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रिपोर्ट: वायरस का शिशुओं की मौत पर सीधा असर नहीं, आर्थिक दुष्प्रभावों ने ढाया कहर
Thu, 26 Aug 2021 01:13 AM IST
Jeet Kumar
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, लंदन।
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, लंदन।
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 26 Aug 2021 01:13 AM IST
सार
- ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित विश्व बैंक शोध रिपोर्ट का अनुमान
- लॉकडाउन में मारे गए 2.67 लाख से ज्यादा शिशु
- 128 देशों में शिशु मृत्यु दर में लगभग सात फीसदी की वृद्धि का अनुमान है
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फाइल फोटो
- फोटो : PTI
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विस्तार
कोरोना वायरस ने दुनिया के बच्चों को सीधे तौर पर तो प्रभावित नहीं किया लेकिन लॉकडाउन पाबंदियों के कारण कई की जानें गईं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, आर्थिक पाबंदियों ने शिशुओं की जानें भी ली हैं। इन पाबंदियों के कारण कम विकसित और गरीब देशों में 2.67 लाख से ज्यादा शिशुओं की जान गई होगी। विश्व बैंक ने ऐसा अनुमान जाहिर किया है।
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ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में छपे विश्व बैंक के शोध के मुताबिक, गरीब और मध्यम आय वाले देशों में कोरोना वायरस के कारण लगी पाबंदियों का घातक असर हुआ है। इनके चलते आर्थिक असमानता और गरीबी तो बढ़ी ही है, साथ ही पिछले सालों के मुकाबले ज्यादा औसत जानें भी गई हैं।
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इस रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल आर्थिक पाबंदियों ने औसत से 2,67,000 ज्यादा शिशुओं की जानें ली होंगी। जबकि वायरस का शिशुओं की मौत पर सीधा असर बहुत कम हुआ है। लेकिन इस बात की संभावना बहुत ज्यादा है कि आर्थिक प्रभावों और स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़े असर के कारण ज्यादा शिशुओं की जानें गईं।
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रिपोर्ट कहती है कि 128 देशों में शिशु मृत्यु दर में लगभग सात फीसदी की वृद्धि का अनुमान है। बदलती अवधि और गंभीरता वाली पाबंदियों ने अमीर और गरीब, ज्यादातर देशों की जीडीपी को प्रभावित किया है।
इलाज की कोशिशों को मिले प्राथमिकता
विश्व बैंक के शोधकर्ता कहते हैं कि कोरोना वायरस की रोकथाम और इलाज के लिए कोशिशों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए लेकिन देशों को सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध रहें।
जीडीपी और प्रति हजार बच्चों की मृत्यु दर
शोधकर्ताओं का अनुमान है कि गरीब और मध्यम आय वाले देशों में जीडीपी में एक प्रतिशत की गिरावट से हर हजार बच्चों पर मृत्यु दर में 0.23 फीसदी की वृद्धि होती है। इन देशों में लॉकडाउन के कारण हो रही आर्थिक तंगी से निपटने के लिए जरूरी धन नहीं था।
जापान के 8 और प्रांतों में आपातकाल के विस्तार की तैयारी
जापान सरकार ने कोविड-19 के डेल्टा संस्करण के प्रसार को देखते हुए देश के आठ और प्रांतों में आपातकाल विस्तार को मंजूरी दे दी है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक 8 और प्रांतों में आपातकाल विस्तार के साथ ही ऐसे प्रांतों की संख्या 21 हो गई है, जो देश के 47 प्रांतों का करीब आधा हिस्सा होंगे। जापान के आर्थिक व्यवस्था मामलों के मंत्री यासुतोशी निशिमुरा ने कहा कि आपातकाल विस्तार के प्रस्ताव को सरकारी टास्क फोर्स की बैठक में औपचारिक रूप से मंजूरी मिली है।
पाकिस्तान में 141 मरीजों की मौत, 4,199 नए मामले
पाकिस्तान में पिछले 24 घंटे में 141 और मरीजों की कोविड-19 संक्रमण से मौत हो गई है। मृतकों की यह संख्या तीन महीनों से अधिक समय में सर्वाधिक है। वहीं, एक दिन में संक्रमण के 4,199 नए मामले सामने आए हैं। इससे पहले तीन मई को एक दिन में सबसे अधिक 161 लोगों की मौत हुई थी। मंत्रालय के मुताबिक, संक्रमण की नई दर 6.83 फीसदी है।