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जापानी महिला की हत्या का विवाद: ओकिनावा में क्यों लगा कर्फ्यू, गवर्नर ने अमेरिकी सेना के लिए क्या कहा?

Wed, 07 Oct 2026 02:23 PM IST
प्रशांत तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: प्रशांत तिवारी Updated Wed, 07 Oct 2026 02:23 PM IST
सार

ओकिनावा में एक अमेरिकी मरीन पर स्थानीय महिला की हत्या और लूट का आरोप लगने के बाद जापान में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी को लेकर पुराना विवाद फिर गरमा गया है। गवर्नर गेंटा कोजा ने अमेरिकी सैनिकों पर प्रभावी अनुशासन लागू करने और द्वीप पर सैन्य ठिकानों का बोझ घटाने की मांग की है। 

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Controversy over murder Japanese woman Why curfew imposed in Okinawa what did governor say about US military
ओकिनावा के गवर्नर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

जापान के दक्षिणी द्वीप ओकिनावा के गवर्नर गेंटा कोजा ने बुधवार को केंद्र सरकार से अमेरिकी सैनिकों पर लगाम कसने और उनके बीच प्रभावी अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए और ठोस कदम उठाने की मांग की। यह मांग एक अमेरिकी मरीन सैनिक की उस गिरफ्तारी के बाद उठी है, जिस पर एक स्थानीय महिला की लूट के दौरान हत्या करने का आरोप है। पिछले महीने पद संभालने के बाद पहली बार टोक्यो पहुंचे कोजा ने रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी से मुलाकात की और इस हत्या पर अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने रक्षा मंत्री से ओकिनावा में अमेरिकी सैन्य ठिकानों की मौजूदगी से पैदा हो रहे बोझ को कम करने के लिए भी केंद्र सरकार की ओर से और प्रयास करने को कहा।

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अमेरिकी ठिकानों को लेकर पहले से नाराजगी
ओकिनावा के लोग लंबे समय से द्वीप पर भारी अमेरिकी सैन्य मौजूदगी का विरोध करते रहे हैं। स्थानीय लोगों की शिकायत है कि अमेरिकी ठिकानों की वजह से शोर, प्रदूषण और अपराध जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। हालांकि, चीन से बढ़ते खतरे को देखते हुए कुछ लोग अब अमेरिकी सैन्य मौजूदगी को क्षेत्र की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण भी मानने लगे हैं।
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20 साल के मरीन पर महिला की हत्या का आरोप
फुटेनमा स्थित मरीन कॉर्प्स एयर स्टेशन से जुड़े 20 वर्षीय लांस कॉर्पोरल डेविन जैकब बैलार्ड को सप्ताहांत में गिरफ्तार किया गया। ओहायो के रहने वाले बैलार्ड पर 39 वर्षीय अन्ना यागी की हत्या करने और उनका सामान लूटने का आरोप है। आरोप है कि उसने एक होटल में यागी का गला दबाया और उनका बटुआ तथा बैकपैक लेकर चला गया। जापानी मीडिया के मुताबिक, बैलार्ड ने इन आरोपों से इनकार किया है।
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'पुराने कदम बिल्कुल बेअसर रहे'
कोजा ने रक्षा मंत्री कोइजुमी के साथ बैठक में कहा कि ओकिनावा पहले भी इसी तरह के अपराधों के बाद रोकथाम के उपाय करने की मांग करता रहा है, लेकिन अब एक बार फिर वैसा ही मामला सामने आ गया है। उन्होंने कहा, 'ओकिनावा ने अतीत में भी जब-जब ऐसे अपराध दोहराए गए, तब रोकथाम के उपायों की मांग की है और अब हमारे सामने फिर वही मामला है।' उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिकी सेना की ओर से पहले किए गए अनुशासनात्मक उपाय और मानवाधिकारों को लेकर दी गई ट्रेनिंग बिल्कुल भी कारगर साबित नहीं हुई।

जापान सरकार ने दिया सहयोग का भरोसा
कोइजुमी ने कहा कि वह ओकिनावा की चिंताओं से पूरी तरह वाकिफ हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जापान सरकार प्रभावी रोकथाम के उपायों पर अमेरिकी पक्ष के साथ मिलकर चर्चा करेगी। बैठक के दौरान मंत्री के कार्यालय में बड़ी संख्या में पत्रकार और कैमरे मौजूद थे।

अमेरिकी सेना ने 48 घंटे के लिए रोकी ट्रेनिंग
इस घटना के बाद ओकिनावा में अमेरिकी सेना ने मंगलवार को बड़ा कदम उठाया। सेना ने घोषणा की कि शुक्रवार दोपहर तक 48 घंटे के लिए सभी सैन्य प्रशिक्षण गतिविधियों पर रोक रहेगी। इस दौरान सैनिकों की बेस से बाहर निकलने की क्षमता भी सीमित कर दी गई है और शराब पीने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

'सेवा के साथ जिम्मेदारी भी आती है'
मरीन एक्सपेडिशनरी फोर्स के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बेंजामिन वॉटसन ने मंगलवार को एक्स पर जारी एक पत्र में कहा कि इस तरह की घटनाएं “हमें रुककर सोचने के लिए मजबूर करती हैं।” उन्होंने कहा कि जापानी द्वीप पर तैनाती के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी हुई है। वॉटसन के मुताबिक, दो दिन की ट्रेनिंग रोक के बाद ओकिनावा में तैनात अमेरिकी सैनिकों पर 30 दिनों तक रात 12 बजे से सुबह 5 बजे के बीच कर्फ्यू रहेगा।

जापान में तैनात अमेरिकी सैनिकों का बड़ा हिस्सा ओकिनावा में
जापान और अमेरिका के बीच हुए सुरक्षा समझौते के तहत जापान में 50,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। इनमें से बड़ी संख्या ओकिनावा में मौजूद है। छोटे से इस द्वीप पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों का इतना बड़ा जमावड़ा लंबे समय से स्थानीय राजनीति और जनजीवन का संवेदनशील मुद्दा रहा है।


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प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से भी मिलेंगे गवर्नर
ओकिनावा के गवर्नर कोजा बुधवार को प्रधानमंत्री साने ताकाइची और विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी से भी मुलाकात करने वाले हैं। इन बैठकों में भी वह अमेरिकी सैनिकों से जुड़े अपराधों की रोकथाम, सैनिकों पर प्रभावी अनुशासन और ओकिनावा पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों के बोझ को कम करने की मांग दोहराएंगे।

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