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यरुशलम हिंसा पर चिंता : भारत ने की सभी धर्मस्थलों में यथास्थिति की अपील, तनाव घटाने के प्रयासों की सराहना
Tue, 26 Apr 2022 10:27 AM IST
सुरेंद्र जोशी
एएनआई, संयुक्त राष्ट्र
एएनआई, संयुक्त राष्ट्र
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Tue, 26 Apr 2022 10:27 AM IST
सार
रवींद्र ने कहा कि जो भी कृत्य धर्मस्थलों की पवित्रता का उल्लंघन करते हैं, चाहे वह यरूशलम, नब्लस या कहीं और हो, की स्पष्ट रूप से निंदा की जानी चाहिए।
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R Ravindra, India's Deputy Permanent Rep at UNSC
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारत ने पवित्र रमजान माह में इस्राइल के यरुशलम व अन्य स्थानों पर हुई हिंसा को लेकर गहरी चिंता प्रकट की है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के उप स्थाई प्रतिनिधि आर. रवींद्र ने कहा कि सभी धर्मस्थलों का सम्मान किया जाना चाहिए और वहां यथास्थिति कायम रखी जाना चाहिए।
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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मध्य पूर्व की स्थिति पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि जो भी कृत्य धर्मस्थलों की पवित्रता का उल्लंघन करते हैं, चाहे वह यरूशलम, नब्लस या कहीं और हो, की स्पष्ट रूप से निंदा की जानी चाहिए। हम इस्राइल, जॉर्डन, फलस्तीन प्राधिकरण तथा अन्य देशों द्वारा तनाव को बढ़ने से रोकने के लिए किए गए प्रयासों के साथ हैं। उन्होंने कहा कि धर्मस्थलों में तोड़फोड़, उपद्रव, अपवित्र किए जाने की घटनाएं निंदनीय हैं।
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उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि तनाव घटाने के प्रयासों के बावजूद जमीनी स्थिति एक बार फिर खराब हुई है। हम सभी पक्षों से उकसावे को रोकने की अपील करते हैं। उकसावे से स्थिति और खराब हो सकती है। हम शांति बहाल करने के उद्देश्य से सभी कदमों का समर्थन करते हैं।
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भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि रमजान के पवित्र महीने के दौरान यरूशलम के पवित्र स्थानों पर हुई घटनाओं से हम बहुत चिंतित हैं। यरुशलम के पवित्र स्थानों की ऐतिहासिक यथास्थिति का सम्मान किया जाना चाहिए और इसे बरकरार रखा जाना चाहिए।