कराची यूनिवर्सिटी हमला: पहली बार किसी बलूच महिला ने दिया फिदायीन ऑपरेशन को अंजाम, पति ने बताया गौरव का क्षण
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने भी बयान जारी कर कहा कि शारी ने बलूच आजादी के आंदोलन में नया अध्याय जोड़ा है। वह बलूच राष्ट्र के लिए पहली महिला फिदायीन बनीं। मंगलवार को हुए इस धमाके में तीन चीनी महिलाओं समेत चार लोग मारे गए।
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बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने भी बयान जारी कर कहा कि शारी ने बलूच आजादी के आंदोलन में नया अध्याय जोड़ा है। वह बलूच राष्ट्र के लिए पहली महिला फिदायीन बनीं। मंगलवार को हुए इस धमाके में तीन चीनी महिलाओं समेत चार लोग मारे गए।
शारी के पति हैबिटान बशीर बलचू ने ट्वीट कर लिखा, 'शारी जान, आपके इस निस्वार्थ कृत्य ने मुझे अवाक कर दिया है, लेकिन मैं भी आज गर्व से झूम रहा हूं। महरोच और मीर हसन यह सोचकर बहुत गर्वित इंसान बनेंगे कि उनकी मां कितनी महान थी। तुम हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बने रहोगी।' अफगानिस्तान के पत्रकार बशीर अहमद गवाख के हवाले से आई मीडिया रिपोर्ट में पहली महिला बलूच आत्मघाती हमलावर व उनके पति को लेकर तमाम बातें कही गई हैं।
Shari Jan,your selfless act has left me speechless but I am also beaming with pride today.
— Habitan Bashir Baloch (@HabitanB) April 26, 2022
Mahroch and Meer Hassan will grow into very proud humans thinking what a great woman their mother https://t.co/xOmoIiBPEf will continue to remain an important part of our lives. pic.twitter.com/Gdh2vYXw7J
पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी में कराची विश्वविद्यालय परिसर में मंगलवार शाम एक वैन में हुए धमाके में तीन चीनी महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हो गई। इस विस्फोट में कई अन्य घायल भी हुए हैं। आशंका है कि हमला चीनी भाषा पढ़ाने वाली शिक्षिकाओं को निशाना बनाकर किया गया। हमले की जिम्मेदारी बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने ली है।
बलूच लिबरेशन आर्मी ने हमले की जिम्मेदारी लेने के साथ ही दावा किया है कि इसे पहली महिला फिदायीन ने अंजाम दिया। बीएलए के अनुसार 30 वर्षीय शारी बलोच उर्फ ब्रम्श नजरआबाद तुरबत की रहने वाली थी। वह उच्च शिक्षित होने के साथ ही प्राणी शास्त्र में स्नातकोत्तर के बाद एमफिल कर रही थी। वह एक हायर सेकंडरी स्कूल में विज्ञान पढ़ाती थी। बीएलए के कथित बयान में कहा गया है कि वह विद्यार्थी काल में बचोच विद्यार्थी संघ में रही थी और उसे बलूचों के नरसंहार व बलूचिस्तान पर कब्जे का इतिहास पता था।
कराची विस्फोट में अपने नागरिकों की मौत से भड़का चीन, पाक को चेताया
पाकिस्तान में कराची विश्वविद्यालय परिसर में हुए धमाके में अपने तीन नागरिकों की मौत से चीन भड़क गया है। उसने पाकिस्तान को चेताते हुए वहां काम कर रहे चीनी लोगों की सुरक्षा बढ़ाने और कराची विवि आत्मघाती हमले के जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा है। इस हमले में तीन चीनी प्राध्यापिकाओं समेत चार लोग मारे गए और अन्य घायल हो गए थे। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ताजा हमलों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि चीनियों का खून ऐसे ही नहीं बहाया जा सकता।
इस घटना के जिम्मेदार लोगों से इसकी कीमत वसूली जानी चाहिए। घटना के तुरंत बाद पाक पीएम शहबाज शरीफ ने चीनी दूतावास पहुंचकर घटना के प्रति अफसोस जाहिर किया था। आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) से जुड़े मजीद ब्रिगेड ने ली है। चीनी सहायक विदेश मंत्री वू जियानघाओ ने पाकिस्तानी राजदूत को फोन कर अपना पक्ष रखा।