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अमेरिका का गंभीर आरोप- चीनी कंपनियां अपनी सरकार को भेज रहीं लोगों के पते व नंबर
Tue, 04 Aug 2020 08:29 AM IST
संजीव कुमार झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Tue, 04 Aug 2020 08:29 AM IST
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Mike Pompeo and Xi Jinping
- फोटो : social media
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अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा है कि अमेरिका में कारोबार करने वाली चीनी सॉफ्टवेयर कंपनियां चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी को सीधे डाटा भेज रही हैं। पोम्पियों ने रविवार को फॉक्स न्यूज से कहा कि अमेरिका में कारोबार कर रही टिकटॉक और वीचैट जैसी तमाम चीनी कंपनियां डाटा सीधे चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी को ट्रांसफर कर रही हैं।
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इस डाटा में लोगों के घरों के पते, फोन नंबर और उनके दोस्तों के बारे में जानकारी हो सकती है। इन मसलों को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सुलझाने जा रहे हैं। यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। यह अमेरिकी नागरिकों की निजता का मुद्दा है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने जुलाई में भी कहा था कि ट्रंप प्रशासन निजता चिंताओं को लेकर टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने का विचार कर रहा है।
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कई अमेरिकी सांसद भी यह आशंका जता चुके हैं कि चीन टिकटॉक के जरिये राष्ट्रपति चुनाव में दखल दे सकता है। इस वजह से ट्रंप ने इस एप को बैन करने की बात कही है। उधर अब इस एप को माइक्रोसॉफ्ट को बेचने की बातचीत चल रही है।
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जिसकी वजह से बैन करने पर रोक लग जाने की बात सामने आई थी। मगर ट्रंप किसी भी तरह से इस कंपनी का स्वामित्व बदले जाने के बाद भी इसको चलने देने के पक्ष में नहीं हैं। बता दें कि ट्रंप भी इस मुद्दे पर चीन के खिलाफ बोलते रहे हैं।