{"_id":"5841032e4f1c1b0d1ede814b","slug":"pak-china-start-direct-rail-and-freight-service","type":"story","status":"publish","title_hn":"500 टन सामान लेकर चीन से पाकिस्तान पहुंची मालगाड़ी, PoK का ऐसे हुआ इस्तेमाल ","category":{"title":"China","title_hn":"चीन","slug":"china"}}
500 टन सामान लेकर चीन से पाकिस्तान पहुंची मालगाड़ी, PoK का ऐसे हुआ इस्तेमाल
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 02 Dec 2016 10:49 AM IST
विज्ञापन
सीपीईसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चीन और पाकिस्तान ने बृहस्पतिवार को दोनों देशों को जोड़ने वाली डायरेक्ट रेल सेवा के साथ समुद्री मालवाहक सेवा का शुभारंभ किया। इसी के साथ चीन के यून्नान प्रांत से पाकिस्तान के लिए पहली मालगाड़ी रवाना की गई।
चीन की स्थानीय न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, चीन के यून्नान प्रांत की राजधानी कनमिंग से 500 टन माल लेकर पहली मालगाड़ी बृहस्पतिवार देर शाम कराची पहुंची। चीन और पाकिस्तान के बीच शुरू हुई इस सीधी रेल सेवा और समुद्री ढुलाई सेवा शुरू होने से परिवहन लागत में 50 प्रतिशत तक की कमी आयेगी।
यह सेवा दोनों देशों के बीच शुरू हुए 46 अरब अमेरिकी डॉलर के आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के प्रोजेक्ट का एक हिस्सा है। यह आर्थिक गलियारा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से होकर गुजरता है। ऐसे में दोनों देशों के बीच शुरू हुई यह रेल सेवा भारत के लिए चिंता का विषय है। भारत ने पीओके से होकर गुजरने वाले इस गलियारे का कड़ा विरोध किया था।
विज्ञापन
सीपीईसी परियोजना को 2015 में शुरू किया गया था जिसके तहत पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह और पश्चिमोत्तर चीन को जोड़ने का काम शुरू किया गया था। अक्टूबर 2015 में चीन ने गवादर बंदरगाह का इस्तेमाल व्यापारिक गतिविधियों के लिए करना शुरू कर दिया। चीन इस बंदरगाह के जरिए अपने मालों को यूरोप और अफ्रीका के अन्य देशों में भेजता है।
इस बीच, कराची के व्यापारिक संगठन, चैंबर ऑफ कामर्स ने इस रेल सेवा के शुभारंभ का स्वागत करते हुए कहा कि इस कदम से दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी। इससे सिर्फ चीन को दुनिया के बाजारों से जुड़ने को मौका मिलेगा साथ ही पाकिस्तानी बिजनसमैनों को वैश्विक स्तर पर उभरने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
चीन की स्थानीय न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, चीन के यून्नान प्रांत की राजधानी कनमिंग से 500 टन माल लेकर पहली मालगाड़ी बृहस्पतिवार देर शाम कराची पहुंची। चीन और पाकिस्तान के बीच शुरू हुई इस सीधी रेल सेवा और समुद्री ढुलाई सेवा शुरू होने से परिवहन लागत में 50 प्रतिशत तक की कमी आयेगी।
विज्ञापन
यह सेवा दोनों देशों के बीच शुरू हुए 46 अरब अमेरिकी डॉलर के आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के प्रोजेक्ट का एक हिस्सा है। यह आर्थिक गलियारा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से होकर गुजरता है। ऐसे में दोनों देशों के बीच शुरू हुई यह रेल सेवा भारत के लिए चिंता का विषय है। भारत ने पीओके से होकर गुजरने वाले इस गलियारे का कड़ा विरोध किया था।
विज्ञापन
सीपीईसी परियोजना को 2015 में शुरू किया गया था जिसके तहत पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह और पश्चिमोत्तर चीन को जोड़ने का काम शुरू किया गया था। अक्टूबर 2015 में चीन ने गवादर बंदरगाह का इस्तेमाल व्यापारिक गतिविधियों के लिए करना शुरू कर दिया। चीन इस बंदरगाह के जरिए अपने मालों को यूरोप और अफ्रीका के अन्य देशों में भेजता है।
इस बीच, कराची के व्यापारिक संगठन, चैंबर ऑफ कामर्स ने इस रेल सेवा के शुभारंभ का स्वागत करते हुए कहा कि इस कदम से दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी। इससे सिर्फ चीन को दुनिया के बाजारों से जुड़ने को मौका मिलेगा साथ ही पाकिस्तानी बिजनसमैनों को वैश्विक स्तर पर उभरने में मदद मिलेगी।