फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Civil rights agency moves to fire judge who opposed Donald Trump directives

US: ट्रंप के निर्देशों का विरोध करने पर न्यायाधीश ऑर्टिज को मिलेगी बर्खास्तगी की सजा; तत्काल भेजे गए अवकाश पर

Tue, 13 May 2025 04:10 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Tue, 13 May 2025 04:10 AM IST
सार

श्रमिकों के नागरिक अधिकारों की रक्षा करने वाली एजेंसी यूएस समान रोजगार अवसर आयोग (ईईओसी) ने न्यायाधीश करेन ऑर्टिज को बर्खास्त करने का फैसला किया है। न्यायाधीश ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देशों का विरोध किया था। इसके अलावा, उन्होंने ट्रंप द्वारा नियुक्त ईईओसी के प्रमुख कार्यवाहक अध्यक्ष एंड्रिया लुकास की आलोचना की थी। 

विज्ञापन
Civil rights agency moves to fire judge who opposed Donald Trump directives
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देशों का विरोध करने पर न्यूयॉर्क के प्रशासनिक न्यायाधीश करेन ऑर्टिज को बर्खास्तगी की सजा का सामना करना पड़ सकता है। श्रमिकों के नागरिक अधिकारों की रक्षा करने वाली संघीय एजेंसी ने न्यायाधीश को बर्खास्त करने का फैसला किया है। न्यायाधीश ऑर्टिज ने व्हाइट हाउस के उन निर्देशों का पालन करने का विरोध किया, जिसमें राष्ट्रपति ट्रंप का वह कार्यकारी आदेश भी शामिल है, जिसमें पुरुष और महिला को दो 'अपरिवर्तनीय' लिंगों के रूप में परिभाषित किया गया है।

विज्ञापन


राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश के बाद, यूएस समान रोजगार अवसर आयोग (ईईओसी) ने ट्रांसजेंडर श्रमिकों से जुड़े कम से कम सात मामलों से हाथ खींच लिए हैं। साथ ही, एजेंसी अब लिंग पहचान-संबंधी भेदभाव के मामलों को सबसे कम प्राथमिकता पर रख रही है, जो नागरिक अधिकार कानून की अपनी पिछली नीति से बिल्कुल अलग है। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Israel: हमास की कैद से 584 दिन बाद इस्राइल लौटे एडन, नेतन्याहू बोले- रिहाई के पीछे ट्रंप के कूटनीतिक प्रयास
विज्ञापन
विज्ञापन


ऑर्टिज ने ईईओसी अध्यक्ष एंड्रिया लुकास की आलोचना की थी
प्रशासनिक न्यायाधीश ऑर्टिज ने फरवरी में ट्रंप द्वारा नियुक्त ईईओसी के प्रमुख कार्यवाहक अध्यक्ष एंड्रिया लुकास की आलोचना की थी। एजेंसी ने उन्हें बुधवार (स्थानीय समयानुसार) को अवकाश पर भेज दिया। एजेंसी ने 1,000 से अधिक सहयोगियों को कॉपी किए गए एक ईमेल में न्यायाधीश ऑर्टिज को यह भी बताया कि उनका व्यवहार 'गंभीर रूप से गैर-पेशेवर' रहा है और एजेंसी उन्हें नौकरी से निकालना चाहती है। 


मीडिया में ईमेल लीक होने पर एजेंसी ने जताई चिंता 
एजेंसी ने ऑर्टिज के ईमेल के मीडिया में लीक होने पर चिंता जताई। एजेंसी ने नोटिस में कहा कि आपका फरवरी का ईमेल कई प्रेस आउटलेट्स में प्रसारित किया गया, जिसके परिणास्वरूप एजेंसी की प्रतिष्ठा को काफी नुकसान पहुंचा। एजेंसी ने न्यायाधीश ऑर्टिज को 15 दिन में जवाब देने का मौका दिया है। साथ ही कहा है कि वे चाहें तो वकील या यूनियन प्रतिनिधि से मदद ले सकती हैं। एजेंसी ने यह भी कहा कि प्रस्तावित कार्रवाई एजेंसी की नीति के साथ असहमति की सामग्री से संबंधित नहीं है, बल्कि उनके बात कहने के तरीके से दिक्कत है। उन्होंने जो कुछ कहा, वह अपमानजनक तरीके से कहा। एजेंसी ने कहा कि जवाब देने का समय बीत जाने के बाद अंतिम निर्णय जारी किया जाएगा। 

ये भी पढ़ें: Israel: गाजा में इस्राइल के हमले में 16 लोगों की मौत; आश्रय स्थल पर हमले में ज्यादातर बच्चे-महिलाएं हुईं शिकार

ऑर्टिज ने लुकास को लिखा- आप अध्यक्ष बनने के लायक नहीं
फरवरी में भेजे गए ईमेल में, न्यायाधीश ऑर्टिज ने ट्रंप के आदेश का पालन करने के लिए एजेंसी के प्रयासों की आलोचना की और अध्यक्ष लुकास को लिखा, 'आप अध्यक्ष बनने के लायक नहीं हैं और आपको कानून का अभ्यास करने का हक नहीं होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि मैं अपनी नैतिकता और कानून को बनाए रखने के अपने कर्तव्य से समझौता नहीं करूंगी।' यह ईमेल बाद में Reddit वेबसाइट पर लीक हो गया, जहां हजारों लोगों ने उसका समर्थन किया। इसके बाद ईईओसी ने उनके ईमेल भेजने की सुविधा बंद कर दी और उन्हें अशिष्ट आचरण के लिए लिखित फटकार लगाई। 

संबंधित वीडियो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed