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चीन में आवाज दबाने का सिलसिला जारी, कोरोना पर खुलासे के कारण महिला पत्रकार को भेजा जेल
Mon, 28 Dec 2020 01:30 PM IST
अनवर अंसारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: अनवर अंसारी
Updated Mon, 28 Dec 2020 01:30 PM IST
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सिटिजन जर्नलिस्ट झांग झान (फाइल फोटो)
- फोटो : youtube screengrab
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चीन ने कोरोना वायरस का केंद्र रहे वुहान में कोविड-19 को लेकर खुलासा करने वाली सिटिजन जर्नलिस्ट झांग झान को झगड़ा करने और समस्याओं को उकसाने का दोषी करार दिया है। चीनी अदालत ने उन्हें चार साल जेल की सजा सुनाई है।
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झांग के वकील ने सोमवार को बताया कि उन्हें लाइव स्ट्रीम रिपोर्टिंग करने के लिए चार साल जेल की सजा सुनाई गई है। हालांकि, शंघाई की अदालत ने अपने आदेश में कहा कि झांग झान को यह सजा महामारी के शुरुआती चरणों में उनके द्वारा झगड़ा करने और समस्याओं को उकसाने को लेकर सुनाई गई है।
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झांग के वकील रेन क्वानियु ने कहा कि सजा का ऐलान होने पर झांग झान बहुत निराश दिखाई दीं। जैसे ही न्यायधीश ने फैसला पढ़ा, उनकी मां जोर-जोर से चिल्लाने लगीं। वहीं, 37 वर्षीय झांग के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ रही है, क्योंकि उन्होंने जून में भूख हड़ताल शुरू की थी।
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महामारी की शुरुआत में फरवरी महीने में झांग की लाइव रिपोर्ट्स और उनके लेखों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जमकर साझा किया गया। इस कारण वह अधिकारियों के निशाने पर आ गईं। गौरतलब है कि चीनी अधिकारियों ने महामारी से निपटने में चीन सरकार की आलोचना करने के आरोप में अब तक आठ वायरस व्हिसलब्लोअर्स को सजा दी है।
गौरतलब है कि चीन में स्वतंत्र मीडिया जैसी कोई चीज नहीं है और वहां सरकार की आलोचना करने पर पत्रकारों की गिरफ्तारी आम बात है। इसके अलावा, चीन की कम्युनिस्ट पार्टी पत्रकारों से उसका एजेंडा प्रसारित करने का दबाव भी बनाती है।
बीजिंग अपनी सीमाओं के भीतर कोरोना वायरस संक्रमण पर लगाम लगाने के लिए दुनियाभर में अपनी वाहवाही कर रहा है। साथ ही अपनी अर्थव्यवस्था को फिर से खड़ा करने में लगा हुआ है, जबकि दुनियाभर के देशों में कोरोना मामलों और लॉकडाउन के चलते अर्थव्यवस्था का बेड़ा गर्क हुआ पड़ा है।
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इस अभूतपूर्व महामारी के दौरान सूचना प्रवाह को नियंत्रित करना चीनी अधिकारियों के लिए अति महत्वपूर्ण रहा है, क्योंकि उन्होंने इसके जरिए अपने ऊपर लगे आरोपों से पल्ला झाड़ा है। इसलिए जब भी किसी व्यक्ति ने चीन की करतूत को दुनिया के सामने लाने का प्रयास किया है, उसे या तो गिरफ्तार कर लिया जाता है या फिर उसे कड़ी सजा दी जाती है।