कोरोनावायरस से चीन में अब तक 41 मरे, फ्रांस में दो लोग प्रभावित, भारत में भी अलर्ट
- चीन में 26 मौतों और 926 संक्रमण का खौफ ऐसा कि चीन की दीवार का एक हिस्सा भी बंद
- 15 शहरों में साढ़े चार करोड़ नागरिकों की आवाजाही पर प्रतिबंध, सख्ती
- भारत में चार व्यक्तियों के संक्रमित होने की आशंका
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विस्तार
रहस्यमयी कोरोनावायरस के विश्व के 10 देशों में फैलने की पुष्टि हो चुकी है, कई देशों में इसके संदिग्ध मिल रहे हैं, इनमें भारत में भी दो संदिग्ध शामिल हैं। चीन में फैले वायरस की चपेट में एक भारतीय नागरिक प्रीति माहेश्वरी भी आ चुकी हैं। फ्रांस में भी कोरोना वायरस से संक्रमण के दो मामले सामने आए हैं, ऐसे में यूरोप में भी इसने दस्तक दे दी है।
वायरस फैलने से रोकने के लिए चीन ने अपने 15 शहरों के साढ़े चार करोड़ नागरिकों के कहीं आने पर रोक लगा दी है। यह वायरस का खौफ है कि चीन की दीवार के एक हिस्से को बंद कर दिया गया है। यहां की सरकार ने अब तक 41 लोगों के मरने की पुष्टि की है, और प्रभावितों की संख्या 926 के करीब बताई है।
Death toll due to new coronavirus jumps to 41 in China, according to government: AFP news agency
— ANI (@ANI) January 24, 2020
हालांकि लंदन और अमेरिकी विशेषज्ञों के अनुसार प्रभावितों की संख्या चार हजार से अधिक हो सकती है। वायरस के स्रोत चीन में ऐसे शहरों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है जहां लोगों के आवागमन पर रोक लगाई जा रही है।
शुक्रवार शाम तक इनकी संख्या 15 हो चुकी थी, इनमें 15 लाख की आबादी वाला शिनताओ, पांच लाख आबादी का चीबी, 24 लाख की आबाद का हुआंग्शी, 64 लाख की आबादी का झिंझाओ शहर प्रमुख हैं। यहां बस, ट्रेन, नौकाओं आदि से लेकर सभी सार्वजनिक यातायात बंद कर दिए गए हैं।
करीब 1.12 करोड़ की आबादी वाला हुबई राज्य का प्रमुख शहर वुहान सबसे ज्यादा प्रभावित बताया जा रहा है। अधिकतर शहरों में खाद्य पदार्थों और फार्मेसी के अलावा सभी तरह की दुकानें, प्रतिष्ठान और कारोबार बंद हो चुके हैं।
चीन के त्यौहार चंद्र नववर्ष की छुट्टियों में यात्रा कर रहे लाखों लोग अलग अलग शहरों में फंसे हुए हैं। प्राचीन समय में बाहरी आक्रमणों से देश की रक्षा के लिए बनाई गई चीन की दीवार के भी कुछ हिस्से को देश के आंतरिक हालात के चलते बंद कर दिया गया है।
बीजिंग के लामा मंदिर सहित कई मंदिरों को बंद कर दिया गया है ताकि लोग नए साल के लिए एक साथ न जुटें और संक्रमण रोका जाए। शंघाई का डिज्नीलैंड पार्क भी बंद कर दिया गया है, जहां रोजाना 1 लाख पर्यटकों को घुमाने की क्षमता है। नव वर्ष के लिए इसकेे सारे टिकट बिक चुके थे।
10 देश प्रभावित, डब्ल्यूएचओ ने कहा अभी विश्व के लिए खतरा नहीं
कोरोनावायरस के मरीज ऑस्ट्रेलिया (4), नेपाल (1), थाईलैंड (5), अमेरिका (2), ताइवान (1), जापान (2), दक्षिण कोरिया (2), वियतनाम (2), सिंगापुर (3), हांगकांग (2) और मकाऊ (2) आदि 10 देशों में मिल चुके हैं। यूके, भारत सहित कई देशों में संदिग्ध मिल रहे हैं। अकेले चीन में 900 से अधिक मरीज संक्रमित पाए गए हैं तो अन्य देशों में करीब 26 मरीजों का इलाज चल रहा है।
इसके बावजूद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अब भी दुनिया के लिए आपात स्थिति घोषित करने से शुक्रवार को इनकार कर दिया। उसने केवल चीन के लिए इसे आपात काल बताया। संगठन के अधिकारियों का कहना है कि अभी साफ नहीं है कि यह नया वायरस कितना खतरनाक है, यह जाने बगैर विश्व के लिए इसे चिंताजनक हालात नहीं कहा जा सकता।
