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कोरोना: जैविक हथियार के रूप में नहीं किया गया था इस्तेमाल, बाइडन बोले- फिर भी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता चीन
Sat, 28 Aug 2021 12:08 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Sat, 28 Aug 2021 12:08 PM IST
सार
भले ही अमेरिका की इंटेलीजेंस कम्यूनिटी की रिपोर्ट में कोरोना को जैविक हथियार न माना गया हो, लेकिन अमेरिका अभी भी दावा कर रहा है कि चीन कोई महत्वपूर्ण जानकारी छुपा रहा है। राष्ट्रपति जो बाइडन का कहना है कि चीन अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता।
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कोरोना वायरस
- फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
अमेरिका की इंटेलीजेंस कम्यूनिटी की एक रिपोर्ट सामने आई है। इसमें उन आरोपों को खारिज किया गया है, जिसमें कोविड-19 के वायरस को जैविक हथियार बताया गया था। हालांकि, राष्ट्रपति जो बाइडन ने एक बार फिर से चीन पर वायरस के बारे में जानकारी झुपाने का आरोप लगाया है।
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राष्ट्रपति के निर्देश पर तैयार की गई रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि SARS-CoV-2 वायरस संभवत इंसानों में नवंबर 2019 में फैला हो, जो चीन के वुहान में कोविड-19 के रूप में दिसंबर 2019 में सामने आया। हालांकि, कोरोना वायरस कैसे उत्पनन हुआ इस पर खुफिया एजेंसियों के बीच एक राय नहीं बन रही है।
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एजेंसियों के अलग-अलग मत
ज्यादातर एजेंसियों का मानना है कि इस वायरस को बायोलॉजिकल हथियार के रूप में नहीं बनाया गया था। हालांकि, दो एजेंसियों का कहना है कि पर्याप्त सबूत न होने के कारण किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता है। इंटेलीजेंस कम्यूनिटी का यह भी मानना है कि चीन में कोविड-19 फैलने से पहले वहां के वैज्ञानिकों को इसका आभास तक नहीं था। मिले सबूतों और जानकारी के आधार पर खुफिया एजेंसी दो नतीजों में बंट गई हैं। पहला यह कि कोरोना वायरस जानवरों से इंसानों में फैला वहीं दूसरा यह कि इसके प्रयोगशाला में बनाया गया था। चार एजेंसियों व राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी का कहना है कि इस बात की संभावना काफी कम है कि SARS-CoV-2 संक्रमण जानवरों के संपर्क में आने से इंसानों में हुआ। क्योंकि, अगर ऐसा होता तो जानवारों और इंसानों में वायरस के लक्षण 99 प्रतिशत समान ही होते। इस रिपोर्ट में यह कहा गया है कि चीनी वैज्ञानिकों ने कोविड-19 को लेकर पूर्वानमुमान नहीं लगाया और न ही उन्होंने प्राकृतिक संक्रमण पर ध्यान दिया। एक एजेंसी का ने दावा किया है कि संभव है कि इंसानों में SARS-CoV-2 संक्रमण का पहला मामला वुहान के इंस्टीटय्ट में किए गए प्रयोगों, जानवरों के नमूने लिए जाने का नतीजा हो।
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महत्वपूर्ण जानकारी छुपा रहा चीन
इस रिपोर्ट पर राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि दुनिया में कोरोना से करोड़ों मौते हुई हैं। हमारे वैज्ञानिकों ने इस वायरस की उत्पत्ति का पता लगाने के लिए हर संभव प्रयास किए हैं और इसे रोकने के लिए सावधानी बरत रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस वायरस की उत्पत्ति के बारे में चीन के पास महत्वपूर्ण जानकारी है। इसके बावजूद वह अंतरररष्ट्रीय समुदाय से जानकारी को छुपा रहा है।
जो बाइडन ने कहा कि दुनिया इसका जवाब जानना चाहती है कि यह महामारी कैसे फैली। हम तब तक चुप नहीं बैठेंगे जब तक इसका पता नहीं लगा लेते। उन्होंने आगे कहा कि जिम्मेदार देश अपनी जिम्मेदारियों से भाग नहीं सकते क्योंकि बीमारियां देश की सीमाओं को नहीं देखतीं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि आगे भविष्य में किसी भी बीमारी से कैसे निपटना है।