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जलवायु परिवर्तन का असर: अमेरिका में जल संकट, कई राज्यों के गवर्नर सूखे से परेशान
Wed, 18 Aug 2021 01:11 AM IST
Jeet Kumar
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन।
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन।
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 18 Aug 2021 01:11 AM IST
सार
- एरिजोना, नवादा, मैक्सिको प्रांतों में सबसे बुरा हाल, 18 से सात फीसदी तक पानी की कमी
- जलवायु परिवर्तन के कारण पानी की कमी और मौसम के गर्म होने की वजह से धरती गर्म हो रही है
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अमेरिका में जल संकट
- फोटो : twitter
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विस्तार
अमेरिका में जलवायु परिवर्तन का सीधा असर दिखाई दे रहा है। यहां कुछ प्रांतों में जल संकट के हालात हैं। अमेरिका ने पहली बार यह भी स्वीकार किया है कि उसके लेक मीड जलाशय में पानी की करीब दस फुट तक कमी हो गई है। इसका सीधा असर एरिजोना, नवादा जैसे राज्यों में दिखाई दे रहा है। यहां के गवर्नर सूखे से परेशान हैं।
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एरिजोना और नवादा के साथ मैक्सिको से लगे प्रांतों के गवर्नरों ने बाइडन प्रशासन से कहा है कि उनके राज्यों को सूखा ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया जाए ताकि उन्हें आर्थिक मदद मुहैया हो सके।
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अमेरिकन ब्यूरो ऑफ रिक्लेमेशन ने कहा है कि जलाशय में पानी की कमी को देखते हुए एरिजोना, नवादा, मैक्सिको को दिए जाने वाले पानी में निश्चित ही कमी होगी।
उसने बताया कि एरिजोना में करीब 18 फीसदी, नवादा में करीब सात फीसदी और मैक्सिको में कब पांच फीसदी की कमी जाएगी। गृह मंत्रालय के सहायक सचिव तान्या त्रुजिलो ने जल संकट का कारण जलवायु परिवर्तन को बताया है।
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उन्होंने कहा, हम जलवायु बदलाव का असर देख रहे हैं। पानी की कमी और मौसम के गर्म होने की वजह से धरती गर्म हो रही है और यह आगे भी जारी रहेगा।
गवर्नरों की अपील, विशेष मदद दें
अमेरिकी सूखा निगरानी रिपोर्ट में देश के पश्चिम भाग में करीब 63 फीसदी पानी की कमी सामने आई है। इसे देखते हुए पश्चिम के करीब दस गवर्नरों ने राष्ट्रपति बाइडन से अपील की है कि वो इन इलाकों के लिए विशेष मदद मुहैया कराएं। इन गवर्नरों ने एक पत्र में लिखा कि यह इतिहास का सबसे बड़ा सूखा है।
इसकी वजह से पूरे राज्य की फसल बर्बाद होने का संकट खड़ा हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस जल संकट से इन राज्यों में रह रहे करीब छह करोड़ लोग प्रभावित होंगे।