विशेषज्ञों ने दी चेतावनी: जर्मनी में कोविड-19 की नई लहर से बन रही है ‘भयानक’ स्थिति
रॉबर्ट कोच इंस्टीट्यूट के निदेशक लोथार विलर ने कहा- ‘फिलहाल हम एक गंभीर आपात स्थिति की तरफ बढ़ रहे हैं। अगर हमने इसे रोकने के उपाय तुरंत लागू नहीं किए, तो हमें एक भयानक स्थिति के बीच क्रिसमस मनाना पड़ सकता है।’ जर्मनी में अभी 67 फीसदी लोगों का टीकाकरण हुआ है...
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जर्मनी में कोरोना वायरस संक्रमण की बिगड़ती हालत को देखते हुए विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस साल देश को भयानक स्थिति में क्रिसमस मनाना पड़ सकता है। यहां के रॉबर्ट कोच इंस्टीट्यूट ने इस बारे में एक चेतावनी जारी की है। संस्थान के निदेशक लोथार विलर ने गुरुवार को सरकार को सुझाव दिया कि वह संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए सख्त उपाय लागू करे।
रूस की वेबसाइट रशियाटुडे.कॉम के मुताबिक विलर ने कहा- ‘फिलहाल हम एक गंभीर आपात स्थिति की तरफ बढ़ रहे हैं। अगर हमने इसे रोकने के उपाय तुरंत लागू नहीं किए, तो हमें एक भयानक स्थिति के बीच क्रिसमस मनाना पड़ सकता है।’ जर्मनी में अभी 67 फीसदी लोगों का टीकाकरण हुआ है। विलर ने कहा कि टीकाकरण की दर जल्द से जल्द कम से कम 75 फीसदी तक ले जाने की जरूरत है।
जर्मनी में लागू हो सकते हैं नए प्रतिबंध
विलर की ये चेतावनी उस समय आई है, जब जर्मनी की सरकार देश भर में नए प्रतिबंध लागू करने पर विचार कर रही है। इसके तहत उन लोगों के लिए पूरी तरह लॉकडाउन लागू दिया जाएगा, जिन्होंने टीका नहीं लगवाया है। ऑस्ट्रिया में ऐसा कदम पहले ही उठाया जा चुका है। जर्मनी में गुरुवार को संक्रमण के नए मामले आने का रिकॉर्ड बना। रॉबर्ट कोच इंस्टीट्यूट के मुताबिक बुधवार से गुरुवार तक देश में 65,371 नए मामले सामने आए। इसका मतलब है कि 24 घंटों में 12,545 अधिक नए लोग संक्रमित हुए। जर्मनी की चांसलर अंगेला मैर्केल ने कहा है कि देश में कोरोना वायरस संक्रमण की चौथी लहर पूरी ताकत के साथ आ गई है।
उधर कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि नए संक्रमण के जो मामले सरकारी आंकड़ों में बताए जा रहे हैं, मुमकिन है कि असल संक्रमित लोगों की संख्या उससे कहीं ज्यादा हो। विलर ने तो आशंका जताई है कि ये मामले तीन गुना ज्यादा हो सकते हैं। बुधवार से गुरुवार तक जर्मनी में कोरोन संक्रमण के कारण 264 लोगों की मौत हो गई।
टीकाकरण की दर कम
जानकारों ने ध्यान दिलाया है कि पश्चिमी यूरोप के देशों के बीच जर्मनी में टीकाकरण की दर काफी कम है। फिर जिन लोगों का टीकाकरण हुआ, उनमें इसकी वजह से पैदा हुई इम्युनिटी अब घट रही है। इसकी वजह से अधिक से अधिक लोग वायरस से संक्रमित हो रहे हैं। बर्लिन स्थित चार्टी यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में संक्रामक रोगों के प्रोफेसर तोबियास कुर्थ ने अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन से कहा- ‘जर्मनी में इस साल की शुरुआत में ही टीकाकरण की मुहिम शुरू हो गई थी। हम कुछ उम्र वर्गों और अन्य लोगों में देख रहे है कि टीके की वजह से कोविड-19 वायरस के खिलाफ उनमें पैदा हुई इम्युनिटी अब तेजी घटती जा रही है।’
विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना महामारी की मौजूदा लहर में पिछले साल की तुलना में लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की नौबत कम आ रही है। मृत्यु दर भी कम है। लेकिन विशेषज्ञों ने कहा है कि यह चौकसी घटाने की वजह नहीं हो सकता। तोबियास कुर्थ ने कहा- ‘जब आईसीयू भर जाएंगे, अगर तब जाकर कदम उठाए गए, तो यह विनाशकारी साबित होगा।’