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शर्मनाक: जिस लैब से फैला कोरोना, चीन ने अवार्ड के लिए किया नामित

Thu, 24 Jun 2021 01:45 AM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: Jeet Kumar Updated Thu, 24 Jun 2021 01:45 AM IST
सार

चाइनीज अकाडेमी ऑफ साइंसेज ने कोविड-19 पर बेहतरीन रिसर्च करने की दिशा में किए गए प्रयासों के लिए वुहान लैब को शीर्ष अवार्ड देने के इरादे से उसे नामित किया है

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corona spread from that lab, China nominated for the award
वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी - फोटो : विकी कॉमन

विस्तार

कोरोना वायरस ने दुनिया भर में एक साल से ज्यादा का समय पूरा कर लिया है, लाखों जानें ले चुका ये वायरस दुनिया जानती है कि चीन स्थित वुहान लैब से निकला। पहला केस भी वुहान में पाया गया था। वहीं हैरान करने वाली बात यह है इस विवादित लैब को चीन ने अवार्ड के लिए नामित किया है।

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चीन ने वुहान की इस विवादित लैब को चाइनीज अकाडेमी ऑफ साइंसेज ने कोविड-19 पर बेहतरीन रिसर्च करने की दिशा में किए गए प्रयासों के लिए सबसे बड़े अवार्ड को देने के इरादे से उसे नामित किया है। 
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कई रिपोर्ट्स में यह बताया जा रहा है कि चीन की अकाडेमी ऑफ साइंसेज की तरफ से कहा गया है कि इस लैब द्वारा किए गए महत्वपूर्व रिसर्च की बदौलत कोरोना वायरस की उत्पति, महामारी विज्ञान और इसके रोगजनक मैकनिज्म को समझने में मदद मिली है। 
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इसके परिणामों के फलस्वरूप कोरोना वायरस के खिलाफ दवाओं और वैक्सीन को बनाने का रास्ता साफ हुआ। साथ ही वुहान लैब ने महामारी के प्रसार को रोकने और बचाव के लिए महत्वपूर्ण वैज्ञानिक और तकनीकी समर्थन मुहैया कराया। अकाडेमी के अनुसार, वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के रिसर्च ने कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम और कोरोना की काट यानी कोरोना की वैक्सीन बनाने की दिशा में अभूतपूर्व योगदान दिया है। 

डॉ. फॉसी ने जताई थी आशंका, लैब से फैला कोरोना
डॉ. फॉसी ने कहा था, वह शुरू से ही कोरोना वायरस के प्रयोगशाला लीक होने की थ्योरी को लेकर तैयार थे। उन्होंने माना कि ये संभवतया एक इंजीनियर्ड वायरस हो सकता है जिसका प्रयोगशाला से आकस्मिक रिसाव हो गया। 


हालांकि लीक थ्योरी का समर्थन करने के बावजूद फॉसी का मानना है कि जानवरों के प्रसार के कारण इस महामारी की उत्पत्ति की अधिक संभावना है। 

एक फरवरी को वैज्ञानिकों से फोन कॉल पर हुई बातचीत का हवाला देते हुए फॉसी ने कहा, मुझे अच्छी तरह याद है कि हमने तत्कालीन स्थिति पर सावधानीपूर्वक गौर करने का निर्णय लिया। उस कॉन्फ्रेंस कॉल पर जुड़े कई वैज्ञानिकों में से एक संक्रामक रोग विशेषज्ञ क्रिस्टन एंडरसन भी थे। 

एंडरसन ने ही इस कॉल से एक दिन पहले फॉसी को लिखे ईमेल में कोरोना वायरस की असामान्य विशेषताओं का जिक्र किया था। उन्होंने इसके कुछ इंजीनियर्ड दिखने वाले गुणों का पता लगाने के लिए इसके सभी अनुक्रमों की करीबी पड़ताल करने की जरूरत बताई थी। 

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