भारत की चाहत ‘सबसे खूबसूरत महिला’ बनने की: चीनी मीडिया
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चीन के सरकारी मीडिया ने एक बार फिर अमेरिका के साथ भारत के एक समझौते को लेकर उसकी आलोचना की है। चीन की सरकारी मीडिया ने अमेरिका के साथ साजो सामान विनिमय के समझौते पर हस्ताक्षर करने के भारत के निर्णय पर हमला बोला है। चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि दोनों देशों के बीच अविश्वास के कारण प्रस्तावित समझौता रूका हुआ है। क्योंकि भारत की चाहत ‘सबसे खूबसूरत महिला’ बनने की है जिसे सभी खासकर अमेरिका और चीन अपनी ओर लुभाएं। यह लेख ऐसे समय में सामने आया है जब भारत के रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने चीनी अधिकारियों के साथ वार्ता के लिए चीन की अपनी पहली यात्रा शुरू की है।
ऐसे में सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स ने एक लेख में कहा कि उनके पारंपरिक अविश्वास के बावजूद भारत अमेरिका के गठबंधन की अटकलें लगाना महाशक्यिों के बीच झूलने वाले देश की भूमिका निभाने की भारत की महत्वाकांक्षा को स्पष्ट रूप से कम करके आंकना है।
अमेरिका के रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर ने पिछले सप्ताह भारत की तीन दिवसीय यात्रा में घोषणा की थी कि वह और उनके भारतीय समकक्ष ने इस मामले में सैद्धांतिक सहमति जताई है कि लॉजिस्टिक सपोर्ट समझौते (एलएसए) संबंधी सभी मसलों को सुलझा लिया गया है। समाचार पत्र ने एलएसए पर हस्ताक्षर करने के भारत के निर्णय को रेखांकित करते हुए कहा कि साजो सामान के विनिमय संबंधी समझौते ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया में ये अटकलें शुरू कर दी हैं कि दोनों पक्ष चीन को नियंत्रित करने के लिए एक ही नौका में सवार हैं। उसने कहा कि एलएसए का मकसद ईंधन भरने और मरम्मत करने समेत साजो सामान संबंधी कार्यों के लिए सैन्य अड्डों को साझा करना है। इसलिए यह एक्वीजिशन एंड क्रॉस सर्विसिंग एग्रीमेंट (एसीएसए) के बहुत मिलता जुलता है। अमेरिका ने अपने कई नाटो सहयोगियों के साथ यह समझौता किया है।