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हांगकांग: लोकतंत्र समर्थकों की जीत से भड़का चीन, मीडिया ने कहा- बाहरी ताकतों का नतीजों में रहा हाथ
Tue, 26 Nov 2019 03:02 PM IST
अनवर अंसारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हांगकांग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हांगकांग
Published by: अनवर अंसारी
Updated Tue, 26 Nov 2019 03:02 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Twitter
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हांगकांग में चुनावी नतीजे घोषित होने के बाद से यहां के लोगों के बीच जश्न का माहौल है। वहीं, चीन इन नतीजों से बिफरा हुआ है। चीन की सरकारी मीडिया ने हांगकांग में चुनाव परिणामों को कमतर बताने और उस पर अविश्वास प्रकट करने के संबंध में मंगलवार को कई खबरें दीं। इन चुनावों में लोकतंत्र समर्थक प्रत्याशियों को जबर्दस्त जीत हासिल हुई और ये नतीजे बीजिंग समर्थक शासन के लिए काफी चुभने वाले साबित हुए हैं।
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अर्ध स्वायत्त शहर में हुए निकाय चुनावों में लोकतंत्र समर्थक आंदोलनकारियों को लोगों का जबर्दस्त समर्थन मिलता दिखाई दिया जहां चीन के नियंत्रण को कम करने की मांग वाले प्रत्याशियों को 452 सीटों का शानदार बहुमत मिला। वोटिंग में भी हांगकांग के लोगों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था। 2015 के 14.7 लाख वोटर्स के मुकाबले इस साल 29.4 लाख लोग वोटिंग में शामिल हुए। वोटिंग का आंकड़ा 2015 के 47% के मुकाबले 71% पहुंचा।
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गौरतलब है कि हांगकांग में लोकतंत्र समर्थकों ने कई महीनों तक विरोध प्रदर्शन किए और इसमें काफी हिंसा भी हुई। चीनी भाषा की सरकारी मीडिया ने मंगलवार को दी खबरों में चुनाव में जीतने वालों का कोई जिक्र नहीं किया। इनमें सरकारी प्रसारणकर्ता सीसीटीवी और कम्युनिस्ट पार्टी का मुखपत्र ‘पीपल्स डेली’ भी शामिल था।
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पीपल्स डेली ने कहा कि सामाजिक अशांति..ने चुनावी प्रक्रिया को गंभीर रूप से बाधित किया। चाइना डेली के अंग्रेजी भाषा के संस्करण में छपे एक संपादकीय में कहा गया कि चुनाव को खराब चालों और डराने-धमकाने के जरिए बिगाड़ा गया।
संपादकीय में कहा गया कि हिंसक धमकियों वाली युक्तियों की मंशा शासन समर्थित प्रत्याशियों के प्रदर्शन एवं दृश्यता को घटाना था। इसमें कहा गया कि बाहरी ताकतों का विशेष प्रशासनिक क्षेत्र में महीनों से चल रहे सरकार विरोधी अभियान को और भड़काना भी शासन समर्थक प्रत्याशियों की चुनावी संभावनाओं को काफी हद तक नुकसान पहुंचा गया।