत के लिए खुद से माफी मांग रही हूं क्योंकि मैं अपने घर और परिवार के लोगों को याद कर रो रही हूं। मैं पहले से अच्छा महसूस कर रही हूं। उम्मीद है कि सब ठीक हो जाएगा। मैं वापस अपने घर जाऊंगी।