फ्रांस में कोरोनावायरस के पहले दो मामलों की पुष्टि
फ्रांसीसी स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को घातक कोरोनावायरस के पहले दो मामलों की पुष्टि की, इनमें से एक व्यक्ति हाल ही में चीन से लौटा था। फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्री एग्नेस बुजिन ने कहा कि फ्रांस के दो शहरों पेरिस और बोर्डेक्स में दो मामले सामने आए हैं। स्पुतनिक ने एक रिपोर्ट में चीन से फ्रांस लौटे संक्रमण से ग्रसित एक शख्स के 10 अन्य लोगों के संपर्क में आने की बात कही है।
Two cases of coronavirus confirmed in France, first in Europe: AFP news agency
— ANI (@ANI) January 24, 2020
बोर्डेक्स शहर में मिले पीड़ित शख्स की उम्र 48 वर्ष बताई गई है, जो चीन के वुहान शहर से होते हुए स्वदेश लौटा है। मंत्री बुजिन ने बताया कि इस शख्स को 23 जनवरी को कोरोना वायरस के लक्षण दिखाई देने के बाद से डॉक्टरों की निगरानी में अस्पताल में बने एक अलग कक्ष में रखा गया है।
इलाज के लिए शोध तेज, चीन ने सैन्य चिकित्सा विशेषज्ञ लगाए
पीड़ितों के इलाज के लिए विश्व में शोध तेज हो गया है। कुछ कंपनियों ने इसके लिए इबोला के इलाज को प्रयोग करने की सिफारिश की है। चीन ने ज्यादा जानकारियां न देते हुए केवल यह बताया है कि उनसे सेना के चिकित्सा विशेषज्ञों को वायरस से लड़ने की रणनीति बनाने का काम सौंपा है।
भारत में भी कई लोगों के संक्रमित होने की आशंका
चीन से भारत लौटे 11 लोगों को कोरोना वायरस के शक में एयरपोर्ट से ही अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर इनकी निगरानी कर रहे हैं। इनमें केरल के 7, मुंबई में 3 और हैदराबाद में एक व्यक्ति शामिल है। चीन से मुंबई लौटे दो व्यक्तियों के कोरोनावायरस से संक्रमित होने की आशंका के चलते उन्हें चिकित्सकों की निगरानी में यहां एक अस्पताल के अलग वार्ड में रखा गया है। इसके अलावा बेंगलूरू और हैदराबाद में भी 1-1 मामला सामने आया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मुंबई हवाई अड्डे पर यात्रियों की स्वास्थ्य जांच के दौरान कोरोनावायरस के संक्रमण के मामले सामने नहीं आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि ICMR-NIV पुणे ने कोरोनावायरस के मामले में यह पुष्टि की है।
हवाईअड्डों पर की जा रही निगरानी, 20 हजार से अधिक यात्रियों की स्क्रीनिंग
भारत में अब तक 96 हवाई जहाजों में आए 20,844 यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई है। अकेले शुक्रवार को 19 हवाई जहाजों में आए 4,082 लोगों की स्क्रीनिंग हुई। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश के कुल 19 हवाईअड्डों पर निगरानी की जा रही है।
दूसरी ओर संदिग्धों का लेकर मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पद्मजा केसकर ने बताया कि मुंबई के तीन और पुणे के तीन लोगों को संभावित रोगी माना गया था। विस्तृत जांच के बाद दो को संदिग्ध की श्रेणी में रखा गया है। उनमें हल्की खांसी, सर्दी और जुकाम जैसे लक्षण है।
