चीन में नई पहल: शादियों को बढ़ावा देने और तलाक को मुश्किल बनाने में जुटा चीन, दुल्हन को महंगे तोहफे अब जरूरी नहीं
चीन ने हाल में जन्म दर को बढ़ाने की नीति घोषित की है। इसके तहत अब तीन बच्चे पैदा करने की इजाजत दी गई है। लेकिन जानकारों का कहना है कि ये लक्ष्य तभी हासिल हो सकता है, अगर अधिक संख्या में विवाह हों...
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चीन सरकार ने देश में शादियों को प्रोत्साहित करने और तलाक को हतोत्साहित करने की मुहिम छेड़ी है। ऐसा देश में विवाहों की घट रही संख्या और जन्म दर में गिरावट के मद्देनजर किया गया है। हाल के तमाम अध्ययनों से यह सामने आया है कि चीन की नई पीढ़ी में विवाह करने और माता या पिता बनने का आकर्षण घटता चला गया है। साल 2020 में देश में सिर्फ 80 लाख विवाह दर्ज हुए। 2013 की तुलना में यह लगभग एक तिहाई कम है। 2013 में देश में एक करोड़ 34 लाख 70 हजार से ज्यादा विवाह रजिस्टर्ड हुए थे।
विवाह न करने या देर से करने की प्रवृत्ति नौजवानों और युवतियों दोनों में समान रूप से देखी गई है। कुछ समय पहले जब चीन में जनगणना के आंकड़े जारी हुए थे, तो उससे भी ये बात साबित हुई थी। चीन ने हाल में जन्म दर को बढ़ाने की नीति घोषित की है। इसके तहत अब तीन बच्चे पैदा करने की इजाजत दी गई है। लेकिन जानकारों का कहना है कि ये लक्ष्य तभी हासिल हो सकता है, अगर अधिक संख्या में विवाह हों।
कम खर्च में आयोजित हों विवाह समारोह
इसीलिए चीन सरकार ने विवाह करने को आसान और सस्ता बनाने के उपाय घोषित किए हैं। ये उपाय फिलहाल देश के 15 प्रांतों में आजमाए जा रहे हैं। बीते मई में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस सिलसिले में कम्युनिस्ट पार्टी की पोलित ब्यूरो की एक बैठक बुलाई थी। उसी में नए उपायों पर फैसला हुआ। उन उपायों पर तुरंत अमल शुरू कर दिया गया। बताया जाता है कि इस बैठक में शी ने दुल्हन के परिवार को महंगे उपहार देने की प्रथा और तड़क-भड़क के साथ विवाह समारोह आयोजित करने के चलन को हतोत्साहित करने का आदेश दिया।
वेबसाइट एशिया टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक नए उपायों को प्रयोग के तौर पर सबसे पहले शानक्शी प्रांत में आजमाया गया। इसके तहत वहां सगाई समारोह के आकार और उपहार की मात्रा को सीमित करने के नियम लागू किए गए। साथ ही विवाह के भव्य आयोजनों पर रोक लगा दी गई। ये नियम लागू किया गया कि किसी विवाह समारोह में कुल कितने मेहमान आमंत्रित किए जा सकेंगे।
60 हजार युवान के उपहारों की अनुमति
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक शानक्शी प्रांत में ये सीमा लगाई गई कि अधिकतम 60 हजार युवान के उपहार ही दिए जा सकेंगे। जबकि पहले दो लाख युवान तक के उपहार देना आम बात थी। चीनी मीडिया में कहा गया कि इस कृषि प्रधान राज्य में गरीब परिवारों पर पहले विवाह के भव्य समारोह आयोजित करने का भारी सामाजिक दबाव रहता था। अब नए नियमों से उन्हें राहत मिली है।
इस बीच तलाक लेना कठिन बनाने के कई नियम लागू किए गए हैं। खास कर ये नियम 40 वर्ष से कम उम्र के दंपतियों पर लागू किए जा रहे हैं। उत्तर-पूर्वी प्रांत हेइलोंगजियांग में तलाक निवारण कार्यक्रम की शुरुआत पिछले साल ही कर दी गई थी। इसके तहत दंपतियों के बीच मध्यस्थता की जाती है। अब इस प्रांत में तलाक की अर्जी आने पर शहर का नागरिक मामलों का ब्यूरो उसकी जांच करता है। उसके बाद दंपति को समझाने-बुझाने की कोशिश की जाती है, ताकि उनके मतभेद दूर हो सकें। ऐसे नियम अब देश भर में लागू किए जाएंगे।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक चीन के कई प्रांतों में सरकारी खर्च पर सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। कुछ जगहों पर नव-विवाहित जोड़ों को स्थानीय प्रशासन की तरफ से मुफ्त उपहार भी दिए जाते हैं।