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उइगर मुस्लिम आबादी पर चीन का नियंत्रण, दो से ज्यादा बच्चे करने पर पति को जेल
Mon, 27 Jul 2020 01:15 PM IST
Tanuja Yadav
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्तांबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्तांबुल
Published by: Tanuja Yadav
Updated Mon, 27 Jul 2020 01:15 PM IST
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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग
- फोटो : पीटीआई
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चीन से कई बार ऐसी खबरें सामने आई हैं कि वहां मुस्लिम और ईसाई समुदाय के लोगों को प्रताड़ित किया जाता है। हाल में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन के शिनजियांग प्रांत में उइगर मुस्लिमों पर अत्याचार किया जा रहा है। चीन पर आरोप है कि वो इस समुदाय की आबादी को कम करना चाहता है।
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चीन की ओर से इनकी आबादी को नियंत्रण करने के लिए बेहत खतरनाक और डरावने तरीके अपनाए जाते हैं। देश की कम्यूनिस्ट पार्टी हर तरह से इस समुदाय के लोगों को प्रताड़ित और परेशान करती है। एक ताजा रिपोर्ट में इसका विवरण दिया गया है।
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चीन से भागकर इस्तांबुल पहुंची महिलाओं ने एक मीडिया की रिपोर्ट में दावा किया है कि वहां उइगर मुस्लिम महिलाओं के साथ बहुत अत्याचार किया जाता है, अगर ये महिलाएं गर्भवती हो जाती है तो उनका जबरदस्ती गर्भपात कराया जाता है। इन महिलाओं को केवल दो बच्चे करने की अनुमति है, इससे ज्यादा होने पर गर्भपात करा दिया जाता है।
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अगर दो बच्चों से ज्यादा बच्चे हो जाते हैं तो उन्हें छिपाकर घर में ही रखा जाता है, कई ऐसी भी खबरें आई हैं कि ज्यादा बच्चे होने की वजह से लोगों ने चीन से पलायन किया है। आमीना ममतिमिन बताती हैं कि जब वह पांचबीं बार गर्भवती हुईं तो उन्होंने चीन छोड़ने का फैसला ले लिया था।
देश छोड़ने के लिए जब उन्होंने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया तो उनका और उनकी सबसे छोटी बेटी का ही पासपोर्ट स्वीकार किया गया, वह अपने अजन्मे बच्चे को बचाने के लिए तुर्की चली गईं और उन्होंने सोचा कि बाकी परिवार उनके पति के साथ आ जाएगा लेकिन चीनी अधिकारियों ने उनके पति को 15 साल के लिए जेल में डाल दिया।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अस्पताल में उइगर मुस्लिम महिलाओं से बच्चों की डिलिवरी के बाद स्टेरलाइजेशन कराने के लिए हस्ताक्षर लिए जाते हैं। इसके अलावा अधिकारी महिलाओं के पीरियड्स यानि कि मासिक धर्म पर भी नजर रखते हैं ताकि गर्भ का पता लगाया जा सके।
रिपोर्ट में दूसरी महिला ने बताया कि उनकी भाभी की दूसरी डिलिवरी से पहले डॉक्टर उन्हें चेकअप के बहाने अस्पताल ले गए और वहां उनका गर्भपात करा दिया। डॉक्टर ने उनकी भाभी को जानकारी दी कि उनका बच्चे की गर्भ में ही पहले मौत हो चुकी थी, इसलिए उनका गर्भपात किया गया।
इसके बाद वो महिला एक बार और गर्भवती हुई लेकिन इस बार चीनी अधिकारियों ने उन्हें चार साल के लिए जेल में डाल दिया था। रिपोर्ट में बताया गया है कि एक नर्स ने बताया था कि उन्होंने अपनी आंखों के सामने जबरदस्ती होने वाले 90 गर्भपात के मामले देखे हैं।
नर्स ने बताया कि इन महिलाओं को कभी गोली खिलाकर या कभी इंजेक्शन देकर इनका गर्भपात करा दिया जाता है और अगर गलती से बच्चा विकसित हो जाए तो उसे परिवार को नहीं सौंपा जाता।