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Balochistan: बलूचिस्तान में एक बार फिर अपना पैर पसार रहा कांगो वायरस, एक और नए मामले की हुई पुष्टि
Tue, 29 Oct 2024 03:15 AM IST
शुभम कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बलूचिस्तान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बलूचिस्तान
Published by: शुभम कुमार
Updated Tue, 29 Oct 2024 03:15 AM IST
सार
Balochistan: बलूचिस्तान में एक बार फिर कांगो वायरस ने अपना पैर पसारना शुरू कर दिया है। जहां एक और नए मामले की पुष्टि की गई है। इस मामले के साथ ही इस वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 41 हो गई है।
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वायरस (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में एक बार फिर कांगो वायरस अपना पैर पसार रहा है। जहां एक और नए मामले की पुष्टि हुई है। जिससे इस साल मामलों की संख्या बढ़कर 41 हो गई है। हालांकि यह पहली बार नहीं है कि बलूचिस्तान में कांगो वायरस बुखार की महामारी फैली हो। इससे पहले 80 के दशक के अंत और 90 के दशक के मध्य में दर्जनों लोग इस वायरस से मर चुके थे।
एनआईएच ने जारी एडवाइजरी
बलूचिस्तान में लगातार कांगो वायरस की बढ़ती संख्या को देख पाकिस्तान के राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान (NIH) ने क्रीमियन-कांगो रक्तस्रावी बुखार (CCHF) की रोकथाम और नियंत्रण के लिए सलाह जारी की। जिसको लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने जानकारी दी है कि सीसीएचएफ वायरस गंभीर वायरल रक्तस्रावी बुखार के प्रकोप का कारण बनता है और इसके मामले में मृत्यु दर 40 प्रतिशत तक है।
पशुओं से फैलता है कांगो वायरस
बात अगर इस वायरस के फैलाव की करें तो डब्ल्यूएचओ के अनुसार ये मुख्य रूप से टिक्स और पशुओं से लोगों में फैलता है। इसके साथ ही संक्रमित व्यक्तियों के रक्त, स्राव, शारीरिक के अंग के साथ नजदीकी के परिणामस्वरूप या फिर तुरंत बाद संक्रमित पशुओं के खुन के संपर्क के माध्यम से एक दूसरे में फैलता है।
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मवेशी उद्दोग के ज्यादातर लोग मिले संक्रमित
वहीं जारी रिपोर्ट की माने तो 41 संक्रमित लोगों में अधिकांश मामले मवेशी उद्योग से जुड़े लोगों में हुए हैं। उदाहरण के तौर पर कृषि श्रमिक, बूचड़खाने के कर्मचारी और पशु चिकित्सक। इसके साथ ही डब्ल्यूएचओ के अनुसार इस वायरस का फैलाव अस्पताल में होने वाले संक्रमण चिकित्सा उपकरणों के अनुचित नसबंदी, सुइयों के दोबारा इस्तेमाल और चिकित्सा आपूर्ति के दूषित होने के कारण भी हो सकते हैं।
क्या है लक्षण
इस वायरस के लक्षणों की शुरुआत अचानक होती है। जिसमें बुखार, मांसपेशियों में दर्द, चक्कर आना, गर्दन में दर्द और जकड़न, पीठ दर्द, सिरदर्द और आंखों में दर्द होता है। शुरुआत में मतली, उल्टी, दस्त, पेट में दर्द और गले में खराश हो सकती है, इसके बाद अचानक मूड में बदलाव और भ्रम हो सकता है।
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एनआईएच ने जारी एडवाइजरी
बलूचिस्तान में लगातार कांगो वायरस की बढ़ती संख्या को देख पाकिस्तान के राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान (NIH) ने क्रीमियन-कांगो रक्तस्रावी बुखार (CCHF) की रोकथाम और नियंत्रण के लिए सलाह जारी की। जिसको लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने जानकारी दी है कि सीसीएचएफ वायरस गंभीर वायरल रक्तस्रावी बुखार के प्रकोप का कारण बनता है और इसके मामले में मृत्यु दर 40 प्रतिशत तक है।
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पशुओं से फैलता है कांगो वायरस
बात अगर इस वायरस के फैलाव की करें तो डब्ल्यूएचओ के अनुसार ये मुख्य रूप से टिक्स और पशुओं से लोगों में फैलता है। इसके साथ ही संक्रमित व्यक्तियों के रक्त, स्राव, शारीरिक के अंग के साथ नजदीकी के परिणामस्वरूप या फिर तुरंत बाद संक्रमित पशुओं के खुन के संपर्क के माध्यम से एक दूसरे में फैलता है।
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मवेशी उद्दोग के ज्यादातर लोग मिले संक्रमित
वहीं जारी रिपोर्ट की माने तो 41 संक्रमित लोगों में अधिकांश मामले मवेशी उद्योग से जुड़े लोगों में हुए हैं। उदाहरण के तौर पर कृषि श्रमिक, बूचड़खाने के कर्मचारी और पशु चिकित्सक। इसके साथ ही डब्ल्यूएचओ के अनुसार इस वायरस का फैलाव अस्पताल में होने वाले संक्रमण चिकित्सा उपकरणों के अनुचित नसबंदी, सुइयों के दोबारा इस्तेमाल और चिकित्सा आपूर्ति के दूषित होने के कारण भी हो सकते हैं।
क्या है लक्षण
इस वायरस के लक्षणों की शुरुआत अचानक होती है। जिसमें बुखार, मांसपेशियों में दर्द, चक्कर आना, गर्दन में दर्द और जकड़न, पीठ दर्द, सिरदर्द और आंखों में दर्द होता है। शुरुआत में मतली, उल्टी, दस्त, पेट में दर्द और गले में खराश हो सकती है, इसके बाद अचानक मूड में बदलाव और भ्रम हो सकता है।