चिंचपोकली स्थित बीएमसी के कस्तूरबा अस्पताल में कोरोनावायरस से उनके लिए अलग वार्ड बनाया गया है। देश के विभिन्न हवाईअड्डों पर डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है, जो थर्मल इमेजिंग के जरिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा करके लौटे और खासकर चीन से लौटे लोगों के शरीर के तापमान पर नजर रखकर संदिग्धों की पहचान में जुटे हैं।
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर 19 जनवरी से अब तक 1,789 यात्रियों की जांच हुई है। इसी तरह हैदराबाद हवाईअड्डे पर भी 262 की स्क्रीनिंग हुई है।
भारतीय नागरिक प्रीति के इलाज को चाहिए एक करोड़
चीन के एक स्कूल में शिक्षिका प्रीति माहेश्वरी को चीन में फैले कोरोनावायरस का संक्रमण होने की पुष्टि हई है। उनके भाई मनीष थापा ने भारतीय दूतावास में संपर्क किया, जहां बताया कि वे वेंटीलेटर सपोर्ट पर हैं और इलाज के लिए करीब एक करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है।
ऑनलाइन क्राउड फंडिंग के जरिए अब तक करीब 17 लाख रुपये जमा किए गए हैं। प्रीति को शेनझेंन के शेकोऊ अस्पताल के आईसीयू में 11 जनवरी को भर्ती किया गया था। उन्हें चीन में वायरस की चपेट में आई पहली विदेशी नागरिक भी मना जा रहा है।
एयर इंडिया-इंडिगो के टिकट रद करवाने पर शुल्क नहीं
कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए इंडिगो और एयर इंडिया चीन जाने या वहां से आने वाले यात्रियों से टिकट रद करवाने या यात्रा मार्ग में बदलाव करने का शुल्क नहीं लेगा। यह सुविधा 24 जनवरी से 24 फरवरी तक लागू रहेगी।
इंडिगो की चीन के लिए रोज दो सीधी उड़ानें हैं। जिनमें एक दिल्ली से चेंगदू और दूसरी कोलकाता से ग्वांगझोऊ के बीच है। वहीं, 15 मार्च से मुंबई से चेंगदू उड़ान शुरू होनी है। एयर इंडिया की चीन के लिए दिल्ली-शंघाई के बीच रोज एक उड़ान है।
केरल में 80 निगरानी में रखे, सात में संक्रमण का शक
हाल में चीन से लौटे केरल के 80 लोगों को प्रदेश ने निगरानी में रखा है। इनमें से सात के लक्षण कोरोना वायरस संक्रमण के लगने पर उन्हें अलग अलग जगह इलाज दिया जा रहा है। निगरानी में रखे लोगों को 28 दिन अपने घर में रहने और किसी से न मिलने के निर्देश दिए हैं।
एनआईवी में चार सैंपल जांचे, किसी में पुष्टि नहीं
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार मुंबई के दो और बंगलुरू व हैदराबाद के एक-एक संदिग्ध मरीज के सैंपल पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वाइरोलॉजी में जांच गए। किसी में भी चीन में फैले कोरोना वायरस की पुष्टि नहीं हुई है। एक मामले में राइनोवायरस की पुष्टि हुई है जो सामान्य सर्दी-खांसी की वजह बनता है।
12 बढ़ाए, अब 19 एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बंगलुरु, हैदराबाद और कोचिंग हवाई अड्डों के बाद अब 12 और हवाई अड्डों पर भी थर्मल स्क्रीनिंग शुरू की गई है। इनमें लखनऊ, अमृतसर, वाराणसी, अहमदाबाद, कोयंबटूर, गुवाहाटी, गया, बगडोरा, जयपुर, त्रिवेंद्रम, त्रिची और वाइजैग शामिल हैं।
नेपाल में मिला कोरोना वायरस का पहला मामला
नेपाल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने चीन के वुहान से लौटे एक छात्र के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की शुक्रवार शाम को पुष्टि की है। स्वास्थ्य आपातकालीन कार्य सम्पादन केंद्र के प्रमुख सागर दहाल के अनुसार नेपाल में कोरोना वाइरस का यह पहला मामला है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के समन्वय में पिछले मंगलवार को मरीज का सैम्पल डब्ल्यूएचओ के सेंटर में भेजा गया था।
चीन से वापस लौटने पर सांस लेने में दिक्कत होने के कारण छात्र का शुक्रराज ट्रपिकल इन्फेक्शन डिजीज हॉस्पिटल के आइसोलेशन वार्ड में रखकर उपचार किया जा रहा है। एपिडेमियोलॉजी एंड डिजीज कंट्रोल डिवीजन के अनुसार कोरोना वाइरस से संक्रमित छात्र के संपर्क में आए परिवार के लोगों और स्वास्थ्यकर्मियों की पहचान करके परीक्षण किया जा रहा है।
ब्रिटेन में जानलेवा वायरस के लिए इमरजेंसी कोबरा मीटिंग
चीन की सरजमीं से फैले कोरोना वायरस से निपटने और लोगों की जान बचाने के लिए ब्रिटेन ने ‘इमरजेंसी कोबरा मीटिंग’ का एलान कर दिया। बैठक स्वास्थ्य सचिव मैट हैनकॉक ने ली जिसमें वायरस से बचाव, इलाज और लोगों को सतर्क करने के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई।
ब्रिटेन के स्वास्थ्य विभाग ने इस जानलेवा वायरस को हावी होते देख अपनी तीन रिसर्च टीम को प्रभावी वैक्सीन बनाने के लिए आदेश जारी कर दिया है ताकि इस वायरस को महामारी की तरह फैलने से रोका जा सके। ब्रिटेन के स्वास्थ्य विभाग की तैयारी है कि जून तक या जितनी जल्दी हो सके इस रोग से बचाव के लिए एक वैक्सीन (टीका) जरूर तैयार कर लिया जाए।
चीन के शहर वुहान का भयावह वीडियो वायरल
चीन के शहर वुहान से एक भयवाह सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है। इसमें साफ दिख रहा है कि लोग सड़कों, अस्पताल और दूसरी जगह पर चलते-चलते बेहोश होकर गिर रहे हैं। वुहान शहर को जोंबीलैंड भी कहा जाने लगा है। सड़कों पर बाजारों में इस हालात को देख लोगों ने घरों से निकलना बंद कर दिया है।
वुहान शहर चारों तरफ से सील हो चुका है, परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से ठप है और लोग जहां-तहां फंसे हैं। वुहान में सड़कों पर डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीम तैनात कर दी है ताकि वायरस की चपेट में आकर या भय से बेहोश होकर गिरने वाले लोगों को इलाज मिल सके।
अब एसएआरएस महामारी की याद आई
वुहान से पूरी दुनिया में दहशत फैला चुका कोरोना वायरस अबूझ पहेली बन चुका है। इससे पहले नवंबर 2002 से जुलाई 2003 तक सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (एसएआरएस) से दुनिया में दहशत फैली थी। एसएआरएस महामारी का पहला मामला चीन के फोशन शहर में सामने आया था।
इसमें कुल 8,098 मामले सामने आए जिसमें कुल 774 लोगों की मौत हुई थी। इसी को याद करते हुए इस बीमारी से लड़ने वाले और इसकी खोज करने वाले पल्मोनरी रोग विशेषज्ञ डॉ. झोंग ननशान कहते हैं कि इस रोग ने देश के लोगों की चिंता करने का संदेश दिया था।
इसके बाद हम आगे तो बढ़े लेकिन हमारी रफ्तार धीमी रही, खासकर स्वास्थ्य को लेकर। इसी का नतीजा है कि आज कोरोना वायरस के आगे हम बेबस और लाचार हैं। हम ऐसे ही नहीं चेते तो भविष्य में हालात और खराब होंगे। झोंग ने इस बीमारी को रोकने और पीड़ितों का इलाज करने में अहम भूमिका निभाई थी।
आंकड़ों में कोरोना वायरस का आतंक
- 830 मामले कोरोना वायरस के अब तक मिले दुनियाभर में
- 26 लोगों की मौत हो चुकी है, 50 से अधिक लोग गंभीर
- 14 लोगों की ब्रिटेन में जांच, 5 निगेटिव, 9 की रिपोर्ट बाकी
- 1 व्यक्ति वाशिंगटन में पीड़ित, टेक्सास और कैलिफोर्निया में दो संदिग्ध
- 13 शहरों को चीन ने पूरी तरह बंद किया, 4 करोड़ लोग फंसे
- 1000 बेड का अस्थायी अस्पताल बीजिंग में तीन फरवरी से शुरू होगा