फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Controversy over Hinduism course in Houston University, institute said- gives importance to academic freedom

US: ह्यूस्टन विवि में हिंदू धर्म पाठ्यक्रम पर विवाद, संस्थान ने कहा- शैक्षिणिक स्वतंत्रता को देते हैं महत्व

Sat, 29 Mar 2025 09:15 AM IST
बशु जैन वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: बशु जैन Updated Sat, 29 Mar 2025 09:15 AM IST
सार

ह्यूस्टन विवि के एक छात्र ने लिव्ड हिंदू रिलीजन पाठ्यक्रम को लेकर शिकायत की थी। इसे लेकर विवि ने कहा कि ह्यूस्टन विवि शैक्षिणिक स्वतंत्रता को महत्व देता है। इसमें संकाय को उनके शिक्षण में जटिल और चुनौतीपूर्ण विषयों का पता लगाने की अनुमति दी जाती है। इस आधार पर पाठ्यक्रम तय किए जाते हैं।
 

विज्ञापन
Controversy over Hinduism course in Houston University, institute said- gives importance to academic freedom
ह्यूस्टन विवि - फोटो : ANI

विस्तार

ह्यूस्टन विश्वविद्यालय में हिंदू धर्म पाठ्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एक छात्र की ओर से पाठ्यक्रम को लेकर सवाल उठाए गए हैं। इस पर विवि प्रशासन ने अपनी सफाई दी है। विवि ने कहा है कि हम शैक्षिणिक स्वतंत्रता को महत्व देते हैं। संस्थान ने पाठ्यक्रम के महत्व और शामिल तथ्यों को लेकर छात्र से भी बात की है। 
विज्ञापन


ह्यूस्टन विवि के एक छात्र ने लिव्ड हिंदू रिलीजन पाठ्यक्रम को लेकर शिकायत की थी। इसे लेकर विवि ने कहा कि ह्यूस्टन विवि शैक्षिणिक स्वतंत्रता को महत्व देता है। इसमें संकाय को उनके शिक्षण में जटिल और चुनौतीपूर्ण विषयों का पता लगाने की अनुमति दी जाती है। इस आधार पर पाठ्यक्रम तय किए जाते हैं।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने ट्रंप से फोन पर बात की, बोले- हम जो चाहते थे, वही हुआ
विज्ञापन
विज्ञापन


विवि ने कहा कि लिव्ड हिंदू रिलीजन पाठ्यक्रम धार्मिक अध्ययन के शैक्षणिक अनुशासन पर आधारित है। इसमें हिंदू, बौद्ध और ईसाई धर्म में निहित परंपराओं और धार्मिक आंदोलनों को समझने के लिए विश्लेषणात्मक उपकरण के तौर पर कट्टरपंथ शब्द का उपयोग किया है। 


विवि ने कहा कि धार्मिक अध्ययन में कट्टरवाद ऐसे आंदोलन के बारे में हैं जो धर्म के सच्चे और मूल संस्करण को संरक्षित करता है। कट्टरवाद का अध्ययन निर्णय या पूर्वाग्रह नहीं है, बल्कि यह समझने का तरीका है कि धर्म कैसे विकसित होते हैं। धार्मिक अध्ययन में कट्टरवाद का उपयोग एक अकादमिक अवधारणा है, विवादास्पद नहीं है।

ये भी पढ़ें: म्यांमार में भूकंप से मरने वालों की संख्या 694 हुई, 1,670 घायल; अस्पतालों में खून की भारी किल्लत

विवि ने प्रोफेसर आरोन माइकल उल्ले का बयान जारी किया। इसमें कहा गया है कि इस पाठ्यक्रम की कार्यप्रणाली का सार किसी भी निर्धारित धर्मशास्त्र के बजाय वर्णनात्मक विज्ञान का उपयोग करना है। पाठ्यक्रम में मैंने दक्षिण एशिया के इतिहास में हिंदू जैसे धर्म के परिष्कार, तर्कसंगतता और ऐतिहासिक जटिलता को दर्शाया है। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म को कई तरीकों से परिभाषित किया गया है। पाठ्यक्रम में आवश्यक हिंदू धर्म प्रस्तावित नहीं है। क्योंकि हिंदू धर्म इतना विशाल है कि कोई इसको समाहित नहीं कर सकता। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed