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Nancy Pelosi: भारत में बैठे चीनी राजदूत ने अमेरिका को दी धमकी, कहा- जो आग से खेलते हैं वो जल जाते हैं

Tue, 02 Aug 2022 05:40 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
वर्ल्ड न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Tue, 02 Aug 2022 05:40 PM IST
सार

नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा को लेकर भारत में चीनी दूतावास के प्रवक्तावांग शियाओजियान ने अमेरिका को धमकी दी है। उन्होंने पेलोसी की यात्रा को चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बताया है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि अमेरिकी स्पीकर पेलोसी द्वारा ताइवान की यात्रा से चीन के आंतरिक मामलों में घोर हस्तक्षेप होगा।

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Chinese Embassy in India says Pelosi's visit to Taiwan would be gross interference in China internal affairs
Nancy Pelos - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिका और चीन में ताइवान के मुद्दे पर तनातनी लगातार बढ़ती ही जा रही है। वहीं, अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव की स्पीकर नैंसी पेलोसी स्व-शासित द्वीप ताइवान का दौरा करने जा रही हैं। अमेरिकी मीडिया  रिपोर्ट्स के मुताबिक वह बुधवार को ताइवान का दौरा कर सकती हैं। पेलोसी चार एशियाई देशों की यात्रा कर रही हैं, इसी क्रम में वह सबसे पहले वह सिंगापुर पहुंचीं हैं। चीन लगातार बाइडन प्रशासन को चेतावनी देता रहा है कि पेलोसी के ताइवान दौरे से दोनों देशों के रिश्ते खराब होंगे। हालांकि, अब भारत में चीन के दूतावास की तरफ से अमेरिका के खिलाफ भड़काऊ भाषण दिया गया है।

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भारत में चीनी दूतावास ने दी अमेरिका को धमकी
नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा को लेकर भारत में चीनी दूतावास के प्रवक्तावांग शियाओजियान ने अमेरिका को धमकी दी है। उन्होंने पेलोसी की यात्रा को चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बताया है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि अमेरिकी स्पीकर पेलोसी द्वारा ताइवान की यात्रा से चीन के आंतरिक मामलों में घोर हस्तक्षेप होगा। उनकी यात्रा से ताइवान जलडमरूमध्य में शांति और स्थिरता को बहुत खतरा है। इससे चीन-अमेरिका संबंधों को गंभीर रूप से कमजोर होंगे और इसके गंभीर परिणाम होंगे। 
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भारत में चीनी दूतावास ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि 'जो आग से खेलते हैं वे इससे जल जाते हैं।' यदि अमेरिकी पक्ष यात्रा करने पर जोर देता है और चीन की लाल रेखा को चुनौती देता है, तो उसे दृढ़ प्रतिवाद के साथ पूरा किया जाएगा। अमेरिका को इसके सभी परिणाम भुगतने होंगे। 
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गौरतलब है कि ताइवान (आरओसी) पर चीन अपना दावा करता रहा है। उसने पेलोसी के संभावित दौरे को लेकर भी चेतावनी दी है। पेलोसी एक सैन्य विमान सी-40सी से वॉशिंगटन से रवाना हुई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, नैंसी पेलोसी के बुधवार को ताइवान में अन्य उच्च पदस्थ अधिकारियों के साथ बैठक करने की उम्मीद है। 

पिछले महीने अमेरिका की हाउस स्पीकर की यात्रा की रिपोर्ट जारी की थी। तब बीजिंग ने नैंसी की ताइवान यात्रा को लेकर चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अमेरिकी पक्ष यात्रा को आगे बढ़ाने पर जोर देता है तो वह कड़ी कार्रवाई करेगा और जवाबी कदम उठाएगा।  

वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के मुकाबिक, अमेरिका की प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी द्वारा ताइवान की संभावित यात्रा से पहले स्व-शासित द्वीप के लिए चेतावनी के रूप में चीन ने सोमवार से बिस्कुट और पेस्ट्री के 35 ताइवानी निर्यातकों से आयात को निलंबित कर दिया है। 

क्रेमलिन ने संयुक्त राज्य अमेरिका को चेतावनी दी
नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा पर क्रेमलिन ने मंगलवार को संयुक्त राज्य अमेरिका को चेतावनी दी है। इसने कहा है कि अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी द्वारा ताइवान की अपेक्षित यात्रा इसे चीन के साथ टकराव के रास्ते पर ले जाएगी। क्रेमलिन ने यह भी कहा है कि पेलोसी की यात्रा क्षेत्र में तनाव को भड़काएगी। 

पेलोसी को ताइवान जाने का अधिकार : अमेरिका
अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा समन्वयक जॉन किर्बी ने सोमवार को देश के निचले सदन की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी की यात्रा को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष (नैन्सी पेलोसी) ने किसी यात्रा योजना की पुष्टि नहीं की है और ऐसा करना अध्यक्ष और उनके कर्मचारियों पर निर्भर है। हम उनकी यात्रा के ठहराव के बारे में कोई टिप्पणी या अटकलें नहीं लगाएंगे... अध्यक्ष को ताइवान जाने का अधिकार है।

ताइवान दौरे से चीन-अमेरिकी संबंधों पर पड़ेगा नकारात्मक प्रभाव : चीनी विदेश मंत्रालय
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने पिछले महीने एक प्रेस वार्ता में कहा कि पेलोसी की ताइवान यात्रा का चीन-अमेरिकी संबंधों की राजनीतिक नींव पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।  
राष्ट्रपति बाइडन ने भी कहा था कि अमेरिकी सेना का मानना है कि यह हाउस रिप्रेजेंटेटिव की अध्यक्ष नैंसी के लिए 'अच्छा विचार' नहीं है। पेलोसी योजना के अनुसार ताइवान की यात्रा करेंगी। व्हाइट हाउस के प्रेस पूल ने बाइडेन के हवाले से कहा, "सेना को लगता है कि अभी यह अच्छा विचार नहीं है।" चीन ने पहले भी कई मौकों पर अमेरिका और ताइवान क्षेत्र की बीच किसी भी प्रकार की आधिकारिक बातचीत पर कड़ा विरोध जताया है। 


फोन कॉल में जिनपिंग-बाइडन के बीच क्या हुई बात?
पिछले हफ्ते अमेरिका और चीनी राष्ट्रपति के बीच एक फोन कॉल में शी जिनपिंग ने बाइडन से कहा कि चीन राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा करेगा। जिनपिंग ने कहा कि जो लोग आग से खेलते हैं वे इससे नष्ट हो जाएंगे। इस बीच, बाइडन ने चीनी राष्ट्रपति से कहा कि ताइवान पर अमेरिकी नीति नहीं बदली है और वाशिंगटन यथास्थिति में एकतरफा बदलाव का विरोध करता है। 

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