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Hindi News ›   World ›   Commission on 2009 BDR mutiny seeks deposed Hasina’s testimony

बांग्लादेश राइफल्स विद्रोह: अंतरिम सरकार के आयोग का हसीना समेत 15 लोगों को नोटिस, गवाही के लिए बुलाया

Sat, 08 Mar 2025 10:58 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका। Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 08 Mar 2025 10:58 PM IST
सार

अंतरिम सरकार द्वारा गठित आयोग ने 2009 के बांग्लादेश राइफल्स विद्रोह की दोबारा जांच के लिए पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और 14 अन्य लोगों से गवाही देने को कहा है। आयोग ने गवाही देने से इनकार करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

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Commission on 2009 BDR mutiny seeks deposed Hasina’s testimony
शेख हसीना - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

अंतरिम सरकार द्वारा गठित एक आयोग ने शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और 14 अन्य लोगों से 2009 के बांग्लादेश राइफल्स (बीडीआर) विद्रोह की दोबारा जांच के लिए गवाही देने को कहा है। 

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राष्ट्रीय स्वतंत्र जांच आयोग ने एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर 15 व्यक्तियों को नोटिस जारी कर गवाही देने का आग्रह किया है। इनमें शेख हसीना भी शामिल हैं। नोटिस में कहा गया है कि जो लोग सहयोग नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इन 15 लोगों में उस समय के सेना प्रमुख (सेवानिवृत्त) जनरल मोइन यू. अहमद, उनके उत्तराधिकारी जनरल अजीज अहमद और हसीना की अवामी लीग सरकार के कई पूर्व सैन्य और पुलिस अधिकारी व राजनेता शामिल हैं।  
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शेख हसीना छात्र आंदोलन के बाद पिछले साल पांच अगस्त को देश छोड़कर भारत आ चुकी हैं, जबकि अन्य लोग विदेश में ससान्य जीवन जी रहे हैं या फरार हैं। आयोग ने इन व्यक्तियों से व्यक्तिगत रूप से या ऑनलाइन गवाई देने का अनुरोध किया है। गवाहों से कहा गया है कि वे नोटिस जारी होने के सात दिनों के भीतर अपने प्रस्तावित कार्यक्रम की जानकारी आयोग को दें। आयोग ने पिछले महीने बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय को एक औपचारिक पत्र भेजा था। पत्र में उन लोगों की पहचान के लिए मदद मांगी गई थी, जिन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जाना है।   
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अंतरिम सरकार ने पिछले साल दिसंबर में सात सदस्यीय आयोग का गठन किया था, ताकि 2009 में बांग्लादेश राइफल्स के मुख्यालय में हुए नरसंहार की दोबारा जांच की जा सके, जिसमें 74 लोग मारे गए थे, जिनमें 57 सैन्य अधिकारी शामिल थे। आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल (सेवानिवृत्व) ए.एल.एम फजलुर रहमान ने कहा कि हमारा काम यह पता लगाना है कि क्या कोई घरेलू या विदेशी साजिश थी। उन्होंने कहा कि अगर हमारी जांच में विदेशी संलिप्तता पता चलती है, तो हम इसे सार्वजनिक करेंगे। 


बांग्लादेश के मौजूदा सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमान ने 25 फरवरी को कहा था कि 2009 के विद्रोह को लेकर कोई शक नहीं होना चाहिए। यह बांग्लादेश राइफल्स के सैनिकों ने ही किया था। 

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