{"_id":"5faaee108ebc3e9bf4623512","slug":"cleric-razik-shihab-returned-to-indonesia-from-saudi-after-three-years-of-exile","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन साल के निर्वासन के बाद सऊदी से इंडोनेशिया लौटा फायरब्रांड धार्मिक नेता रेजिक शिहाब","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
तीन साल के निर्वासन के बाद सऊदी से इंडोनेशिया लौटा फायरब्रांड धार्मिक नेता रेजिक शिहाब
Wed, 11 Nov 2020 01:21 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी , जकार्ता।
एजेंसी , जकार्ता।
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 11 Nov 2020 01:21 AM IST
विज्ञापन
Indonesia
- फोटो : twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विवादास्पद धर्मगुरु रेजिक शिहाब मंगलवार को तीन साल के निर्वासन के बाद सऊदी अरब से अपने देश इंडोनेशिया लौट आए। राजधानी जकार्ता पहुंचने पर हजारों समर्थकों ने शिहाब का एयरपोर्ट पर गर्मजोशी से स्वागत किया। पोर्नोग्राफी समेत अन्य आपराधिक मुकदमे हटने के बाद इस्लामिक डिफेंडर्स फ्रंट (आईडीएफ) के नेता शिहाब की इंडोनेशिया वापसी संभव हो सकी है।
विज्ञापन
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करने पहुंचे लोगों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। उनके समर्थक धार्मिक नारे लगा रहे थे। शिहाब और उनके समर्थकों का काफिला एयरपोर्ट से बाहर निकला तो राजधानी जकार्ता की सड़कें जाम हो गईं। मौलाना के सेंट्रल जकार्ता स्थित घर के बाहर भी हजारों की भीड़ मौजूद थी।
विज्ञापन
आईडीएफ के प्रवक्ता स्लैमेट मारिफ ने कहा, हमने उन्हें वापस आने के लिए राजी नहीं मनाया। वह अपनी इच्छा से इंडोनेशिया लौटे हैं। हमें लंबे समय से उनकी कमी महसूस हो रही थी। सैकड़ों लोग रात से ही एयरपोर्ट पर डटे हुए थे और उनके यहां पहुंचने का इंतजार कर रहे थे।
विज्ञापन
एयरपोर्ट के प्रवक्ता हेरुल अनवर ने बताया कि शिहाब की वापसी और एयरपोर्ट पर उनके समर्थकों की भारी संख्या को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
पोर्नोग्राफी का मुकदमा
पोर्नोग्राफी और आपराधिक मुकदमा दर्ज होने के बाद शिहाब 2017 में इंडोनेशिया छोड़कर सऊदी अरब चले गए थे। साक्ष्यों के अभाव में पिछले साल इंडोनेशिया की पुलिस ने विवादास्पद धार्मिक नेता के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस ले लिए थे। हालांकि, सऊदी सरकार ने बिना इजाजत शिहाब के देश छोड़ने पर रोक लगा दी थी।