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चीन की घुड़की, भारत के विरोध से नहीं पड़ेगा CPEC पर असर

Tue, 16 Aug 2016 04:07 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 16 Aug 2016 04:07 PM IST
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china won't give up pok corridor
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और चीन के विदेश मंत्री वांग यी - फोटो : PTI

शनिवार को दिल्ली में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से पीओके में आर्थिक गलियारे पर भारत की चिंता को मजबूती से रखा था। भारत की चिंता पर प्रतिक्रिया देते हुए चीन के सरकारी अखबार ने कहा,'चीन, भारत के विरोध की वजह से चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के विचार को नहीं छोड़ेगा।' पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) से होकर गुजरने वाले चीन के आर्थिक गलियारे पर भारत द्वारा विरोध किए जाने पर चीन के मीडिया ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

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ग्लोबल टाइम्स ने ने लिखा, 'भारत को आर्थिक गलियारे को लेकर सकारात्मक रवैया अपनाना चाहिए। इस योजना से क्षेत्र में तेज विकास होगा और स्थानीय लोगों को इसका फायदे मिलेगा। अगर चीन और पाकिस्तान के आर्थिक सहयोग से क्षेत्र में बुनियादी ढांचे में सुधार होता है, तो इससे भारत के पास भी मध्य एशिया तक व्यापार मार्गों का विस्तार करने का मौका होगा।'
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अखबार में प्रकाशित लेख के अनुसार,'हाल के वर्षों में चीन ने दोनों देशों भारत और पाकिस्तान के साथ आर्थिक रिश्ते विकसित किए हैं, इसलिए चीन की किसी का पक्ष लेने में रूचि नहीं है।' लेख में कहा गया,'क्षेत्र में सीपीईसी समाधान के लिए विदेशी निवेशकों को रोकने के बजाए, भारत को अपना ध्यान कश्मीर विवाद हल करने के लिए पाकिस्तान से बातचीत पर केंद्रित करना चाहिए।'

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पाकिस्तान सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन और पाकस्तान के सैन्य बलों ने पीओके-शिनजियांग सीमा पर संयुक्त रूप से गश्ती की थी। विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान इस क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है। 

चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स में प्रकाशित लेख में हालांकि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर कई बार प्रयोग किया गया। अखबार  में कहा गया कि भारत, पाकिस्तान और चीन के बीच आर्थिक सहयोग से खुला वातावरण बनेगा जो कश्मीर विवाद हल करने में मदद करेगा। अखबार ने भारत को राष्ट्रीय हितों के लिए दूर दृष्टि अपनाने की भी सलाह दी। अखबार ने कहा,'भारत राजनीति को अलग रखकर आर्थिक विकास के कार्य में सहयोग कर सकता है, भारत का स्वागत किया जाएगा।'

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