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Chinese in Pakistan: पाकिस्तान में डर-डर कर जीने को मजबूर हैं चीनी, कई कारोबारी ठिकाने कराए गए बंद

Fri, 31 Mar 2023 05:09 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 31 Mar 2023 05:09 PM IST
सार

Chinese in Pakistan: चीन के विदेश मंत्रालय से जुड़े वाणिज्य विभाग ने इस साल फरवरी में पाकिस्तान में मौजूद अपने नागरिकों के लिए विशेष चेतावनी जारी की थी। उसमें कहा गया था कि चीनी नागरिकों के लिए जोखिम ऊंचे स्तर तक पहुंच गया है...

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Chinese in Pakistan: Chinese are forced to live in fear in Pakistan, many business establishments were closed
Chinese in Pakistan - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

पाकिस्तान के अधिकारियों ने देश में कई चीनी व्यापार प्रतिष्ठानों को बंद करवा दिया है। बताया जाता है कि चीनी नागरिकों से जुड़े प्रतिष्ठानों पर आतंकवादी हमलों का खतरा है। अधिकारियों ने कहा है कि वे इस मामले में कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते हैं। वे नहीं चाहते हैं कि पाकिस्तान में उस देश के लोगों या हितों को कोई न नुकसान पहुंचे, जिससे पाकिस्तान का सबसे महत्त्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय रिश्ता है।

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पाकिस्तान में चीनी ठिकाने आंतकवादियों और अलगाववादियों के खास निशाने रहे हैं। उन पर हुए हमलों में कई चीनी नागरिक मारे जा चुके हैं। पाकिस्तान सरकार के आकलन के मुताबिक एक बार फिर ऐसे हमलों का खतरा गहरा गया है। पाकिस्तान को इस समय कुल मिला कर आतंकवाद के बढ़े खतरे का सामना करना पड़ रहा है।

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चीन के विदेश मंत्रालय से जुड़े वाणिज्य विभाग ने इस साल फरवरी में पाकिस्तान में मौजूद अपने नागरिकों के लिए विशेष चेतावनी जारी की थी। उसमें कहा गया था कि चीनी नागरिकों के लिए जोखिम ऊंचे स्तर तक पहुंच गया है। बताया जाता है कि चीन ने अपने नागरिकों की सुरक्षा का इंतजाम करने के लिए पाकिस्तान पर दबाव बनाया। उसके बाद से पाकिस्तान के सुरक्षा बल सक्रिय हुए हैं। इस महीने उन्होंने कराची में कई चीनी व्यापार ठिकानों को यह कहते हुए सील कर दिया कि उन पर हमला होने का खतरा है।

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कराची एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने वेबसाइट निक्कईएशिया.कॉम से कहा- ‘कई बार चेतावनी देने के बावजूद चीनी व्यापार ठिकाने सुरक्षा प्रोटोकॉल को लागू करने में नाकाम रहे। इस वजह से उन्हें सील किया गया है। संतोषजनक सुरक्षा व्यवस्था होने के बाद उन्हें दोबारा खोलने की इजाजत दी जाएगी।’ अधिकारी ने बताया कि ऐसे ठिकानों को बंद करवाने और खोलने की इजाजत देने का सिलसिला चल रहा है, इसलिए इस समय कितने ठिकाने बंद हैं, इसकी सही संख्या बताना संभव नहीं है।

लेकिन आधिकारिक दस्तावेजों से पता चला है कि जिन ठिकानों को बंद करवाया गया है, उनमें चाइनीज रेस्तरां, सुपरमार्केट और एक समुद्री खाद्य बनाने वाली कंपनी शामिल हैं। ये कदम सिंध प्रांत के एक खास कानून के तहत उठाया गया है। विश्लेषकों के मुताबिक कराची शहर आतंकवादियों के निशाने पर रहा है। यहां चीनी ठिकानों पर हमले हो चुके हैं। अप्रैल 2022 में इसी शहर में कराची यूनिवर्सिटी स्थित कंफ्यूशियस इंस्टीट्यूट पर हमला हुआ था, जिसमें तीन चीनी शिक्षक और एक पाकिस्तानी ड्राइवर की मौत हो गई थी।

इसके पहले जून 2020 में कराची स्टॉक एक्सचेंज की बिल्डिंग पर हमला हुआ था, जिसके एक हिस्से का स्वामित्व एक चीनी कंपनी-समूह के पास है। इन भी हमलों की जिम्मेदारी बलूच लिबरेशन आर्मी नाम के आतंकवादी संगठन ने ली थी। लेकिन हमलों का डर सिर्फ सिंध प्रांत तक सीमित नहीं है। पंजाब प्रांत के गृह मंत्रालय ने इस वर्ष फरवरी में प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले चीनी नागरिकों को आदेश दिया था कि वे अपने निजी सरक्षा कर्मी तैनात करें। पंजाब सरकार ने चीनी नागरिकों की रक्षा के लिए एक विशेष सुरक्षा इकाई का भी गठन किया है। लेकिन इस बल की सुरक्षा सिर्फ बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव परियोजना के तहत बन रहे चीन-पाकिस्तान इकॉनमिक कॉरिडोर में काम करने वाले कर्मचारियों को ही दी गई है।

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